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इस दिन सूर्य होगा भूमध्य रेखा पर सीधा: दिन-रात बराबर नहीं होते; दिशा होती है सटीक

KHULASA FIRST

संवाददाता

19 मार्च 2026, 4:46 pm
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इस दिन सूर्य होगा भूमध्य रेखा पर सीधा

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
खगोल विज्ञान की महत्वपूर्ण घटना मार्च इक्विनॉक्स इस साल 20 मार्च को हो रही है। इस दिन सूर्य ठीक पूर्व दिशा से उदित होकर पश्चिम में अस्त होगा और भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर दिखाई देगा। राष्ट्रीय अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के अनुसार, इस घटना को लेकर आम लोगों में कई भ्रांतियां हैं, जिन्हें समझना जरूरी है।

क्या है मार्च इक्विनॉक्स
20 मार्च को भारतीय समयानुसार शाम 8:16 बजे वह क्षण आएगा, जब सूर्य खगोलीय भूमध्य रेखा को दक्षिण से उत्तर की ओर पार करेगा। इस स्थिति में पृथ्वी का झुकाव ऐसा होता है कि सूर्य सीधा भूमध्य रेखा के ऊपर आ जाता है। इस दिन सूर्योदय ठीक पूर्व दिशा में और सूर्यास्त ठीक पश्चिम दिशा में होता है। यह घटना साल में केवल दो बार—मार्च और सितंबर में होती है।

दिन-रात बराबर होने की गलतफहमी
सारिका घारू बताती हैं कि आमतौर पर मार्च इक्विनॉक्स को दिन और रात बराबर होने की घटना बताया जाता है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। दरअसल, दिन और रात लगभग बराबर होने की स्थिति 15 मार्च के आसपास ही बन चुकी थी। इस घटना को “इक्वीलक्स” कहा जाता है। इक्विनॉक्स में मुख्य बात दिन-रात की अवधि नहीं, बल्कि सूर्य की दिशा होती है—जब वह बिल्कुल पूर्व से उदित और पश्चिम में अस्त होता है।

पृथ्वी के झुकाव का विज्ञान
पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.4 डिग्री झुकी हुई है। इसी झुकाव के कारण पूरे वर्ष सूर्य की स्थिति उत्तर से दक्षिण की ओर बदलती रहती है। जून में उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर झुका रहता है, जबकि दिसंबर में दक्षिणी गोलार्द्ध को अधिक सूर्य प्रकाश मिलता है। मार्च और सितंबर में सूर्य भूमध्य रेखा के ठीक ऊपर होता है, जिससे यह संतुलन बनता है।

इस दिन क्या खास रहेगा
20 मार्च को सूर्य ठीक पूर्व से उदित होकर पश्चिम में अस्त होगा। यह खगोलीय संतुलन साल में सिर्फ दो बार देखने को मिलता है। इस साल इसके बाद अगली बार यह स्थिति 23 सितंबर 2026 को बनेगी। खगोल विज्ञान में इस बिंदु को “फर्स्ट प्वाइंट ऑफ एरीज” कहा जाता है, जो गणनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

मध्यप्रदेश के शहरों में दिन की अवधि
20 मार्च को प्रदेश के अधिकांश शहरों में दिन की अवधि लगभग 12 घंटे 6 मिनट के आसपास रहेगी। भोपाल में सूर्योदय 6:24 बजे और सूर्यास्त 6:31 बजे होगा। उज्जैन में 6:31 से 6:37 बजे तक, नर्मदापुरम में 6:23 से 6:30 बजे तक दिन रहेगा। रायसेन, सागर और छिंदवाड़ा में भी दिन की अवधि लगभग 12 घंटे के आसपास ही रहेगी, जबकि 15 मार्च को ही कई शहरों में दिन-रात लगभग बराबर हो चुके थे।

दिन-रात बराबर होने की घटना मानना अधूरा सच
मार्च इक्विनॉक्स को केवल दिन-रात बराबर होने की घटना मानना अधूरा सच है। यह दरअसल सूर्य की सटीक दिशा और पृथ्वी की स्थिति का अनोखा संतुलन है, जो खगोल विज्ञान के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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