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‘बंगाल' में ‘फाइल' खुलेगी,‘केरल' में ‘स्टोरी-2' होगी: मोदी-शाह, ममता की प्रतिष्ठा दांव पर; 4 राज्यों व 1 केंद्र शासित राज्य में चुनावों की हुई घोषणा

KHULASA FIRST

संवाददाता

16 मार्च 2026, 1:16 pm
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‘बंगाल' में ‘फाइल' खुलेगी,‘केरल' में ‘स्टोरी-2' होगी

जिसका इंतजार था, देश में वह पश्चिम बंगाल का चुनाव आया, केरल भी गरमाया

असम में ‘असम रिटर्न' की चुनौती से भाजपा के दो-दो हाथ शुरू, तमिलनाडु के बदलाव पर सबकी नजरें

देश के सबसे तेज चुनाव, 9 से 29 अप्रैल के बीच निपट जाएंगे 5 राज्यों के चुनाव, 4 मई को रिजल्ट

एसआईआर के शोर के बीच पश्चिम बंगाल के चुनाव पर देश की निगाहें, ‘दीदी' की ‘दादागीरी' कायम रहेगी?

नितिन मोहन शर्मा 94250-56033 खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
भाजपा का चुनावी जीत के अश्वमेध अभियान का अश्व क्या पश्चिम बंगाल में पकड़ में आ जाएगा या कमलदल इस बार बंगाल भी फतह कर लेगा? ये सवाल 5 राज्यों के चुनावों की घोषणा होते ही हिंदुस्तान की फिजाओं में तैर गया है। कारण भी साफ है। भाजपा व ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में पार्टी की जीत को प्रतिष्ठा का प्रश्न जो बना रखा है।

लिहाजा अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि मोदी-शाह की जोड़ी के लिए ‘द बंगाल फाइल' खुलेगी या क्लोज हो जाएगी? महीने-सवा महीने में ये तय हो जाएगा कि ‘कमलदल' की निरंतर जीत का ‘चेप्टर' स्वामी विवेकानंद, बंकिम दा के सूबे में जाकर क्लोज होगा या ओपन?

ऐसे ही देश में ये जिज्ञासा भी बलवती हो गई है कि ‘थरूर' के जरिये सुदूर केरल का चुनाव भाजपा के लिए ‘द केरला स्टोरी पार्ट-2' साबित होगा या केरल की राजनीति की बरस-ओ-बरस से जारी केरल स्टोरी यथावत रहेगी।

तमिलनाडु में तो भाजपा के पास खोने को ज्यादा कुछ नहीं, लेकिन सवा करोड़ी सवाल ये है कि क्या ‘असम रिटर्न' होगा? हेमंत बिस्वा में असमिया समुदाय का विश्वास बरकरार रहेगा या गोगोई ‘गोल' पूरा कर लेंगे? पुड्डुचेरी का चुनाव ज्यादा दिलचस्पी का विषय नहीं है।

सारा जोर ‘बंगाल फाइल’ व ‘केरला स्टोरी' पर है। अब देखना है कि 21 दिवसीय ये देश के सबसे तेज चुनाव में ऊंट किस करवट बैठता है। ‘मां-माटी-मानुष' का नारा कायम रहेगा या ‘मोटा मानुष' का कोई करिश्माई ‘ज्ञान-गणित' काम कर जाएगा?

भारत निर्वाचन आयोग ने असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुड्‌डुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया है। असम, केरल और पुड्‌डुचेरी में 9 अप्रैल, तमिलनाडु में 23 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान होगा।

पांचों राज्यों के नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रमों और तैयारियों की जानकारी दी।

पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव... पश्चिम बंगाल में कुल 7 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 3.6 करोड़ पुरुष और 3.4 करोड़ महिला हैं। यहां 1402 वोट थर्ड जेंडर के भी हैं। पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर चुनाव होना है।

पिछली बार 8 चरणों में चुनाव हुए थे, जिसमें टीएमसी ने 215 और भाजपा ने 77 सीटें जीती थीं। इन चुनावी नतीजों के बाद ममता बनर्जी फिर एक बार पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री बनी थीं।

तमिलनाडु में 234 सीटों पर चुनाव... तमिलनाडु में कुल 5.6 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 2.7 करोड़ पुरुष और 2.8 करोड़ महिला हैं। यहां 7617 वोट थर्ड जेंडर के भी हैं। तमिलनाडु में 234 सीटों पर चुनाव होना हैं।

पिछली बार तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में एक ही चरण में चुनाव हुए थे, जिसमें डीएमके ने 133, अन्नाद्रमुक ने 66 और भाजपा ने 5 सीटें जीती थीं। चुनाव के बाद एमके स्टालिन ने सीएम पद की शपथ ली थी।

असम में 126 सीटों पर चुनाव... असम में कुल 2.4 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 1.2 करोड़ पुरुष और 1.2 करोड़ महिला हैं। यहां 343 वोट थर्ड जेंडर के हैं। कुल 126 सीटों पर चुनाव होना हैं।

पिछली बार असम विधानसभा चुनाव तीन चरणों में चुनाव हुए थे। एनडीए ने 75 सीटें जीतकर असम में सरकार बनाई थी और हेमंत बिस्वा सरमा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

केरल में 140 सीटों पर चुनाव...केरल में कुल 2.6 करोड़ वोटर, जिनमें 1.3 करोड़ पुरुष और 1.3 करोड़ महिला हैं। यहां 277 वोट थर्ड जेंडर के हैं। 140 सीटों पर चुनाव होना हैं। केरल विधानसभा चुनाव में एक ही चरण में चुनाव हुए थे।

इसमें एलडीएफ ने 99 और यूडीएफ ने 41 सीटें जीती थीं। इस चुनाव के बाद पिनराई विजयन लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने।

पुड्‌डुचेरी में 30 सीटों पर चुनाव... पुड्‌डुचेरी में कुल 9.4 लाख वोटर हैं, जिनमें 4.4 लाख पुरुष और 15 लाख महिला हैं। यहां 139 वोट थर्ड जेंडर के हैं। कुल 30 सीटों पर चुनाव होना हैं। पुड्‌डुचेरी विधानसभा चुनाव एक ही चरण में हुए थे, जिसमें एनडीए ने 16 और यूपीए ने 9 सीटें जीती थीं। एनडीए के एन. रंगास्वामी मुख्यमंत्री बने थे।

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