खबर
Top News

कृषि उपज मंडी समिति सचिव ने कहा- प्रशासन करेगा नो इंट्री का समय बढ़ाने और पुलगेट खोलने का निर्णय: किसानों का हित सर्वोपरि; वे ही समूची व्यवस्था का आधार: खेड़े

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 मार्च 2026, 4:15 pm
273 views
शेयर करें:
कृषि उपज मंडी समिति सचिव ने कहा- प्रशासन करेगा नो इंट्री का समय बढ़ाने और पुलगेट खोलने का निर्णय

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
नवागत कृषि उपज मंडी समिति सचिव ओमप्रकाश खेड़े का कहना है कि उनके लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। वे ही हमारी समूची व्यवस्था का आधार हैं। व्यापारी नो इंट्री का वक्त बढ़ाने, पुलगेट खोलने और अनुज्ञा की राशि निरस्त करने की मांग कर रहे हैं, जो प्रशासन और मंडी बोर्ड का विषय है। इस मामले में हम कुछ नहीं कर सकते।

खेड़े ने खुलासा फर्स्ट को बताया वे खंडवा में चार साल रहे व मंडी की व्यवस्थाएं सुधारीं, जिसका लाभ किसानों को मिल रहा है। हमारे लिए किसान सबसे महत्वपूर्ण हैं। मैंने आते ही छावनी अनाज मंडी के व्यापारियों से किसानों को 2 लाख रुपए तक का भुगतान नकद करने को कहा था। इस पर कुछ व्यापारियों ने ही अमल किया। किसान दूरदराज के स्थानों से यहां आते हैं और यदि उन्हें अपनी उपज के बदले नकद भुगतान मिल जाए तो बड़ी आसानी होगी। व्यापारियों को मना रहे हैं।

खेड़े ने बताया कल व्यापारियों ने एसोसिएशन के पदाधिकारी मनोज काला व अन्य के नेतृत्व में अचानक मंडी बंद का आह्वान कर दिया था। उन्होंने धरना भी दिया, जबकि वे जो मांग कर रहे हैं, उसका निदान मंडी समिति नहीं कर सकती। वह प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस का मामला है।

वे कह रहे हैं कि मंडी में भारी वाहनों की इंट्री का समय बढ़ाया जाए। इस पर मंडी समिति नहीं, बल्कि मंडी बोर्ड फैसला करेगा। व्यापारियों को बोर्ड के पास जाकर अपनी समस्या बताना चाहिए। दूसरी मांग पुलगेट खोलने की है। हमने व्यापारियों के आग्रह पर ही इसे बंद किया था।

12 अगस्त 2024 को मंडी समिति की अपर कलेक्टर व भारसाधक अधिकारी रोशन राय की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में साफ कर दिया था कि पुलगेट को व्यापारियों की मांग पर ही बंद किया गया है और अब वे पुन: चालू करने की मांग कर रहे हैं तो वो संभव नहीं, क्योंकि पुलगेट चालू होने की स्थिति में मंडी में असामाजिक तत्वों का प्रवेश होने लगेगा और आपराधिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी।

सब्जी मंडी में फुटकर दुकानदारों को स्थान देंगे... खेड़े ने बताया चोइथराम सब्जी मंडी में फुटकर दुकानदारों के लिए स्थान आरक्षित करने पर विचार कर रहे हैं। जो फुटकर दुकानदार अपेक्षित नहीं हैं, उन्हें हटाने का अभियान कल रात्रि में चलाया गया।

इस दौरान बड़ी संख्या में फुटकर दुकानदारों के ठेले-गुमटी हटवाए गए। साथ ही ढाबों की चेकिंग भी की जा रही है, जहां अवैध शराब, मादक पदार्थों की जांच करके उन्हें बंद कराया जा रहा है।

अनुज्ञा राशि निरस्त करने की मांग अनुचित
बैठक में इंदौर अनाज-तिलहन व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल, मंत्री वरुण मंगल भी उपस्थित थे। कहा गया कि हमने टूव्हीलर के आने-जाने के लिए एक छोटा-सा रास्ता दिया है। वैसे भी ये मामला ट्रैफिक पुलिस का है। इस पर वही उचित निर्णय ले सकती है। तीसरा मामला अनुज्ञा की राशि 14 दिन में जमा कराने का है।

ये अवधि पर्याप्त होती है, लेकिन व्यापारी मांग कर रहे हैं कि इस राशि को निरस्त कर दिया जाए, जो संभव नहीं है। यदि व्यापारी इस मामले में कोई राहत चाहते हैं तो उन्हें मंडी बोर्ड के पास जाना चाहिए। बोर्ड ही इस मामले में फैसला कर सकता है।

संबंधित समाचार

टिप्पणियाँ

अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!