चेहरा दिखाओ-हाजिरी लगाओ: सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ड्यूटी का नया दौर
KHULASA FIRST
संवाददाता

कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े निर्देश, सरकारी दफ्तरों में अब समय की पाबंदी और सख्त पहरा
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
प्रदेश में सरकारी कार्य संस्कृति को पूरी तरह बदलने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों के बाद अब इंदौर में नई व्यवस्था लागू हो गई है।
कोरोना काल से चली आ रही पांच दिवसीय कार्यप्रणाली को शासन ने निरंतर रखा है, लेकिन अब दफ्तरों के समय और उपस्थिति दर्ज करने के तरीकों में बड़ा बदलाव कर दिया गया है। नए आदेशों के तहत अब अधिकारियों और कर्मचारियों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय में मौजूद रहना होगा।
कलेक्टर शिवम वर्मा इस नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में हैं। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासनहीनता और समय की बर्बादी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर द्वारा पिछले दिनों किए गए औचक निरीक्षण और नदारद कर्मचारियों को थमाए गए नोटिसों ने यह साफ कर दिया है कि अब केवल कागजों पर हाजिरी नहीं चलेगी। इंदौर के सभी सरकारी दफ्तरों में अब हाजिरी के लिए चेहरा स्कैन करना अनिवार्य कर दिया गया है।
शासन के निर्देशों के अनुसार, कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर आधार आधारित उपस्थिति प्रणाली और कार्ड पंच मशीनें लगा दी गई हैं। इसके साथ ही मोबाइल ऐप के जरिए भी उपस्थिति दर्ज करने की सुविधा दी गई है, जिससे हर कर्मचारी की उपस्थिति का डेटा सीधे मुख्यालय तक पहुंचेगा।
सामान्य प्रशासन विभाग के संशोधित नियमों के बाद अब सरकारी अमले को सोमवार से शुक्रवार तक पूरे 8 घंटे की सक्रिय ड्यूटी देनी होगी, जबकि शनिवार और रविवार का अवकाश पूर्ववत रहेगा। कलेक्टर शिवम वर्मा की इस सख्ती से अब उन कर्मचारियों में हड़कंप है जो अक्सर दफ्तरों से नदारद रहते थे।
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