राहुल को विदेशी एजेंट क्यों मानते हैं?
Khulasa First
संवाददाता

रमण रावल वरिष्ठ पत्रकार खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
यह निर्भर रहता है विपक्षी दलों के नेतृत्वकर्ताओं पर। इसे भारत जैसे महान लोकतांत्रिक देश की विडंबना कह लीजिये कि 2014 में तत्कालीन प्रमुख राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई, तब स्वाभाविक रूप से देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस विपक्ष में आ गई, लेकिन उनका नेतृत्व एक पारिवारिक विरासत(गांधी परिवार) की तरह होने से वह 11 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद भी गंभीर और जिम्मेदार आचरण दे पाने में पूरी तरह से विफल रहा।
उसकी प्रमुख वजह है गांधी परिवार के शहजादे राहुल गांधी की प्रत्यक्ष तौर पर दिखाई देने वाली अपरिपक्वता,बेवजह विवादास्पद बयानबाजी, सामयिक ज्वलंत व प्रमुख मुद्दों की बजाय गैर जरूरी और तुष्टिकरण आधारित मसलों को प्रमुखता देना,कारगर सलाह न दे पाने वाले काकस का मजबूत घेरा और आत्म केंद्रित व्यवहार। आइये, इसे सिलसिलेवार समझते हैं।
अभी 1 से 19 दिसंबर तक संसद का सत्र था। इसकी समापन बेला में राहुल गांधी 4 दिन के लिये जर्मनी चले गये। संभव है, वह उनका पूर्व निर्धारत दौरा रहा हो। फिर भी संसद का सत्र भी कोई अचानक प्रस्तावित नहीं होता है। ऐसे में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष को पूरा समय संसद में बिताने का प्रयास करना चाहिये।
राहुल गांधी इसमें चूक गये। वे ऐसे समय विदेश गये, जब मतदाता सूची गहन पुनपरीक्षण जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया देश में चल रही है और विपक्ष को इस पर घनघोर आपत्ति है। संसद वो मंच है, जहां इस पर सविस्तार,निर्णायक चर्चा हो सकती है।
जहां विपक्ष सरकार की मंशा में संशय को सप्रमाण प्रस्तुत कर सकता था,यदि वे उसके पास रहे हों तो। लेकिन, इस तरह के लगभग प्रत्येक अवसर पर विपक्ष बर्हिगमन को हथियार बनाकर इतिश्री कर लेता है।
किसी का भी विदेश जाना आपत्तिजनक नहीं हो सकता, लेकिन राहुल हमेशा विदेश जाकर भारत के खिलाफ बयानबाजी करते हैं, वह अवश्य विवादास्पद हो जाती है। इस मामले में भाजपा का कहना रहता है कि वे देश की गलत छवि प्रचारित करते हैं। वे ऐसी बातें कहते हैं, जो तथ्यात्मक रूप से गलत तो होती ही है, देश की प्रतिष्ठा को भी आघात पहुंचाती है।
जैसे हालिया जर्मनी यात्रा की बात करें तो उन्होंने वहां कहा कि भारत के मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में गिरावट आ रही है। यह तथ्यों व आंकड़ों के प्रकाश में पूरी तरह से निराधार दिखाई देती है। साथ ही विदेश यात्रा में बरते जाने वाले शिष्टाचार के भी सख्त खिलाफ है।
यदि निर्माण क्षेत्र की बात करें तो देश में इस समय पीएलआई(प्रॉडक्शन लिंक्ड इंटेंसिव), पीएम मित्र,स्कील इंडिया व नेशनल मैन्यूफैक्चरिंग मिशन के तहत निर्माण क्षेत्र में जबरदस्त रफ्तार बनी हुई है। निर्माण में तीन प्रमुख भाग है-कारखानों का उत्पादन,खनन व बिजली उत्पादन। इन्हें मिलाने पर अकेले निर्माण क्षेत्र की भागीदारी 77.63 प्रतिशत है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में निर्माण क्षेत्र का निर्यात 86.38 अरब डॉलर का रहा है।
इसी तिमाही में भारत की सकल घरेलू उत्पाद दर(जीडीपी) 7-8 प्रतिशत रही है, जबकि इस एक वर्ष का अनुमान 6.5 प्रतिशत का लगाया गया है। निर्यात में जबरदस्त उछाल आया है,जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा 70 प्रतिशत रहा। इसके अलावा स्मार्ट फोन,धातु,रक्षा उपकरण व बिजली सामान का निर्यात प्रमुख तौर से किया गया। यदि निर्माण क्षेत्र की विकास दर की बात करें तो 2024-25 में यह 4.26 प्रतिशत रही, जो उससे पहले साल 2.86 थी।
इस हकीकत के बाद भी यदि नेता प्रतिपक्ष की अहम जिम्मेदारी निभा रहे राहुल गांधी को वह नजर नहीं आती तो सत्तारूढ़ दल भाजपा व भारत सरकार का इसे आपत्तिजनक मानना व देश के खिलाफ बयानबाजी कहना तर्कसंगत ही नजर आता है। वैसे भी राहुल गांधी को भारत को कमतर आंकने व बताने में महारत हासिल है।
अमेरिका के साथ चल रहे टैरिफ वार के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जुलाई में भारत की अर्थ व्यवस्था को मृत बता दिया, तब भी राहुल गांधी को चूहे को चिंदी मिल जाने जैसी प्रसन्नता हो गई । उन्होंने तत्काल बयान जारी कर कहा कि जब ट्रंप रूस व भारत की अर्थ व्यवस्था को मृत बता रहे थे, तब वे(ट्रंप) केवल तथ्य बता रहे थे।
इतना ही नहीं तो राहुल ने उसमें जोड़ा कि प्रधानमंत्री मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को छोड़कर यह बात सब को पता है। अर्थ व्यवस्थआ पूरी तरह ठप हो चुकी है और भाजपा ने अडानी की मदद करने के लिये इसे खत्म किया है।
किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि उसमें विपक्ष की क्या और कैसी भूमिका रहती है, साथ ही यह भी कि सत्तापक्ष उसे कितनी गंभीरता से लेता है।
संबंधित समाचार

