एनेस्थीसिया के ओवरडोज से नर्स की मौत: चार साल से लिव-इन में रह रही थी युवती
खुलासा फर्स्ट, भोपाल। एक 30 वर्षीय नर्स ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती जेके हॉस्पिटल में नर्स थी। लिव-इन में रह रही थी युवती मृतका की...
Khulasa First
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, भोपाल।
एक 30 वर्षीय नर्स ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। युवती जेके हॉस्पिटल में नर्स थी।
लिव-इन में रह रही थी युवती
मृतका की पहचान मेघा यादव (30) के रूप में हुई है। मेघा पिछले 4 साल से रूपेश साहू नामक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी।
शादी की बात तय हो चुकी थी
परिजनों के मुताबिक, दोनों के बीच शादी की बात तय हो चुकी थी, लेकिन पिछले कुछ महीनों से रूपेश ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया था, जिससे मेघा गहरे मानसिक तनाव में थी।
भाई बनकर अस्पताल में छोड़ा
बुधवार की रात जब मेघा की तबीयत बिगड़ी, तो रूपेश उसे लेकर जेके हॉस्पिटल पहुँचा। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल के रिकॉर्ड में उसने खुद को मेघा का 'मुंहबोला भाई' बताया और उसे भर्ती कराकर वहां से फरार हो गया।
मोबाइल आ रहा स्विच ऑफ
परिजनों के अस्पताल पहुँचने से पहले ही रूपेश गायब हो चुका था और उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा है।
परिजनों का आरोप
भाई राजा यादव का कहना है कि रूपेश शादी का झांसा देकर 4 साल से उसकी बहन के साथ रह रहा था, लेकिन पिछले एक महीने से उसने बातचीत बंद कर दी थी।
पुलिस की जांच जारी
कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी के अनुसार, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्ग कायम कर लिया है। फोरेंसिक टीम ने मेघा के कमरे से कुछ मेडिकल उपकरण और एनेस्थीसिया की सामग्री बरामद की है।
सुसाइड से पहले आखिरी कॉल
मौत से कुछ घंटे पहले मेघा ने अपने भांजे से फोन पर सामान्य बातचीत की थी। तब तक किसी को भनक नहीं थी कि वह इतना बड़ा आत्मघाती कदम उठाने वाली है। पुलिस अब रूपेश की तलाश कर रही है ताकि मौत की असल वजह पता चल सके।
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