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मध्य प्रदेश में डिजिटल जनगणना 1 अप्रैल से होगी: सरकार ने शुरू की तैयारियां; विभागों को दिया कड़ा अल्टीमेटम

महेश दीक्षित  98935-66422 खुलासा फर्स्ट । वर्ष 2027 की डिजिटल जनगणना देश के सबसे बड़े डेटा-चालित अभियानों में से एक बनने जा रही है और मप्र सरकार ने इसकी तैयारी अभी से युद्धस्तर पर शुरू कर दी है।

Khulasa First

संवाददाता

11 दिसंबर 2025, 10:56 पूर्वाह्न
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मध्य प्रदेश में डिजिटल जनगणना 1 अप्रैल से होगी

महेश दीक्षित 98935-66422 खुलासा फर्स्ट
वर्ष 2027 की डिजिटल जनगणना देश के सबसे बड़े डेटा-चालित अभियानों में से एक बनने जा रही है और मप्र सरकार ने इसकी तैयारी अभी से युद्धस्तर पर शुरू कर दी है।

राज्य मंत्रालय में आयोजित राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की पहली बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों को साफ तौर पर अल्टीमेटम दिया कि 31 दिसम्बर 2025 तक प्रशासनिक इकाइयों में प्रस्तावित सभी बदलाव हर हाल में पूरे किए जाएं।

सरकार की मंशा है कि डिजिटल जनगणना का पूरा अभियान बिना किसी व्यवधान, समयबद्ध और सुचारू रूप से संपन्न हो। मुख्य सचिव जैन ने बताया कि मकान सूचीकरण और मकान गणना का पहला चरण 1 अप्रैल से 30 सितम्बर 2026 के बीच किसी लगातार 30 दिन की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस अवधि के निर्धारण में स्कूली परीक्षाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और मानसून जैसे कारकों को प्राथमिकता दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जनसंख्या गणना का मुख्य चरण पूरे देश में फरवरी 2027 में एकसाथ संचालित होगा। इसीलिए स्कूल शिक्षा विभाग को वर्ष 2026-27 का शैक्षणिक कैलेंडर दोबारा तैयार करने और परीक्षा समय-सारिणी को जनगणना अनुकूल बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल जनगणना के लिए आवश्यक करीब 1.75 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षकों की तैनाती सुनिश्चित करने के लिये सभी विभाग मानव संसाधन का सटीक आकलन करें और समन्वित योजना तैयार करें। उन्होंने डिजिटल जनगणना की प्रमुख विशेषताओं में मोबाइल ऐप आधारित डेटा संग्रहण और वेब पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग को खास बताया।

विभागों को समयबद्ध डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने ‘स्व-गणना’ को डिजिटल जनगणना का प्रमुख नवाचार बताते हुए कहा कि इससे प्रक्रिया तेज, सरल और पारदर्शी बनेगी।

उन्होंने जनसंपर्क विभाग को राज्यभर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और यह संदेश प्रभावी ढंग से फैलाने के निर्देश दिए कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत हर नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय होती है और किसी भी रूप में साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं की जा सकती।

गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिव शेखर शुक्ल ने बताया गृह विभाग राज्य में नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा और केंद्र सरकार, जनगणना निदेशालय तथा सभी विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करेगा। बैठक में प्रस्तुत प्रेजेंटेशन में डिजिटल जनगणना का विस्तृत रोडमैप साझा किया गया। यह भी बताया गया कि रतलाम, सिवनी और ग्वालियर में डिजिटल पूर्व परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं, जिससे राज्य की तैयारियों को मजबूत आधार मिला है।

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