सोमवार को भगवान शिव की पूजा क्यों मानी जाती है विशेष: जानिए इसके धार्मिक और सांस्कृतिक कारण
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हिंदू धर्म में सप्ताह का पहला दिन सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। इस दिन शिव पूजा और व्रत रखने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोमवार को शिवजी की आराधना करने से जीवन की कठिनाइयों में कमी आती है और मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद मिलता है।
पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का चंद्रमा से गहरा संबंध माना जाता है। चंद्रमा को मन का कारक कहा जाता है और सोमवार का संबंध भी चंद्रमा से जोड़ा जाता है। इसी कारण इस दिन शिव की पूजा करने से मानसिक शांति और संतुलन प्राप्त होने की मान्यता है।
धार्मिक ग्रंथों में यह भी उल्लेख मिलता है कि जो भक्त सोमवार का व्रत रखकर सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करते हैं, उन्हें विशेष फल प्राप्त होता है। अविवाहित युवक-युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से सोमवार का व्रत रखते हैं।
मंदिरों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और जलाभिषेक किया जाता है। कई श्रद्धालु शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना करते हैं।
धार्मिक विद्वानों का कहना है कि सोमवार को की गई शिव भक्ति केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को संयम, श्रद्धा और सकारात्मक सोच की ओर भी प्रेरित करती है। इसी कारण देशभर में सोमवार के दिन शिव मंदिरों में बड़ी संख्या में भक्त दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं।
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