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13 बिंदुओं से उलझेगा कारोबारी उत्तम झंवर: तुकोगंज थाने के थानेदार की विधिक समीक्षा से खुलासा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । जुलाई माह में बिल्डर उत्तम झंवर पर हुए हमले के मामले में तुकोगंज थाने के थानेदार की विधिक समीक्षा रिपोर्ट खुलासा फर्स्ट के हाथ लगी है। इसमें थानेदार ने 13 बिंदुओं पर अपनी समीक्ष

Khulasa First

संवाददाता

30 दिसंबर 2025, 9:11 पूर्वाह्न
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13 बिंदुओं से उलझेगा कारोबारी उत्तम झंवर

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
जुलाई माह में बिल्डर उत्तम झंवर पर हुए हमले के मामले में तुकोगंज थाने के थानेदार की विधिक समीक्षा रिपोर्ट खुलासा फर्स्ट के हाथ लगी है। इसमें थानेदार ने 13 बिंदुओं पर अपनी समीक्षा दी है। इससे कारोबारी उत्तम झंवर की दर्ज केस में आरोपी बनने की संभावना बढ़ गई है।

उल्लेखनीय है कि 23 जुलाई को उत्तम झंवर के न्यू पलासिया स्थित ऑफिस में बिल्डर श्रेयश झंवर पर चाकू से हमला हुआ था। तुकोगंज पुलिस ने अवनेंद्र जोशी, किशोर, विष्णु झंवर और विजय पर धारा 115, 118(1), 296, 3(5), 351(3) बीएनएस का केस (अपराध क्रमांक 302/2025) दर्ज किया था। मामले में श्रेयश ने उत्तम झंवर और दो महिलाओं को आरोपी बनाने की मांग की थी। मामले में जांचकर्ता एसआई सत्यजीत सिंह ने केस डायरी का अवलोकन किया था। 13 बिंदुओं पर निष्कर्ष निकालते हुए विधिक समीक्षा दी थी।

इन 13 बिंदुओं पर दी विधिक समीक्षा
उत्तम झंवर के ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज देखे गए, साथ ही पंचनामा में भी श्रेयश फोन पर बात करते दिख रहा है। इस दौरान आरोपियों ने श्रेयश को गालियां दी। विरोध करने पर मारपीट कर चाकू मार दिया। ऐसी स्थिति में उत्तम झंवर को अपराध के दुष्प्रेरण के आरोपी के रूप में संयोजित किया जाना अपेक्षित है।

उत्तम झंवर से बात कर उसके अनुसार अपराध करने वाले आरोपी का मोबाइल जब्त कर अपराध के दुष्प्रेरण किए जाने का साक्ष्य संकलित किया जाना अपेक्षित है।

आरोपी द्वारा फोन पर उत्तम झंवर से जिस माध्यम, जैसे सामान्य काल या एप आधारित काल किया गया, ये स्पष्ट किया जाना भी अपेक्षित है। जब्त मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाना अपेक्षित है।

आहत (श्रेयश) द्वारा घटना के तुरंत बाद जिनको भी घटना बताई है, उनके भी कथन लेख किया जाना अपेक्षित है।

अपराध के वीडियो देखे जाने के पंचनामा में आहत (श्रेयश) के समक्ष उसको सम्मिलित करते हुए बनाया जाना अपेक्षित है। आवश्यक होने पर पूरक कथन लेख किया जाना अपेक्षित है।

अपराध के वीडियो में आहत से कौन-कौन मारपीट कर रहा है। सभी मारपीट करने वालों के स्पष्ट प्रिंट आउट निकालकर संलग्न किया जाना भी अपेक्षित है।

संलग्न पेनड्राइव को किस तरह साक्ष्य में लिया गया, जब्ती से या पेश करने पर यह भी स्पष्ट किया जाना अपेक्षित है।

अपराध में घटना स्थल पर 5 या अधिक आरोपी होने की दशा में 191(2), 191(3), 190 बीएनएस का इजाफा किया जाना भी अपेक्षित है।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 105 के अनुसार पुलिस को तलाशी एवं जब्ती की कार्रवाई करते समय उक्त कार्रवाई की रिकॉर्डिंग मोबाइल से की जाना है। उसकी सीडी न्यायिक मजिस्ट्रेट को 48 घंटे के अंदर भेजना अनिवार्य है, तो क्या उक्त प्रकिया का पालन किया गया है। यदि हां तो उससे संबंधित रिकॉर्ड संलग्न करें।

प्रकरण में इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के संबंध में धारा 63 (4) (सी) साक्ष्य अधिनियम का प्रमाण पत्र संलग्न करें।

प्रकरण में दस्तावेज सूची संलग्न करें।

धारा 176 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के पालन में एफआईआर की कॉपी न्यायिक मजिस्ट्रेट को भेजी जाने की प्राप्ति रसीद संलग्न किया जाना चाहिए।

यदि आरोपी की पूर्व दोषसिद्धि या आपराधिक रिकार्ड हो तो रिकार्ड संलग्न करें।

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