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युवाओं को जुए में फंसाने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार: इंदौर से संचालित ‘मास्टर आईडी’ का खुलासा

इंदौर के राहुल चौरसिया की तलाश ते खुलासा फर्स्ट, इंदौर । ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए युवाओं जुए सट्टे में फंसाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का हाटपीपल्या पुलिस ने खुलासा किया है। ‘ऑपरेशन साइबर’ के तह

Khulasa First

संवाददाता

18 दिसंबर 2025, 10:53 पूर्वाह्न
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युवाओं को जुए में फंसाने वाले 11 आरोपी गिरफ्तार

इंदौर के राहुल चौरसिया की तलाश ते

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए युवाओं जुए सट्टे में फंसाकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का हाटपीपल्या पुलिस ने खुलासा किया है। ‘ऑपरेशन साइबर’ के तहत पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस पूरे अवैध ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क की ‘मास्टर आईडी’ इंदौर से संचालित की जा रही थी, जिसे राहुल चौरसिया उपलब्ध कराता था। पुलिस राहुल चौरसिया की तलाश में जुट गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग–अलग टीमें गठित की गई हैं।

हाटपीपल्या क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय ऑनलाइन सट्टा संचालित किए जाने की सूचना मिल रही थी। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जाकिर पठान द्वारा युवाओं को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऑनलाइन गेमिंग ऐप पर सट्टा खिलाया जा रहा था, जिससे कई युवक आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुके थे।

इसी ऐप से हुए नुकसान के चलते हाटपीपल्या निवासी योगेश अग्रवाल द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला भी पूर्व में सामने आ चुका है। जिसके चलते पुलिस ने टीम गठित कर आरोपी जाकिर पठान को उठाया, फिर उसकी निशानदेही पर एक-एक कर हाटपीपल्या, धार जिले सहित अन्य जिले के कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया गया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी funrep.pro, mydgp.online और playrep.pro जैसी वेबसाइट्स के माध्यम से 24×7 ऑनलाइन सट्टा (हार–जीत) संचालित करते थे। इच्छुक लोगों से विभिन्न बैंक खातों में पैसे जमा कराए जाते थे और बदले में उन्हें वेबसाइट की आईडी–पासवर्ड दिए जाते थे। जमा राशि के अनुसार प्वाइंट्स मिलते थे, जिनसे ऑनलाइन गेम खेला जाता था। जीत की राशि यूपीआई के जरिए दी जाती थी, जिसमें फर्जी और ठगी से प्राप्त पैसों का उपयोग किया जाता था।

इंदौर कनेक्शन आया सामने
पूरे नेटवर्क की मास्टर आईडी राहुल चौरसिया से ली जाती थी। इसी मास्टर आईडी के तहत हाटपीपलिया और आसपास के क्षेत्रों में कई एजेंट आईडी बनाई गई थीं और युवाओं को जुए के जाल में फंसाकर भारी रकम की ठगी की गई। गिरोह का सूत्रधार इंदौर का राहुल चौरसिया है।

उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि राहुल के पकड़े जाने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। वही खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में खुलासा हुआ है कि राहुल चौरसिया, चौरसिया बंधु नाम से शहर में फेमस हैं जो कि पूर्व में परदेशीपुरा क्षेत्र में रहता था, वर्तमान में स्कीम 136, स्कीम 78 ओर गौरी नगर अलग अलग इलाकों में रहकर अपने ठिकाने बदलता रहता है।

ये आए गिरफ्त में
मामले में पुलिस ने हरिश सोलीवाल पिता अशोक, अरुण तंवर पिता गोविंद निवासी अशोकगंज हाटपीपल्या (दोनों आईडी संचालक), जाकिर पठान पिता अय्युब , अक्षत पिता सुनिल टांडी , जितेंद्र पिता सूरज सिंह संघठ , सुनील पिता देवीलाल पंडित, सुभाष पिता सुमेर दरबार, गोलू पिता सुरेश अण्डेरिया, हाटपीपल्या, दुर्गेश श्रीराम पाटीदार कनोंदिया मंडलेश्वर, राजकुमार पिता मुरलीधर जायसवाल निवासी गधवानी जिला धार, शहजाद पिता सिराज कुरैशी निवासी पुंजापुरा ये सभी एजेंट हैं जो कि हाटपीपल्या के हरीश, अरुण से आईडी लेकर एजेंट के रूप में काम कर युवाओं को सट्टे के दलदल में फंसा रहे थे।

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