अरोरा की नैया डूबते ही किनारे लगे दीपकश्री: संरक्षण का साया हटते ही बदला चोला; राजसी ठाट छोड़ अज्ञातवास में मनाया जन्मदिन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नीमच।
मंडी के सबसे बड़े पोस्ता व्यापारी और पोस्ता किंग के नाम से विख्यात दीपकश्री ने इस वर्ष अपना जन्मदिन जिस गोपनीय अंदाज में मनाया, उसने जिले के व्यापारिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है।
जो दीपकश्री हर वर्ष जन्मदिन पर अपना राजसी ऐश्वर्य और वैभव दिखाता था, उसने इस बार गुपचुप तरीके से किसी अज्ञात स्थान पर जाकर जन्मदिन मनाया और सार्वजनिक परिदृश्य से पूरी तरह दूरी बना ली।
सूत्रों का दावा है कि यह अशोक अरोरा और उसके गुर्गों द्वारा संचालित अवैध गतिविधियों के खिलाफ शुरू हुई कड़ी कानूनी घेराबंदी का असर है।
अशोक अरोरा व उसके गुर्गों द्वारा चलाए जा रहे अवैध शराब ठिकानों पर पुलिस की कार्रवाई और होटल सरोवर की लीज रद्द होने से अरोरा के लिए असहज स्थिति पैदा हो गई है।
जैसे ही व्यवस्था का निर्णय सामने आया, उनके सबसे करीबी माने जाने वाले दीपकश्री ने भी किनारा कर लिया।
विगत वर्षों में दीपक श्री की कार्यप्रणाली के पीछे अशोक अरोरा के संरक्षण की चर्चा आम रही है। इसी का परिणाम था कि नारकोटिक्स विंग, जो आए दिन जिले के छोटे-मोटे पोस्ता व्यापारियों के यहाँ मामूली विसंगतियों पर भी दबिश और सघन जांच का अभियान चलाती है, उसने आज तक दीपक श्री के गोदामों की ओर मुड़ने की जहमत नहीं उठाई।
जहां एक ओर आम व्यापारियों को कड़े नियमों और कागजी कार्रवाई के जाल में उलझाकर रखा जाता है। क्या विभाग का अमला रसूख के दबाव में काम कर रहा था? अब जबकि अशोक अरोरा का संरक्षण कमजोर पड़ चुका है, क्या नारकोटिक्स विंग में इतनी हिम्मत है कि वह नीमच के सबसे बड़े पोस्ता व्यापारी के स्टॉक और गोदामों की निष्पक्ष जांच कर सके? फिलहाल, दीपक श्री की यह रहस्यमयी चुप्पी और उनका अज्ञातवास नीमच के व्यापारिक जगत में एक बड़े और निर्णायक बदलाव का संकेत दे रहा है।
संबंधित समाचार

कार्यकर्ताओं ने किया ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष

दो क्विंटल झालमुड़ी और 100 किलो रसगुल्ले बांटकर मनाया जीत का जश्न:विधायक गोलू शुक्ला ने रामबाग चौराहा पर किया वितरण

बिगड़ैल ट्रैफिक पर ड्रोन की नजर:अब बचना मुश्किल; पीक आवर्स में चौराहों पर सख्ती, नियम तोड़ते ही तुरंत एक्शन

विस्मृति के भंवर में व्यासचट्टी:जहां कभी ऋषियों ने रचे थे शास्त्र; आज वहां पसरा है सन्नाटा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!