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2 साल की मासूम से हैवानियत करने वाले को चार बार उम्रकैद: दरिंदे ट्रक ड्राइवर के खिलाफ कोर्ट का बड़ा फैसला

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । जिला अदालत ने दो साल की मासूम से दुष्कृत्य और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी ट्रक ड्राइवर दिनेश डाबर को चार अलग-अलग धाराओं में चार बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फैसल

Khulasa First

संवाददाता

06 दिसंबर 2025, 10:32 पूर्वाह्न
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2 साल की मासूम से हैवानियत करने वाले को चार बार उम्रकैद

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
जिला अदालत ने दो साल की मासूम से दुष्कृत्य और हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी ट्रक ड्राइवर दिनेश डाबर को चार अलग-अलग धाराओं में चार बार उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने फैसले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपी की करतूत उसकी कुंठित और आपराधिक मानसिकता को दर्शाती है। ऐसी स्थिति में न्यूनतम सजा देना अन्याय होगा।

धार जिले के करददा गांव निवासी 38 वर्षीय दिनेश डाबर 12 अक्टूबर 2022 की रात शहर के पश्चिम क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान में रहने वाले परिवार की दो वर्षीय बच्ची को उठाकर ले गया था। कुछ देर बाद जब मां को बच्ची दिखाई नहीं दी तो पिता-माता ने आसपास तलाशा, लेकिन सुराग नहीं मिला।

सुबह डायल-100 के जवानों ने रेती मंडी रोड स्थित खंभाती कंपाउंड के पास झाड़ियों में गंभीर रूप से घायल बच्ची को देखा। पहचान होने के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिनमें आरोपी बच्ची के घर जाता और लौटता दिखाई दिया।

बच्ची के पिता ने फुटेज देखकर ट्रक ड्राइवर दिनेश के रूप में पहचान की। डीएनए रिपोर्ट में वारदात में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई।

इन धाराओं में मिली उम्रकैद
5 दिसंबर को विशेष न्यायालय (पॉक्सो) की न्यायाधीश क्षिप्रा पटेल ने दिनेश को दोषी मानते हुए धारा 5M/6 पॉक्सो- आजीवन कारावास, धारा 5-J(iii)/6 पॉक्सो- आजीवन कारावास, धारा 5(e)/6 पॉक्सो- आजीवन कारावास, धारा 307 (हत्या का प्रयास)- आजीवन कारावास, इसके अलावा धारा 366 भादंवि में 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 42 हजार रुपए अर्थदंड किया।

अभियोजन को मजबूत बनाया 31 गवाहों ने- कोर्ट ने इस मामले में सभी 31 गवाहों को भरोसेमंद माना। परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी मजबूत रहे, जिनके आधार पर आरोपी को चार उम्रकैद की सजा सुनाई।

कोर्ट ने पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत बच्ची को 3 लाख रुपए भी देने की अनुशंसा की है। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक सुशीला राठौर और प्रीति अग्रवाल ने पैरवी की।

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