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बुजुर्ग दंपती को 15 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट: बेटी की सूझबूझ से बची ठगी; 60 लाख की FD तुड़वाई

खुलासा फर्स्ट, इंदौर। डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड का एक गंभीर मामला सामने आया है। जब एक वृद्ध दंपती ने अपनी बेटी से अचानक बैंक एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया पूछी। माता-पिता की आवाज़ और व्यवहार में डर की

Khulasa First

संवाददाता

25 दिसंबर 2025, 9:30 पूर्वाह्न
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बुजुर्ग दंपती को 15 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड का एक गंभीर मामला सामने आया है। जब एक वृद्ध दंपती ने अपनी बेटी से अचानक बैंक एफडी तुड़वाने की प्रक्रिया पूछी। माता-पिता की आवाज़ और व्यवहार में डर की झलक देख बेटी को शंका हुई और उसने तुरंत साइबर फ्रॉड की आशंका जताते हुए साइबर क्राइम ब्रांच इंदौर को सूचना दी।

बेटी की सतर्कता से बची ठगी
बेटी की सतर्कता के बाद साइबर क्राइम ब्रांच इंदौर के एसआई शिवम ठक्कर ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत साइबर सेल नीमच को अलर्ट किया। इसके बाद इंदौर और नीमच पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ और वृद्ध दंपती 60 लाख रुपये की ठगी से बच गए।

पाश कॉलोनी में रहते हैं वृद्ध दंपती
जानकारी के अनुसार यह वृद्ध दंपतीपॉश कॉलोनी विकास नगर में अकेले निवास करता है। पति की उम्र करीब 74 वर्ष और पत्नी की उम्र लगभग 67 वर्ष है।

दोनों शासकीय विभाग में सेवाएं दे चुके हैं और सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन व बचत के सहारे शांत जीवन व्यतीत कर रहे थे। दंपती की तीन संतानें हैं एक बेटा और दो बेटियां जो सभी अच्छी नौकरियों में कार्यरत हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग की धमकी
जानकारी के अनुसार वृद्ध दंपती डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड का शिकार हो चुके थे। साइबर ठगों ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी और लगातार व्हाट्सएप कॉल व वीडियो कॉल के जरिए मानसिक दबाव बनाया।

डर के कारण दंपती ने पूरी घटना बेटी को नहीं बताई, बल्कि केवल एफडी तुड़वाने का तरीका पूछा। यही सवाल बेटी के लिए खतरे की घंटी बन गया।

7 मिनट में मौके पर पहुंची पुलिस टीम
सूचना मिलते ही साइबर सेल नीमच के प्रभारी प्रदीप शिंदे और उनकी टीम हरकत में आई। महज 7 मिनट के भीतर पुलिस टीम विकास नगर स्थित वृद्ध दंपती के घर पहुंच गई।

शुरुआत में दंपती अत्यधिक भयभीत थे और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे, लेकिन करीब दो घंटे की काउंसलिंग और समझाइश के बाद उन्होंने पुलिस पर भरोसा किया और पूरे साइबर फ्रॉड का खुलासा किया।

15 दिन तक मानसिक दबाव में रहे दंपती
पुलिस जांच में सामने आया कि सेवानिवृत्त दंपती 8 दिसंबर से 22 दिसंबर तक साइबर अपराधियों के संपर्क में थे। इस दौरान वे गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में चले गए थे।

नीमच एसपी अंकित जायसवाल ने स्वयं उनसे संवाद कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया और उनके मन से डर व भ्रम को दूर किया। पुलिस की समय पर कार्रवाई से न सिर्फ 60 लाख रुपये सुरक्षित रहे, बल्कि दंपती को एक बड़े साइबर क्राइम से भी बचा लिया।

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