प्लॉट के नाम पर मेडिकल संचालक से 50 लाख की ठगी: दो प्लॉटों का सौदा कर फर्जी रजिस्ट्री दिखाई और ऐंठ लिए रुपए
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर में प्लॉट बेचने के नाम पर 50 लाख रुपए की ठगी हो गई। आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सौदा कर रकम ऐंठी। पुलिस के अनुसार मेडिकल दुकान संचालक गुच्छीत रघुवंशी निवासी मुराई मोहल्ला की शिकायत पर कैट रोड निवासी अंजन पिता मदनमोहन श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है।
फरियादी के मुताबिक जुलाई 2025 में आरोपी अंजन ने देवगुराड़िया स्थित मानसरोवर कॉलोनी के प्लॉट नंबर 283 और 285 को अपना बताकर 1 करोड़ 5 लाख रुपए में सौदा तय किया। इस दौरान आरोपी ने फर्जी रजिस्ट्री प्रस्तुत कर विश्वास में लेकर 50 लाख रुपए (चेक व नकद) ले लिए।
जब फरियादी ने रजिस्ट्री कराने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा। संदेह होने पर उप-पंजीयक कार्यालय से दस्तावेज निकलवाए तो पता चला प्लॉट नंबर 283 सुनील कुमार व प्लॉट नंबर 285 मंगला मित्तल के नाम दर्ज है। इस खुलासे के बाद पीड़ित ने आरोपी से रकम वापस मांगी तो उसने केवल 15 लाख रुपए ऑनलाइन लौटाए, जबकि बाकी रकम देने से इनकार कर दिया।
पहले भी कर चुका धोखाधड़ी: शिकायत में यह भी सामने आया कि आरोपी अन्य लोगों से भी इसी तरह रुपए ऐंठ चुका है। उसके खिलाफ और भी मामले दर्ज हैं। लसूड़िया में कार किराए पर लेकर गिरवी रखने और विजय नगर में मारपीट की शिकायत सामने आई थी।
वहीं क्षेत्र में नकली फैक्ट्री मामले में भी उसका नाम जुड़ चुका है। इस मामले में पुलिस ने केवल बीएनएस की धारा के तहत केस दर्ज किया, जबकि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेज तैयार किए, ऐसे में संबंधित धाराएं (फर्जी दस्तावेज बनाने की) भी जोड़ी जानी चाहिए थीं। इसे लेकर पीड़ित पक्ष ने नाराजगी जताई है।
आरोपी के पिता का भी विवादित रिकॉर्ड:आरोपी के पिता मदनमोहन श्रीवास्तव सहकारिता विभाग में पदस्थ रह चुके हैं। वर्ष 2022 में रिश्वतखोरी को लेकर लोकायुक्त विभाग द्वारा उन पर कार्रवाई की गई थी। बाद में झाबुआ में भी रिश्वत मामले में उनका नाम सामने आया था।
संबंधित समाचार

अंधेकत्ल का खुलासा करने वाली टीम सहित 19 जांबाजों को सम्मान:बेहतर पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने की सराहनीय पहल

अपहरण कांड का चंद घंटों में खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार; छोटी ग्वालटोली पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी का खुलासा:सात आरोपित गिरफ्तार; जानिये कहां से संचालित हो रहा था नेटवर्क

कमिश्नर ऑफिस परिसर में पुलिस लिखी थार:सिस्टम के अंदर से उठते सवाल
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!