खबर
टॉप न्यूज

2 आरोपी पकड़े, इन्वेस्ट कराकर रकम उड़ाई: पूर्व विधायक से जुड़े लोगों के प्रभाव का हवाला देकर 55 लाख रुपए की ठगी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को अमेरिकी क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्टमेंट का लालच देकर 55 लाख रुपए की बड़ी ठगी का करने का मामला सामने आया है। राज्य साइबर सेल ने इस धोखाधड़ी में श

Khulasa First

संवाददाता

07 दिसंबर 2025, 10:43 पूर्वाह्न
2 views
शेयर करें:
2 आरोपी पकड़े, इन्वेस्ट कराकर रकम उड़ाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर में एक प्रॉपर्टी कारोबारी को अमेरिकी क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्टमेंट का लालच देकर 55 लाख रुपए की बड़ी ठगी का करने का मामला सामने आया है। राज्य साइबर सेल ने इस धोखाधड़ी में शामिल शहर के दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित ने बताया कि प्रॉपर्टी की एक बड़ी डील पूरी होने के बाद वह नई फॉर्च्यूनर कार खरीदने वाला था, लेकिन आरोपियों ने उसे दोगुना रकम का लालच देकर अपने जाल में फंसा लिया।

साइबर सेल के अनुसार आरोपियों मुर्तजा शेफी (48) निवासी खातीवाला टैंक और ताहिर (22) निवासी राऊ ने पीड़ित हितेश से नकद 55 लाख रुपए लेकर उसे यूएसडीटी (यूनाइटेड स्टेट्स डिजिटल टीथर करंसी) खरीदवा दी। यह यूएसडीटी पीड़ित के ट्रस्ट वॉलेट में ट्रांसफर भी करवा दी गई।

इसके बाद आरोपियों ने ऑथेंटिकेशन के नाम पर उसे एक लिंक भेजी और क्लिक करने को कहा। जैसे ही पीड़ित ने लिंक पर क्लिक किया ट्रस्ट वॉलेट से पूरे 65000 यूएसडीटी एक अन्य वॉलेट में ट्रांसफर कर दी गईं। पीड़ित के होश उड़ गए और उसने तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

व्हाट्सऐप चैट, मोबाइल, सिम जब्त
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल, सिम और व्हाट्सएप चैट जब्त कर ली है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी नकद राशि लेकर अपना कमीशन काटते और बाकी को यूएसडीटी में कन्वर्ट कर दूसरे वॉलेट में भेज देते थे।

राज्य साइबर सेल दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह जानने की कोशिश कर रही है कि यूएसडीटी किस विदेशी वॉलेट में भेजी गई और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

पूर्व विधायक से जुड़े व्यक्ति ने दिलाया भरोसा: सूत्रों के मुताबिक प्रॉपर्टी कारोबारी हितेश की पहचान बंटी शर्मा से एक प्लॉट खरीद-फरोख्त के दौरान हुई थी। बंटी ने हितेश को बताया कि वह भी क्रिप्टो करंसी में इन्वेस्ट करता है और ताहिर–मुर्तजा को यूएसडीटी डीलर के तौर पर जानता है।

इस भरोसे और लालच में आकर हितेश ने पूरी रकम उनके हवाले कर दी, जिसके बाद यह ठगी हो गई। साइबर सेल अब बंटी शर्मा से भी पूछताछ कर रही है कि उसकी भूमिका सिर्फ परिचय करवाने तक थी या वह इस पूरे रैकेट से जुड़ा था।

टैग:

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!