मुख्यमंत्री के सामने किया चौंकाने वाला खुलासा: किसकी लापरवाही और किस कारण से गई 8 की जान
KHULASA FIRST
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज शहर पहुंचे। जब वे परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे तो परिजनों ने इस मामले में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। श्रद्धांजलि सभा में पीड़ित परिवारों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने इस दौरान फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस सेवाओं पर सवालिया निशान लगाए।
भीषण आग में चली गई 8 लोगों की जान
उल्लेखनीय है कि बुधवार को इंदौर की ब्रजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में लगी भीषण आग ने आठ लोगों की जान ले ली। इससे पूरे शहर में शोक और आक्रोश का माहौल है। घटना के एक दिन बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त परिवारों के बीच बैठकर उनका दुख साझा किया। इस दौरान आयोजित श्रद्धांजलि सभा भावुक माहौल में तब बदल गई जब पीड़ित परिवारों ने प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।
बेटे ने कहा - समय पर नहीं मिली राहत
मनोज पुगलिया के बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय पर राहत कार्य होते तो उसके पिता की जान बचाई जा सकती थी। सौरभ ने आरोप लगाया कि फायर ब्रिगेड देर से पहुंची, कई दमकल खाली थीं और कुछ फायर कर्मी नशे की हालत में थे। उन्होंने यह भी बताया कि पानी के टैंकर समय पर नहीं पहुंचे और राहत टीम घटनास्थल की बजाय दूसरी जगह चली गई।
एंबुलेंस सेवाओं पर भी सवाल उठाए
इस दौरान परिजनों से मुख्यमंत्री के साथ बातचीत में इसके साथ ही एंबुलेंस सेवाओं पर भी सवाल उठाए गए। सौरभ के अनुसार, एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची, जिससे घायलों को तत्काल उपचार नहीं मिल सका और जानें चली गईं।
सीएम ने मीडिया से कही ये बात
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल औपचारिकता निभाने नहीं, बल्कि पीड़ित परिवारों के दुख में सहभागी बनने आए हैं। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए थे और अब सरकार जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
सरकार हर परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ
सीएम ने आश्वासन दिया कि मध्य प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने प्रशासन को राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल
इंदौर का यह दर्दनाक अग्निकांड न केवल जनहानि का कारण बना, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर गया है। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस त्रासदी के जिम्मेदारों को सामने ला सकती है।
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