सोने के जेवरों से भरा बैग उठा ले गया कुत्ता:सीसीटीवी फुटेज से खुलासा; पुलिस ने तलाश कर महिला को लौटाया लाखों का सामान

‘पवित्र रिश्ते की आड़ में षड्यंत्र न हो’:राखी से पहले हिंदू संगठनों का अभियान; त्योहार पर खरीदारी को लेकर भी अपील, कांग्रेस ने उठाए सवाल

अगले महीने फिर मार्च करेगी सीजेपी:छात्रों पर दर्ज केस वापस नहीं होने से नाराज; बोली- हमारे धैर्य को कमजोरी न समझें

बेटी की लव मैरिज बनी तनाव की वजह:घर पर फंदे से लटके मिले भाजपा नेता; पुलिस जांच में जुटी

निर्जल अनशन पर बैठे अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी:पदवृद्धि की मांग को लेकर धरना जारी; अस्पताल जाने से इनकार

शादी का भरोसा, फिर रिश्ते से इनकार:एक से 7 साल की दोस्ती; दूसरी से सोशल मीडिया पर पहचान, एफआईआर दर्ज

कूनो से निर्वा लापता:एक हफ्ते से नहीं मिला सुराग; खराब कॉलर से बढ़ी चिंता

सरकारी राशन का खेल पकड़ा:दो संदिग्ध दबोचे; गेहूं-चावल और तौल कांटा मिला, पूछताछ में 3 नाम सामने आए

पति को बुलाकर नर्मदा पुल से कूदी महिला:शव देखकर बेहोश हुआ पति; फोन कर कहा था मायके जा रही हूं

वीडियो देखिये, ‘हमारी सुनवाई नहीं तो कहां जाएं’:पांच महीने से भुगतान का इंतजार; लेबर इंस्पेक्टर पर मजदूरों ने लगाए गंभीर आरोप

एच1एन1 को लेकर अलर्ट:सर्दी-खांसी के मरीज बढ़े; स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

टिंबर मार्केट में बड़ा एक्शन:आरा मशीनें सील; रिकॉर्ड और मौके के स्टॉक में मिला अंतर

शिकायतें निपटाईं, समस्या नहीं:सीएम हेल्पलाइन की रेंडम जांच में खुलासा; अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई

ज्वेलर्स के तौल कांटे पर सवाल:सील गायब और पाया टूटा मिला; ग्राहक की शिकायत पर कांटा जब्त, नोटिस जारी

अंतिम श्रावण सोमवार पर सड़कों का निकला दम:सुपर कॉरिडोर से एमआर-10 तक जाम ही जाम; ट्रैफिक में फंसी जनता

पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षक संगठनों का विरोध:पहले जारी हो पात्रों की सूची; मंत्री बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद होगा अगला निर्णय

कॉन्स्टेबल बैंड भर्ती पर हाईकोर्ट की रोक:दो राउंड पास अभ्यर्थी इंटरव्यू से बाहर; सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय नेताओं के स्वागत में भाजपा दिखाएगी ताकत:विधानसभाओं से कार्यकर्ता करेंगे शक्ति प्रदर्शन; युवा मोर्चा दावेदारों की भी होगी परीक्षा

बेटे को छोड़ने के बदले 1.20 लाख की रिश्वत:यूपीआई और कैश में ली राशि; क्राइम ब्रांच के तत्कालीन टीआई सहित चार पर एफआईआर

वीडियो देखिये, फोरलेन मुआवजे की मांग पर किसानों का धरना खत्म:सीएम के आश्वासन के बाद आंदोलन वापस; खुलासा फर्स्ट ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!