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गुटखा माफिया किशोर वाधवानी पर 2002 करोड़ का हथौड़ा: एमपी के सबसे बड़े टैक्स चोर रैकेट का खुलासा

25 से ज्यादा कारोबारी भी फंसे जाल में खुलासा फर्स्ट, इंदौर । सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने टैक्स चोर गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उसके नेटवर्क पर 2002 करोड़ रुपए का टैक्स डिमांड नोट

Khulasa First

संवाददाता

10 दिसंबर 2025, 7:56 पूर्वाह्न
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गुटखा माफिया किशोर वाधवानी पर 2002 करोड़ का हथौड़ा

25 से ज्यादा कारोबारी भी फंसे जाल में

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट इंदौर ने टैक्स चोर गुटखा कारोबारी किशोर वाधवानी और उसके नेटवर्क पर 2002 करोड़ रुपए का टैक्स डिमांड नोटिस ठोंक दिया है। यह मप्र के इतिहास की सबसे बड़ी टैक्स रिकवरी मानी जा रही है। इस नोटिस की सीधी जद में एलोरा टोबैको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन, किशोर वाधवानी, श्याम खेमानी, अनमोल मिश्रा, धर्मेंद्र पीठादिया, राजू गर्ग, शिमला इंडस्ट्रीज प्रालि, देवेंद्र द्विवेदी, विनायका फिल्टर्ड प्रालि और विनोद बिदासरिया जैसे नाम शामिल हैं, जिन पर करोड़ों की टैक्स चोरी का ठोस आरोप है।

इनके अलावा रमेश परिहार, टीएएन इंटरप्राइजेज, एसआर ट्रेडिंग, निश्का इंटरप्राइजेज, इंक फ्रूट, एमएन इंटरप्राइजेज, रानी प्रेस प्रालि, जौहर हसन तथा एनजी ग्राफिक्स एंड ब्लॉक मेकर्स जैसे कई और कारोबारी भी इस भारी-भरकम नोटिस की जद में आए हैं। दस्तावेजों के अनुसार यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से टैक्स चोरी करता आ रहा था।

सुप्रीम कोर्ट से भी झटका- हाई कोर्ट में हार के बाद वाधवानी गिरोह सुप्रीम कोर्ट तक गया। 2 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने भी हाई कोर्ट के निर्णय को सही ठहराते हुए उसकी अपील खारिज दी। इस फैसले के बाद कमिश्नरेट ने 6 दिसंबर को 2002 करोड़ का फाइनल टैक्स डिमांड नोटिस जारी किया, जिसमें 75.67 करोड़ एक्साइज ड्यूटी शामिल है।

जांच में खुलासा हुआ कि दबंग दुनिया अखबार के डायरेक्टर वाधवानी ने अखबार की बिक्री को 10 गुना तक बढ़ाकर दिखाया। वास्तविक सर्कुलेशन 6 से 10 हजार के बीच था, लेकिन कागजों में 60 हजार से 1 लाख दर्शाया। इसके पीछे उसका असली खेल था फर्जी इनवॉइस बनाकर जीएसटी चोरी का पैसा और अन्य बिजनेस की काली कमाई खपाना।

इसी जांच में 904 फर्जी इनवॉइस पकड़े गए, जिनका उपयोग करोड़ों के टैक्स घोटाले को छिपाने में किया गया। इस पूरे मामले में डीजीजीआई ने किशोर वाधवानी और उसके भतीजे नीतेश वाधवानी पर आईपीसी की धाराओं 420, 467, 468, 471 और 120-B के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है।

2020 की छापेमारी से हुआ खुलासा
जून 2020 में कमिश्नरेट ने इन कंपनियों और उनके ठिकानों पर छापे मारे थे। कार्रवाई में टैक्स चोरी के पुख्ता सबूत मिले और विभाग ने तुरंत 151 करोड़ की जीएसटी और 76 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी की चोरी का नोटिस थमाया। आरोपी इस कार्रवाई को टालने हाई कोर्ट पहुंचे, लेकिन कोर्ट ने याचिका खारिज कर साफ कहा था कि पक्षकार ‘न्यायिक प्रक्रिया को जानबूझकर लंबा खींचना चाहते हैं।’ कोर्ट ने उन पर 2 लाख रुपए की पेनल्टी भी ठोंकी।

गुटखा-अखबार-फर्जी बिलिंग… तीन धंधों की मिलीभगत
किशोर वाधवानी, जो एलोरा टोबैको (ईटीसीएल) का प्रोपराइटर है, उसके ठिकानों से डीजीजीआई ने जून 2020 में छापों के दौरान भारी मात्रा में टैक्स चोरी पकड़ी थी। जुलाई 2017 से जून 2020 के बीच उसने लगातार टैक्स चोरी की। पकड़े जाने के बाद 15 जून 2020 को वाधवानी की गिरफ्तारी हुई, हालांकि उसे जमानत मिल गई।

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