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मोहन पर खुला भरोसा, सिंधिया व तोमर की खींचतान पर विराम: अटल जयंती पर ग्वालियर से शाह ने साधे दो बड़े सियासी लक्ष्य

महेश दीक्षित 98935-66422 खुलासा फर्स्ट, इंदौर । पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती से ‘अभ्युदय मप्र ग्रोथ समिट’ केवल निवेश और उद्योग का मंच नहीं...

Khulasa First

संवाददाता

26 दिसंबर 2025, 8:14 पूर्वाह्न
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मोहन पर खुला भरोसा, सिंधिया व तोमर की खींचतान पर विराम

महेश दीक्षित 98935-66422 खुलासा फर्स्ट, इंदौर
पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर ग्वालियर की ऐतिहासिक धरती से ‘अभ्युदय मप्र ग्रोथ समिट’ केवल निवेश और उद्योग का मंच नहीं रही, बल्कि यह कार्यक्रम राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद अहम संदेश देने वाला साबित हुआ। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस मंच से एक ओर जहां मध्यप्रदेश के औद्योगिक भविष्य का रोडमैप रखा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में चल रही तमाम राजनीतिक अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि जिस मप्र को कभी दिग्विजय सिंह के शासनकाल में बीमारू राज्य कहा जाता था, उसे शिवराज सिंह चौहान ने उस छवि से बाहर निकाला और अब मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव नई ऊर्जा और विजन के साथ प्रदेश को विकसित राज्यों की कतार में खड़ा कर रहे हैं। शाह का यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि यह साफ संकेत था कि भाजपा नेतृत्व पूरी तरह मोहन यादव के साथ खड़ा है।

शाह ने कहा कि संतुलित और क्षेत्रीय विकास किसी भी राज्य की असली ताकत होता है। गुजरात में ‘वाइब्रेंट गुजरात’ से निवेश समिट की परंपरा शुरू हुई, लेकिन मप्र में डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्रीय निवेश समिट की अवधारणा को जमीन पर उतारकर यह दिखा दिया कि विकास अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहेगा।

ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव इसका जीवंत उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मप्र आज बिजली उत्पादन में सरप्लस राज्य बन चुका है। मजबूत सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक गलियारे, एमएसएमई और स्टार्टअप के अनुकूल वातावरण ने प्रदेश को निवेशकों के लिए भरोसेमंद गंतव्य बना दिया है।

पीएम मित्र पार्क के 5-एफ विजन-फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन, का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि इससे किसानों को बेहतर दाम और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।

मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा अभ्युदय मध्यप्रदेश ग्रोथ समिट प्रदेश को निवेश, रोजगार व समावेशी विकास का नया माडल देने जा रही है। सरकार ने 18 नई उद्योग अनुकूल नीतियां लागू की हैं। लैंड बैंक विकसित किया है और जल, बिजली व लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाओं को मजबूत किया है।

उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिया कि सरकार उद्योग स्थापना से विस्तार तक हर कदम पर उनके साथ खड़ी रहेगी। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के तमाम नेताओं और देश के प्रमुख उद्योगपतियों की मौजूदगी ने समिट को और वजनदार बना दिया। लेकिन मंच पर ग्वालियर-चंबल संभाग के धुरविरोधी नेताओं की यह एकजुट तस्वीर अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी थी।

सिंधिया–तोमर साथ आए, खींचतान की अटकलों पर विराम
समिट के मंच पर ज्योतिरादित्य सिंधिया और नरेंद्र सिंह तोमर की एकसाथ मौजूदगी भी राजनीतिक तौर पर अहम रही। ग्वालियर-चंबल अंचल में दोनों नेताओं के बीच खींचतान की चर्चाएं लंबे समय से चल रही थीं। शाह ने दोनों को एक मंच पर लाकर यह संकेत दिया कि भाजपा में व्यक्तिगत समीकरण नहीं, बल्कि संगठन और विकास सर्वोपरि है। इससे न केवल अंदरूनी असंतोष की अटकलों पर विराम लगा, बल्कि क्षेत्र में एकजुट नेतृत्व का संदेश भी गया।

मप्र की राजनीति को स्थिरता का साफ संदेश
ग्वालियर दौरे के जरिए अमित शाह ने यह स्पष्ट कर दिया कि मप्र में नेतृत्व को लेकर कोई संशय नहीं है। मंच से मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की खुलकर सराहना कर उन्होंने प्रदेशः में चल रही राजनीतिक चर्चाओं और संभावित बदलावों की अटकलों पर विराम लगा दिया। शाह का यह संदेश सत्ता और संगठन, दोनों के लिए था कि प्रदेश की कमान सुरक्षित हाथों में है और सरकार पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रही है।

ये खास रहे उपस्थित
कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता जयभान सिंह पवैया, मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर, तुलसीराम सिलावट, नारायण सिंह कुशवाह, चेतन्य काश्यप, एंदल सिंह कंसाना, सांसद भारत सिंह कुशवाह, अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालसिंह आर्य और भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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