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एक साथ जली सात चिताएं: बहू और मासूमों की भी मौत; नम आंखों से दी अंतिम विदाई

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मार्च 2026, 1:47 pm
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एक साथ जली सात चिताएं

8 मौतों के बाद सरकार सख्त

जांच के लिए उतरी विशेषज्ञों की टीम

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बंगाली चौराहे के पास ब्रजेश्वरी एनेक्स में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर की रूह को कंपा दिया। इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुए शॉर्ट सर्किट से भड़की आग ने देखते ही देखते हंसते-खेलते दो परिवारों में मौत का तांडव मचा दिया। इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले 8 अपनों का कल गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। तिलक नगर मुक्तिधाम में जब एक साथ सात चिताएं जलीं और एक मासूम बच्चे के शव को

दफनाया गया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखों से आंसू निकल आए।

हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एमवाय अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के बाद जब शव एम्बुलेंस से कॉलोनी में पहुंचे तो पूरे इलाके में मातम पसर गया। इस हादसे ने मनोज पुंगलिया (65), उनकी बहू सिमरन पुंगलिया (30), विजय सेठिया (65), उनकी पत्नी सुमन (60), बेटी टीना (35), नातिन राशि (12), नाती तनय (06) और रिश्तेदार विजय (32) की जान ले ली। मनोज और सिमरन का शव उनके निवास पर लाया गया।

विजय सेठिया और उनके परिवार के अन्य सदस्यों के शव सीधे मुक्तिधाम ले जाए गए। इस मंजर ने सुरक्षा के दावों और प्रशासनिक सतर्कता की हकीकत का खुलासा कर दिया है। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वे अंदर ही फंस कर रह गए।

अंतिम संस्कार के दौरान जैन समाज सहित शहर के हजारों लोग शामिल हुए। विधायक महेंद्र हार्डिया, सत्यनारायण पटेल, पार्षद राजेश उदावत और नंदकिशोर पहाड़िया सहित कई जनप्रतिनिधियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। विजय सेठिया, जो अपना कैंसर का इलाज कराने इंदौर आए थे उन्हें क्या पता था कि बेटी के घर का यह प्रवास पूरे परिवार के लिए काल साबित होगा।

प्रशासन अब भले ही जांच की बात कर रहा है, लेकिन घर में रखे कमर्शियल गैस सिलेंडरों के ब्लास्ट और बिजली गुल होने से उपजे हालातों ने मौत का जो तांडव मचाया उसने इंदौर के इतिहास में एक कभी न भूलने वाला जख्म दे दिया है।

इस भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। हादसे में आठ लोगों की असामयिक मृत्यु पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन और विशेष डीजी आदर्श कटियार तत्काल इंदौर पहुंचे और घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया।

प्रशासनिक स्तर पर इस हादसे को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान एसीएस अनुपम राजन ने स्पष्ट किया कि घटना के हर तकनीकी पहलू की विस्तृत जांच की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने बताया कि इस जांच में आईआईटी के विशेषज्ञों और तकनीकी जानकारों के साथ-साथ फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जा रही है।

जांच का मुख्य केंद्र बिंदु इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के दौरान होने वाले शॉर्ट सर्किट और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। प्रशासन अब विशेषज्ञों के साथ मिलकर एक नई मानक संचालन प्रक्रिया तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसे जल्द ही लागू किया जाएगा।

इंदौर अग्निकांड पीएम मोदी ने जताया शोक, मुआवजे का ऐलान
इस भीषण अग्निकांड में आठ लोगों की असामयिक मृत्यु पर दु:ख जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संवेदनाएं प्रकट की हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी संदेश में उन्होंने कहा कि इस घटना में हुई जनहानि से वे अत्यंत व्यथित हैं और शोकाकुल परिजन के साथ खड़े हैं।

उन्होंने हादसे में झुलसे लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की। प्रधानमंत्री ने केवल शोक ही नहीं व्यक्त किया, बल्कि प्रभावितों की आर्थिक मदद के लिए तत्काल कदम भी उठाए हैं। प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजन को 02-02 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की गई है।

इसके साथ ही इस भीषण आग में घायल हुए लोगों के बेहतर उपचार के लिए प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। स्थानीय प्रशासन और बचाव टीमें मौके पर राहत कार्यों में जुटी हुई हैं और घायलों को समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

चिंगारी नहीं, लापरवाही लील गई 8 लोगों की जिंदगी
कल तड़के हुए भीषण अग्निकांड की अब और भयावह तस्वीर सामने आई है कि मनोज पुंगलिया के घर में केमिकल और रबर का सामान रखा हुआ था। आशंका है कि इन्हीं ज्वलनशील वस्तुओं के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा मकान भट्ठी बन गया। बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार से आग की शुरुआत हुई थी, लेकिन अंदर केमिकल, रबर और अन्य सामान ने लपटों को तेज कर दिया।

घटना के बाद क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर घर में इतना ज्वलनशील सामान न रखा होता, तो शायद आग इतनी तेजी से नहीं फैलती। अब इस हादसे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं—क्या घर को गोदाम बना दिया गया था, और क्या यही लापरवाही इतने बड़े मौतकांड की वजह बनी?

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