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150 पुलिसकर्मियों के सामने खुल गया वसूलीबाज का कच्चा चिट्ठा

विवादित हेड कॉन्स्टेबल शैलेंद्र मीणा की नई ‘ करतूत का खुलासा’ एसीपी के ग्रुप में डला ‘रिश्वत लो-रिश्वत दो’ ऑडियो, - 20 मिनट रहा वायरल, डिलीट करने से पहले एसीपी सहित कई अधिकारियों ने सुना खुलासा फर्स्ट

Khulasa First

संवाददाता

12 दिसंबर 2025, 10:07 पूर्वाह्न
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150 पुलिसकर्मियों के सामने खुल गया वसूलीबाज का कच्चा चिट्ठा

विवादित हेड कॉन्स्टेबल शैलेंद्र मीणा की नई ‘ करतूत का खुलासा’

एसीपी के ग्रुप में डला ‘रिश्वत लो-रिश्वत दो’ ऑडियो, - 20 मिनट रहा वायरल, डिलीट करने से पहले एसीपी सहित कई अधिकारियों ने सुना

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह की सख्ती के बावजूद हीरा नगर थाने का एक हेड कॉन्स्टेबल रिश्वत लो-रिश्वत दो का खेल, खेल रहा है। एडीजी रैंक के एक अधिकारी और एक टीआई का वरदस्त होने के कारण इस रसूखदार हेड कॉन्स्टेबल पर कार्रवाई से अफसर बच रहे हैं।

दरअसल 19 सेकंड़ में ऐसे हुआ भ्रष्टाचार का खुलासा एसीपी के ग्रुप में जो ऑडियो डिलिट किया गया था। उसमें दो लोगों के बीच बातचीत हो रही है। इनमें से एक हेड कांस्टेबल शैलेंद्र मीणा है तो दूसरे के बारे में पता नहीं चला है। एक बात तो स्पष्ट है कि बातचीत आमने-सामने हो रही है।

इस दौरान एसीपी के ग्रुप का माइक ऑपश्न चालू रह गया और दोनों की बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड होने के साथ-साथ गलती से पोस्ट भी हो गया, जिसमें एक व्यक्ति बोल रहा है कि... रिश्वत दो और क्या... तब मीणा बोल रहा हैं... हां रिश्वत दो और क्या...। फिर दूसरा व्यक्ति बोल रहा है कि वह इशारा कर रहा है दो...। उसके साथ खड़ा व्यक्ति बोला नहीं-नहीं, अभी रखो तुम... इसपर किसी की आवाज आई...अरे।

एसीपी रूबीना मिझवानी के व्हाट्सएप ग्रुप पर रात 8:01 बजे हेड कांस्टेबल शैलेंद्र मीणा ने रिश्वतखोरी से जुड़ा ऑडियो डाल दिया। यहां 20 मिनट तक रहा, जिसे एसीपी सहित ग्रुप के 180 पुलिसकर्मियों में से 150 ने सुना। इसके बाद मचे हड़कंप से ग्रुप एडमिन घनश्याम ने ऑडियो को 8:21 बजे डिलीट कर दिया।

हालांकि पुलिस महकमे में चर्चा का बड़ा मसला बन गया। ऑडियो में शैलेंद्र मीणा की रिश्वत देने-लेने की बात स्पष्ट सुनाई दे रही है। इतना ही नहीं, रिकॉर्डिंग के अंत में वह संभवत: रुपयों का आदान-प्रदान करते भी सुनाई दे रहा है। ऑडियो रिकार्डिंग जान बूझकर नहीं बल्कि गलती से डल गई, लेकिन इससे भ्रष्ट शैलेंद्र मीणा की रिश्वतखोरी का खुलासा हो गया, जिसे अब दबाना मुश्किल हो रहा है। खास बात यह एसीपी मिझवानी ने न शैलेंद्र मीणा को तलब किया, न पूछताछ की। वहीं टीआई सुशील पटेल ने भी कोई एक्शन नहीं लिया।

एडीजी और टीआई का वरदहस्त
खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में खुलासा हुआ विवादित हेड कॉन्स्टेबल शैलेंद्र मीणा पर एक एडीजी रैंक के अधिकारी और एक टीआई का वरदस्त है। बाणगंगा थाने पर पदस्थ रहने के दौरान पूर्व टीआई ने थाने की गोपनीय जानकारी देने पर फटकार ही नहीं लगाई थी थाने से रवानगी देखकर लाइन अटैच कर दिया था। मीणा ने सेटिंग कर हीरा नगर थाने पर पोस्टिंग करवा ली।

खेला डबल गेम: करीब दो महीने हेड कॉन्स्टेबल कमल नागराज के पास मारपीट के मामले की जांच आई थी, जिसमें आरोपी पाल नामक फल व्यवसायी था। इसकी विजय नगर क्षेत्र में दुकान है। शैलेंद्र मीणा, कमल नागराज को लेकर फल व्यवसायी की दुकान पर पहुंचा और कमल को दोस्त बताया। कहा कमल तुझे बचा लेगा, लेकिन दो लाख रुपए लगेंगे।

दूसरे दिन फल व्यवसायी को कमल नागराज की शिकायत लेकर मीणा ने लोकायुक्त कार्यालय भेज दिया। लोकायुक्त की टीम पैसे लेते कमल को रंगे हाथों पकड़न चाहती थी, लेकिन दबिश की सूचना लीक हो गई। डीसीपी जोन-3 राजेश व्यास तत्काल हीरा नगर थाने पहुंचे। हेड कॉन्स्टेबल कमल नागराज से केस की डायरी ले ली और उसका मोबाइल बंद कराने के बाद जैसे-तैसे मामले को रफा-दफा किया। इसके बाद उसे थाने से हटा दिया। इस मामले में कमल नागराज की पत्नी ने थाने के विभिषणों की शिकायत पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह से की है।

ऑडियो को वेरीफाई कर रहे हैं...
प्रभातफेरी में ड्यूटी थी। वहां जानकारी मिली संबंधित ऑडियो ग्रुप से डिलीट किया जा चुका है। ऑडियो को वेरीफाई करवा रही हूं। - रुबीना मिझवानी, एसीपी, हीरा नगर

लाइन अटैच कर एडीसीपी को सौंपी जांच...
यदि किसी सरकारी ग्रुप में कोई गलत चीज सेंड की जाती है, जो कि सेवा नियमों के विपरित हो। चाहे पर सेंड करने वाला कोई भी हो उस पर जांच के बाद कार्रवाई होगी। फिलहाल संबंधित हेड कांस्टेबल शैलेंद्र मीणा को लाइन अटैच करते हुए मामले की प्राथमिक जांच एडीसीपी रामसनेही मिश्रा को सौंपी है। उन्हें तीन दिनों में जांच और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। - राजेश व्यास, (डीसीपी जोन-3)

मेरे भाई से सामान्य बात चल रही थी...
गांव में खेतों की 15 दिनों की लाइट कटी थी। मेरे भाई से इसी विषय पर सामान्य बात चल रही थी। मैं उसमें कोई गलत बात नहीं कर रहा हूं। गलती से गु्रप में पोस्ट हो गई। किसी चाहने वाले ने उसे वायरल कर दिया। - शैलेंद्र मीणा, (हेड कांस्टेबल)

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