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पहले नर और अब मादा, रात 12.30 बजे दिखी: 6 दिन में दूसरी बार सहारा सिटी होम्स में तेंदुए की हलचल; रहवासियों में दहशत

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । बायपास की बड़ी टाऊनशिप सहारा सिटी होम्स में नर के बाद अब मादा तेंदुआ घुस गई है जिससे रहवासियों में दहशत है। कल रात 12.30 बजे सुपरवाइजर रंजीतसिंह गेहलोद गश्त कर रहे थे तब वो दो ब

Khulasa First

संवाददाता

19 दिसंबर 2025, 8:26 पूर्वाह्न
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पहले नर और अब मादा, रात 12.30 बजे दिखी

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
बायपास की बड़ी टाऊनशिप सहारा सिटी होम्स में नर के बाद अब मादा तेंदुआ घुस गई है जिससे रहवासियों में दहशत है। कल रात 12.30 बजे सुपरवाइजर रंजीतसिंह गेहलोद गश्त कर रहे थे तब वो दो बिल्डिंगों के बीच से भागती दिखी।

उसके पीछे वन विभाग के कर्मचारी दौड़े लेकिन वो गायब हो गई। उसे पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगाए गए हैं। खुलासा फर्स्ट द्वारा बायपास की कॉलोनियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार खुलासा कर रहा है।

गत 12 दिसम्बर को इस कॉलोनी में नर तेंदुआ घुस गया था जो चार दिन बाद 17 दिसंबर को वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे में पकड़ा गया था। इसके बाद वन विभाग और रहवासियों ने राहत की सांस ली ही थी कि कल 18 दिसंबर को अलसुबह मादा तेंदुआ ने कॉलोनी में घुसकर हलचल मचा दी।

सुबह पता चलने पर रहवासियों में एक बार खौफ छा गया। वन विभाग के अमले ने दोपहर में ही पिंजरा लगा दिया, लेकिन वो नहीं फंसी। दिनभर रहवासियों का दहशत में गुजरा। लोग सुबह कामकाज के लिए निकले लेकिन बहुत डर-डरकर चले। शाम को भी सूर्य ढलने के पूर्व ही सब अपने अपने घरों में कैद हो गए।

पूरी टाऊनशिप शाम को ही सुनसान हो गई, लेकिन मादा तेंदुआ बाहर नहीं आई। सिक्योरिटी इंचार्ज रामदास चौधरी ने बताया कि रात करीब 12.30 बजे जब सुपरवाइजर रंजीतसिंह गेहलोद गश्त पर थे तभी उन्हें मकान नंबर सी-19 और बी-3 के बीच वो चहलकदमी दिखी।

उन्होंने तुरंत वन विभाग के दस्ते को बुलाया और उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन तब तक वो दौड़कर जाकर कहीं छिप गई। फिर सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन वो कहीं नहीं मिली। आज सुबह भी वन अमले ने हर संभावित जगह पर उसे तलाशा लेकिन वो कहीं नहीं मिली।

हालांकि उसकी तलाश में आज सुबह एक और पिंजरा लगा दिया गया है। अब मादा तेंदुए का दो पिंजरे इंतजार कर रहे हैं। पिजरे में खाना भी रखा गया है, लेकिन आज दोपहर तक उसकी कोई मूवमेंट नजर नहीं आई।

झाड़ियां भी बनी हुई हैं मुसीबत
सेटेलाइट कॉलोनी सहारा सिटी होम्स में बड़ी संख्या में झाड़ियां हैं। ये काफी ऊंची हो गई हैं जिसके आरपार देखना भी मुश्किल है। ऐसी स्थिति में यदि वो झाड़ियों में दुबक गई हो तो उसे खोजना थोड़ा मुश्किल ही रहेगा। इधर, वन मंडल ने 103 वन बीटों में गहन जमीनी सर्वे शुरू कर दिया है।

इस दौरान बाघों, तेंदुओं और अन्य शेर प्रजातियों के जानवरों का सर्वे किया जाएगा। 21 बीटों में बाघ और 74 बीटों में तेंदुओं की मौजूदगी मिली है। इससे वन मंडल में तेंदुओं की शहरी गतिविधियां जारी हैं। सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र चोरल है। यहां सभी 33 बीटों में तेंदुओं की मौजूदगी दर्ज की गई। तेंदुआ यहीं से निकलकर शहरी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं।

खुलासा फर्स्ट ने किया था आगाह
बायपास की कॉलोनियों को कॉलोनाइजरों-बिल्डरों-डेवलपरों ने सुरक्षा के चाहे जितने दावे किए हों लेकिन हकीकत ये है कि ये पूरी की पूरी कॉलोनियां असुरक्षित है। यहां आए दिन चोरी, लूटमारी आदि की घटनाएं होती हैं। कई बार इन कॉलोनियों में डकैती की घटना हो चुकी है।

खुलासा फर्स्ट ने आगाह किया था कि बायपास की कॉलोनियां सुरक्षित नहीं है और यहां जान-माल की सुरक्षा खतरे में है। अब जंगली खूंखार जानवरों का प्रवेश भी इन कॉलोनियों में होने लगा है। सहारा सिटी होम्स में 6 दिनों में दूसरी बार तेंदुए की आवाजाही ने रहवासियों को दहशत से भर दिया है और ये भी खबर है कि कई लोग बायपास की कॉलोनियों के अपने मकान छोड़कर अन्यत्र जा रहे हैं।

वन विभाग के रेस्क्यू टीम के प्रभारी योहन कटारा ने बताया कि चोरल, रालामंडल समेत अन्य इलाकों में तेंदुओं की संख्या बढ़ गई है जो कभी-कभार शहरी इलाके में आ जाते हैं। हमने पिंजरा लगाया है। कोशिश है कि जल्दी ही मादा तेंदुआ भी पकड़ी जाए।

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