बायपास की कॉलोनियों में तेंदुए की सर्चिंग जारी: तेंदुए को पकड़ऩे के लिए लगाए गए पिंजरे में मुर्गा रखा; फिर भी पिंजरा खाली
खुलासा फर्स्ट, इंदौर । बायपास की कॉलोनियों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। लोग घरों में डरकर दुबके हुए हैं। वहीं वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुआ अब तक पिंजरे में नहीं फंसा है। इससे सहारा...
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बायपास की कॉलोनियों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। लोग घरों में डरकर दुबके हुए हैं। वहीं वन विभाग ने दो पिंजरे लगाए हैं, लेकिन तेंदुआ अब तक पिंजरे में नहीं फंसा है। इससे सहारा सिटी सहित आसपास के क्षेत्र में तेंदुए का खौफ बना हुआ है।
खुलासा फर्स्ट ने सबसे पहले खुलासा किया था कि बायपास की कालोनियो में वन्यजीवों का खतरा बढ़ गया है। इसके बाद वहां तेंदुआ का मूवमेंट देखा गया। इस बात की जानकारी वन विभाग को मिली तो उन्होंने सहारा सिटी में पिंजरा लगाया।
इसमें तेंदुआ फंस गया, लेकिन उसकी साथी मादा तेंदुआ अब तक वन विभाग की पकड़ में नही आई है। इससे बायपास की कॉलोनियों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है।
लोग डर के मारे घरों में कैद होकर रह गए हैं। हालांकि वनविभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए दो पिंजरे लगा रखे हैं, जिनको हर दिन तेंदुए की मूवमेंट के हिसाब से अलग-अलग शिफ्ट किया जा रहा है, लेकिन कई दिनों की मशक्कत के बाद भी तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा है।
सहारा सिटी के रहवासी की मानें तो सोमवार सुबह तेंदुआ देखा गया, जो सहारा सिटी की ओर से घूमकर दूसरी ओर निकल गया। इस बात की जानकारी मिलने के बाद एक बार फिर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर पिंजरे शिफ्ट करने की योजना बना रही है।
अफसर लापरवाह ; तेंदुए के डर से हजारों लोग दहशत में
शहर की बायपास की कॉलोनियों के आसपास के क्षेत्र में तेंदुए का मूवमंेट होने से हजारों लोग दहशत में हैं। वहीं वन विभाग के वन मंडलाधिकारी सहित उप वनमंडलाधिकारी लापरवाह बने हुए हैं। वह तेंदुए के मूवमेंट की जानकारी देने में भी असहज हो रहे हैं। जब कि रहवासी क्षेत्र में तेंदुआ बेखौफ विचरण कर रहा है।
और वनविभाग के अफसर पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। जब कि तेंदुआ रहवासी क्षेत्र में जानवर का शिकार भी कर चुका है। इसके बाद भी वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने का अभियान अब तक तेज नहीं किया है।
मुर्गे का लालच बेअसर... बताया जाता है कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम ने जो दो पिंजरे लगाए हैं, उनमें तेंदुए को शिकार का लालच देने के लिए मुर्गे रखे हैं, जबकि मुर्गा का शिकार तेंदुए को ज्यादा पसंद नही है। ऐसा माना जाता है कि तेंदुए को सबसे ज्यादा कुत्ते का शिकार पसंद आता है।
इसके बाद बकरी का शिकार तेंदुए पसंद करते हैं, लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने मुर्गे को पिंजरे में रखा है। इससे तेंदुआ पिंजरे के नजदीक से निकल जाता है, लेकिन शिकार के लालच में पिंजरे में नहीं फंस रहा है। हालांकि तेंदुआ किसी पर हमला करे, उससे पहले उसे पकडना जरुरी है। इसके लिए वनविभाग के अफसरों को पिंजरे में तेंदुए को लालच देने के लिए बड़ा शिकार रख सकते हैं।
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