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टंकी की नौटंकी: एलपीजी संकट; ऑनलाइन बुकिंग ठप, वेटिंग 15 दिन तक पहुंची

KHULASA FIRST

संवाददाता

13 मार्च 2026, 1:00 pm
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टंकी की नौटंकी

आपदा में अवसर तलाशता निर्मम बाजार, संकट के समय व्यापारियों ने डीजल भट्‌ठी व इंडक्शन चूल्हे के दाम दोगुना किए

होटल-रेस्टोरेंट पर गहराया संकट, कई बंद होने के कगार पर, सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग हुई शुरू

तमाम प्रशासनिक तैयारियों के बावजूद गहराया शहर में सिलेंडर संकट, कालाबाजारी पर कड़ी नजर

कांग्रेस ने भी तलाशा आपदा में अवसर, एलपीजी संकट पर विरोध प्रदर्शन, सड़क पर जलाए चूल्हे

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
झगड़ा ईरान-अमेरिका-इजराइल के बीच हुआ और लफड़ा हिंदुस्तान में हो गया। अभी तो मसला रसोई से जुड़ा है। घर-घर में इस्तेमाल होने वाले एलपीजी सिलेंडर का संकट गहराया है। कमर्शियल सिलेंडर तो बाजार से नदारद हो चले हैं। हजारों रेस्टोरेंट, होटल्स के किचन भी संकट से घिर गए हैं।

शादी-ब्याह के मौसम में आशीर्वाद समारोह व प्रीतिभोज प्रसंग भी अधर में अटक गए हैं। कैटरर्स ही नहीं, हलवाई जमात के सामने भी असमंजस पसर गया है। युद्ध की विभीषिका झेल रहे मुल्क से भारत हजारों किलोमीटर दूर है, लेकिन युद्ध से पैदा परेशानियों ने हमारे मुल्क में भी दस्तक दे दी है।

शुरुआत एलपीजी से हुई है। झगड़ा थमा नहीं तो जल्द ये संकट पेट्रोल, डीजल के रूप में सामने होगा। हालांकि युद्धग्रस्त इलाके से भारत के लिए राहत की खबरें भी हैं। कच्चे तेल से लबालब एक बड़ा जहाज बम, बारूद, मिसाइल व बंदूकों को पार कर हिंदुस्तान की सरजमीं पर कल आ पहुंचा है।

दुनिया में युद्ध के बने हालातों के बीच बाजार ने एक बार अपनी निर्ममता दिखाई है। ये निर्ममता इंडक्शन चूल्हे व डीजल भट्‌ठी के दामों को मनमाने ढंग से बढ़ाने के रूप में सामने आई है। एलपीजी संकट के बीच भट्‌ठी व इंडक्शन दाना-पानी के बंदोबस्त का विकल्प था, लेकिन इसका बेजा फायदा उठाते हुए बाजार में व्यापारियों ने इंडक्शन व डीजल भट्‌ठी के दाम लगभग दोगुना तक कर दिए हैं।

बिजली से चलने वाले जिस इंडक्शन चूल्हे को आठ दिन पहले कोई पूछ नहीं रहा था, वह अब जबरदस्त डिमांड में है। कल तक ये चूल्हा 1500 से 2500 के बीच सहज उपलब्ध था, अब इसके दाम 3 से 4 हजार तक हो गए हैं। डीजल भट्‌ठी के दाम भी 2 हजार से बढ़ाकर 4 हजार कर दिए गए।

दामों के जरिये हो रही इस बेतहाशा कालाबाजारी पर किसी का अंकुश नहीं है। युद्ध जैसी आपदा में भी ये बेजा अवसर तलाशते बाजार साबित कर रहा है कि तिजारत के समक्ष कोई संवेदनशीलता काम नहीं आती।

मध्य प्रदेश में भी रसोई गैस का संकट गहरा गया है। ऑनलाइन बुकिंग का सिस्टम तो जमींदोज ही हो गया। ओटीपी जैसी व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ गई है। बुकिंग न होने से गैस एजेंसियों के दफ्तरों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं।

