कोर्ट ने भाजपा नेता गोलू कश्यप को भी बनाया आरोपी: भागचंद बनाफर आत्महत्या केस में नया मोड़; 10 आरोपियों की डिस्चार्ज अर्जी खारिज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
उधारी के विवाद से जुड़े आत्महत्या प्रकरण में कोर्ट ने एक और व्यक्ति को आरोपी के रूप में तलब किया है। साथ ही पहले से नामजद आरोपियों द्वारा दायर डिस्चार्ज आवेदन खारिज कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि केस डायरी, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं। मामले की सुनवाई विवेक कुमार चंदेल की कोर्ट में हुई। यह प्रकरण बाणगंगा थाना क्षेत्र में भागचंद बनाफर द्वारा की गई आत्महत्या का है।
कोर्ट के समक्ष पवन प्रजापत, रवि शर्मा, श्रीकांत शर्मा, पंकज मेहता, अभिमान उर्फ भाऊ चौहान, राजीव उर्फ राजू मेहरा, आकाश उर्फ अक्कू यादव, विजयसिंह चौहान, विजयसिंह गुसाईवाल और कैलाश गुसाईवाल की ओर से उन्मोचन (डिस्चार्ज) के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था। आरोपियों का कहना था कि मृतक द्वारा पहले की शिकायतों में उनका नाम नहीं लिया गया था और बाद में पेश किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ की आशंका भी है।
कोर्ट ने केस डायरी, गवाहों के बयान, उधारी से जुड़े दस्तावेज, मृतक की डायरी और वाट्सएप चैट सहित अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह तर्क स्वीकार नहीं किया। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया आरोपियों द्वारा उधारी की रकम को लेकर मृतक को परेशान करने के पर्याप्त संकेत मिलते हैं। इसी आधार पर डिस्चार्ज आवेदन खारिज कर दिया। मामले में फरियादी की ओर से एक आवेदन देकर मांग की गई थी कि गोलू उर्फ ललित पिता राजेंद्र कश्यप निवासी भागीरथपुरा को भी आरोपी बनाया जाए।
आवेदन में कहा गया कि मृतक ने आत्महत्या से पहले बनाए गए वीडियो और पुलिस कमिश्नर को दी शिकायत में गोलू कश्यप का नाम लिया था, लेकिन पुलिस ने उसे आरोपी नहीं बनाया। कोर्ट ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेज, गवाहों के बयान और शिकायत-पत्र का परीक्षण किया।
इसमें पाया कि मृतक के परिजन और अन्य गवाहों के बयानों में भी गोलू कश्यप द्वारा उधारी की रकम को लेकर मृतक को प्रताड़ित करने की बात सामने आई है। कोर्ट ने कहा उपलब्ध सामग्री के आधार पर गोलू कश्यप की भूमिका प्रथम दृष्टया दिखाई देती है, इसलिए उसके खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 और 3(5) के तहत संज्ञान लेते हुए उसे मामले में आरोपी के रूप में तलब किया जाता है।
प्राइवेट वकील को मिली अनुमति
फरियादी की ओर से प्राइवेट अधिवक्ता नियुक्त करने के लिए दिया आवेदन स्वीकार करते हुए कोर्ट ने कहा कि निजी अधिवक्ता लोक अभियोजक के निर्देशन में अभियोजन की सहायता कर सकेंगे। कोर्ट ने आदेश दिया कि नवआरोपित गोलू कश्यप को समन जारी कर अगली सुनवाई में उपस्थित किया जाए।
साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी। अब इस चर्चित मामले में कोर्ट ने 24 मार्च 2026 को अगली सुनवाई तय की है, जिसमें गोलू कश्यप की उपस्थिति और आरोप तय करने की कार्रवाई की जाएगी।
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