भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 150 से अधिक बीमार: 3 की मौत
नगर निगम अफसरों की लापरवाही से क्षेत्र में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी मंत्री विजयवर्गीय बोले- प्रशासन उठाएगा सभी मरीजों के इलाज का खर्च महापौर भार्गव, मंत्री और विधायक ने मरीजों से मुलाकात कर
Khulasa First
संवाददाता

नगर निगम अफसरों की लापरवाही से क्षेत्र में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या बढ़ी
मंत्री विजयवर्गीय बोले- प्रशासन उठाएगा सभी मरीजों के इलाज का खर्च
महापौर भार्गव, मंत्री और विधायक ने मरीजों से मुलाकात कर जाने हाल
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नगर निगम अफसरों की लापरवाही से भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदा व दूषित पानी पीने से अब तक 150 से अधिक लोग बीमार होकर अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। 4-5 दिन से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सोमवार को एक ही दिन में करीब 35 लोगों के अस्पताल में भर्ती होने तथा मंगलवार को 3 मरीजों की मौत हो जाने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
बीती रात नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक रमेश मेंदोला अस्पतालों में जाकर मरीजों से मिले और उनके हालचाल जानने के साथ ही सभी का इलाज प्रशासन की ओर से करने तथा पानी दूषित होने के कारणों की जांच के निर्देश दिए।
नगर निगम जोन-4 में आने वाले भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदा व दूषित पानी पीने से बीते 5 दिन में डेढ़ सौ से अधिक लोग बीमार हुए हैं। कई लोग इलाज कराने के बाद घर भी पहुंच गए, लेकिन सोमवार को एक साथ 35 से अधिक लोगों के बीमार होने से कलेक्टर शिवम वर्मा और निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव भी सक्रिय हो गए। कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग व निगम का अमला क्षेत्र में पहुंचा और मरीजों को इलाज मुहैया कराया।
सभी पीड़ितों का बेहतर इलाज हो: मुख्यमंत्री
भागीरथपुरा में गंदा व दूषित पानी से लोगों के बीमार होने का मामला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल सभी मरीजों का बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए। इसके बाद ही प्रशासन व निगम अफसर जागे। बताया जाता है मुख्यमंत्री के दखल देने के बाद ही मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, महापौर पुष्यमित्र भार्गव और विधायक रमेश मेंदोला ने अस्पताल पहुंचकर मरीजों से मुलाकात की।
विजयवर्गीय ने संबंधित अस्पतालों को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज से इलाज के पैसे नहीं लिए जाएं। इलाज का खर्च प्रशासन उठाएगा। जिन्होंने पैसे जमा करा दिए हैं, उनके पैसे लौटाए जाएंगे। वहीं उन्होंने कहा पानी के दूषित होने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। टीमें लगातार पानी के सैंपल ले रही हैं, जल्द ही खुलासा होगा।
वर्मा और त्रिवेणी अस्पताल में मरीज बढ़े: लोगों को उल्टी, दस्त और पेटदर्द की शिकायत के बाद नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। इनमें 20 से अधिक मरीज वर्मा हॉस्टिपल में, जबकि अन्य त्रिवेणी हॉस्पिटल में भर्ती हैं। 3 मरीजों ने मंगलवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं बाकी मरीजों की हालत स्थिर है। रहवासियों के मुताबिक लोगों को दूषित पानी से उल्टी, लूज मोशन, बदहजमी होने का सिलसिला 24 दिसंबर से चल रहा है। इसके चलते ही लगातार मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
ड्रेनेज युक्त पानी
रहवासियों का कहना है भागीरथपुरा क्षेत्र में पेयजल और सीवरेज की पाइप लाइन डालने के लिए खुदाई कार्य चल रहा है। इसके चलते निगम द्वारा सप्लाय पेयजल में ड्रेनेज का पानी मिल रहा है। यही कारण है कि घरों में नलों से जो दूषित पानी आया, उसे पीकर लोग बीमार हुए और हो रहे हैं।
क्षेत्र के रहवासियों का कहना है कई बार गंदे व दूषित पानी की शिकायत की, लेकिन जोन-4 के अधिकारी सहित जल यंत्रालय के अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। इस लापरवाही का ही नतीजा लोग उल्टी-दस्त जैसी बीमारी से पीड़ित होकर भुगत रहे हैं।
टंकी के पानी की जांच
प्रशासन ने भागीरथपुरा स्थित टंकी के पानी की जांच कराई, जो पीने योग्य बताया गया। वहीं मंगलवार को महापौर भार्गव निगम अमले के साथ भागीरथपुरा पहुंचे और नई पाइप लाइन डालने के दौरान किस जगह सीवरेज पाइप लाइन फूटकर पेयजल की पाइप लाइन से मिल गई, इसकी जांच के निर्देश दिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गंदा व दूषित पानी कहां से घरों तक पहुंचा।
कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
वार्ड-28, 30 और 37 में गंदे व दूषित पानी की सप्लाय को लेकर कांग्रेसियों ने निगम जोन-8 पर सोमवार सुबह सैकड़ों रहवासियों के साथ प्रदर्शन किया था। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे नेे निगम अफसरों की लापरवाही के चलते उक्त घटना होने का आरोप लगाया। ज्ञात रहे कि शहर में गंदा व दूषित पानी सप्लाय किए जाने का मामला एक साल से निगम अफसरों के समक्ष उठ रहा है, लेकिन अब तक निगम शहर में गंदे व दूषित पानी सप्लाय रोक पाने में सफल नहीं हुआ।
3 मरीजों ने तोड़ा दम
भागीरथपुरा में गंदा व दूषित पानी पीने से बीमार हुए 70 वर्षीय नंदलाल पाल, सीमा पति गौरीशंकर प्रजापत (50) तथा उर्मिला यादव (70) की इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे रहवासियों में आक्रोश देखा जा रहा है। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी निगम अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। इसी कारण तीन मरीज को जान गंवाना पड़ी। इधर, बताया जाता है अस्पतालों में भर्ती कुछ मरीजों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
पानी उबालकर पीने की सलाह: स्वास्थ्य विभाग ने भागीरथपुरा के रहवासियों से पानी उबालकर ही पीने की सलाह दी है। प्रशासन ने अस्पतालों को निर्देश दिए कि मरीजों का बेहतर इलाज किया जाए। बताया जाता है रहवासी मीना सुनहरे रविवार शाम से बीमार हैं और सोमवार को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दो दिन में ही 50 से ज्यादा लोग बीमार हुए हैं। वहीं महेंद्र कैथवास और उनके बेटे दोनों बीमार हैं। महेंद्र का कहना है आसपास के लोग भी बीमार हैं।
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