चार दिन पूर्व जो सिलेंडर एक-दो दिन में घर आ रहा था, वही अब घरधणी के एजेंसी के दफ्तर तक जाने पर भी नहीं मिल रहा है। वेटिंग 8 से 15 दिन तक जा पहुंची है। इसके कारण बाजार में कालाबाजारी ने भी तेजी से जगह बना ली है।

हालांकि सरकार व जिला प्रशासन ने भी मुस्तैदी के साथ मैदान पकड़ लिया है, लेकिन संकट का समाधान फिलहाल तो दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा। आम आदमी के बीच युद्ध की घबराहट के चलते ये अंदेशा गहरा गया है कि आने वाले समय में सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाएगा और दाम भी दोगुना हो सकते हैं। इस अंदेशे ने गैस एजेंसियों के दफ्तरों के बाहर लंबी कतारें लगा दी हैं।

टंकी की नौटंकी शुरू हो गई है। भारत सरकार का दावा है कि एलपीजी का कोई संकट नहीं है। सप्लाय जस की तस है। बस, नागरिक घबराहट का माहौल न बनाएं। राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के स्वर में सुर मिलाए हुए है। लेकिन जमीन पर हालात सरकारों के बयानों व दावों से ठीक उलट हैं।

एक अदद सिलेंडर के लिए जनसामान्य मारा-मारा फिर रहा है। सड़कों पर नजारे 1991 के इराक-कुवैत युद्ध के समय-से दिख रहे हैं। उस वक्त पेट्रोल पंप भी युद्ध की जद में आए थे। अभी ये संकट पेट्रोल-डीजल तक नहीं आया है, लेकिन अंदेशा गहराया हुआ है कि एक-आध सप्ताह में पेट्रोल पंप भी 1991 जैसी आपदा का शिकार हो जाएंगे।

ताजा संकट तो घर-घर की रसोई व चूल्हे से जुड़ा है। मध्य-पूर्व क्षेत्र में भड़की युद्ध की लपटें अब पेट की आग से जुड़ गई हैं। चपेट में होटल्स, रेस्टोरेंट्स, कैंटीन, कैटरर्स, मैस ही नहीं, ट्रेनों की पेंट्रीकार व शादी-ब्याह समारोह भी आ गए हैं। देश को मोदी सरकार से उम्मीद है कि वह इस संकट से जल्द पार पा लेगी, लेकिन बाजार इस आपदा में अवसर तलाश कालाबाजारी में लिप्त हो चला है। राजनीति भी पीछे नहीं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए विरोध में सड़क पर चूल्हे जलाना शुरू कर दिए हैं।

कालाबाजारी रोकने के लिए बना कंट्रोल रूम
इंदौर जिले में एलपीजी सिलेंडरों की सहज उपलब्धता और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कंट्रोल रूम स्थापित किया है। आम उपभोक्ता गैस सिलेंडर से जुड़ी किसी भी समस्या, शिकायत या सुझाव के लिए कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकेंगे।

कलेक्टर शिवम वर्मा की नजरें इस कंट्रोल रूम पर रहेंगी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 जारी किया गया है। जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया गैस की पर्याप्त उपलब्धता व उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी से बचाने तथा घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों की अवैध बिक्री एवं कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए यह व्यवस्था की गई है।

कंट्रोल रूम में सहायक आपूर्ति अधिकारी कल्पना परामानिक (मोबाइल नंबर 9399142251), कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी सवेसिंह गामड़ (8120041922), कम्प्यूटर ऑपरेटर अंकित नागर (9200249020), रोहित बर्मन (8085799812), महेश जगताप (6260271176) और अब्दुल समद (9926062731) को तैनात किया गया है।

उपभोक्ता अपनी शिकायत या सुझाव कंट्रोल रूम हेल्पलाइन नंबर 0731-2993900 पर दर्ज करा सकते हैं या फिर कलेक्टोरेट के कक्ष क्रमांक 221 में कार्यालयीन समय में स्वयं उपस्थित होकर भी जानकारी दे सकते हैं।

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