महिला आईएएस अधिकारी के फार्महाउस जुआकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल: रडार पर एसआई और एएसआई भी; हटाए गए टीआई के साथ रह चुके हैं क्राइम ब्रांच में
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महिला आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य के मानपुर स्थित फार्महाउस पर हुए जुआकांड में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में पहले ही मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिरवे को हटाया जा चुका है। अब इंदौर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर और एक एएसआई की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
कई लोग मौके से फरार हो गए थे
घटना के दौरान जुआ अड्डे के मुख्य सरगना जगदीश राठौड़ उर्फ कूबड़ा समेत कई लोग मौके से फरार हो गए थे। साथ ही बड़ी रकम भी गायब हो गई, जबकि पुलिस केवल 13 लाख 67 हजार रुपए ही जब्त कर सकी थी। इसी को लेकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लापरवाही पर टीआई समेत तीन पुलिसकर्मी सस्पेंड
मामले में लापरवाही सामने आने पर मानपुर टीआई लोकेंद्र सिंह हिरवे को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही सब-इंस्पेक्टर मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को भी सस्पेंड किया गया है।अब जांच के दौरान इंदौर में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर और एक एएसआई की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच में साथ रह चुके हैं
सूत्रों के मुताबिक हटाए गए टीआई हिरवे पहले क्राइम ब्रांच में पदस्थ रह चुके हैं। उसी दौरान इंदौर के चर्चित एसआई और एएसआई भी उनके साथ काम कर चुके थे। बताया जा रहा है कि वहीं से इनकी आपसी पहचान और तालमेल बना था।
जुआ-सट्टा गैंग से जुड़े मामलों में चर्चा में
बताया जाता है कि संबंधित एसआई पहले भी जुआ-सट्टा गैंग से जुड़े मामलों में चर्चा में रह चुके हैं। पंढरीनाथ थाना क्षेत्र के एक मामले के बाद उन्हें महू भेज दिया गया था, जहां कई साल तक रहने के दौरान उन्होंने सट्टा-जुआ नेटवर्क में पकड़ बना ली।
जुआ-सट्टा गैंग से सांठगांठ के आरोप
सूत्रों का दावा है कि ग्रामीण इलाकों में जुआ और सट्टा चलाने वाले गिरोहों को संरक्षण देने का आरोप इन पुलिसकर्मियों पर लगता रहा है। आरोप है कि ये लोग गिरोहों को दबिश की जानकारी पहले ही दे देते हैं और जरूरत पड़ने पर आरोपियों को मौके से निकलने में मदद भी करते हैं। इसके अलावा जुआ-सट्टा चलाने वालों को ब्याज पर पैसे देने और उससे कमाई करने की भी चर्चा है।
आईपीएल से पहले सक्रिय होने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार बंबई बाजार इलाके में पुराने जुआ अड्डे को फिर से सक्रिय करने की तैयारी चल रही थी। वहीं क्रिकेट सट्टे का बाजार भी गर्म होने वाला है, क्योंकि आईपीएल का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होना है। ऐसे में सट्टा कारोबार में बड़ी रकम के लेन-देन की संभावना रहती है।
ग्रामीण इलाकों में सक्रिय गैंग
बताया जा रहा है कि इंदौर के ग्रामीण इलाकों खासकर महू और बेटमा के आसपास जुआ और सट्टा गैंग फिर सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में सिमरोल थाना क्षेत्र के ग्राम बेरछा में खेत से जुआ खेलते लोगों को पकड़ा गया था। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि कई आरोपी भाग निकले। मौके से करीब 1.98 लाख रुपए और चार कारें मिली थीं।
केयरटेकर ने कबूला लालच
इधर फार्महाउस के केयरटेकर रणजीत चौधरी ने स्वीकार किया है कि आईएएस अधिकारी को जुआ चलने की जानकारी नहीं थी। उसने लालच में आकर जुआ संचालकों से सेटिंग कर फार्महाउस उपलब्ध कराया था।
मुख्य आरोपी अभी भी फरार
जुआ अड्डे का मुख्य संचालक जगदीश राठौड़ उर्फ कूबड़ा अभी भी फरार है। घटना के दिन पुलिस ने 18 जुआरियों को पकड़ा था, लेकिन कूबड़ा अपने कुछ साथियों के साथ मौके से भाग निकला था। पुलिस के मुताबिक उसके साथ दिनेश राजपूत और सागर सेन भी फरार हुए थे और बड़ी रकम अपने साथ ले गए थे।
बड़े नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा
बताया जा रहा है कि कूबड़ा एक बड़े जुआ-सट्टा नेटवर्क से जुड़ा है, जिसका संचालन राजगढ़ और धार से जुड़े कुछ लोगों द्वारा किया जाता है। इन पर धार जिले के विभिन्न थानों में पहले से कई मामले दर्ज हैं।
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