अब तुलसी नगर में नलों से आ रहे गंदे और बदबूदार पानी से रहवासी परेशान: भागीरथपुरा कांड से नहीं लिया नगर निगम ने सबक
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
शहर के भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई लगभग तीन दर्जन मौतों के बाद भी नगर निगम के जिम्मेदारों ने सबक नहीं लिया। भागीरथपुरा में दूषित जहरीले पानी की घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, लेकिन निगम के जिम्मेदार अफसर अब भी बेफिक्र गहरी नींद में हैं।
इसके चलते शहर के अन्य इलाकों में भी कुछ ऐसे ही हालात निर्मित होने की आशंका है। शहर के कई हिस्सों में अब भी नलों से गंदा व बदबूदार काला पानी आने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन निगम अफसरों व जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार अनदेखी की जा रही है।
शहर के पॉश क्षेत्र में शुमार तुलसी नगर के रहवासी भी नलों से गंदा व बदबूदार पानी आने की तमाम शिकायतें कर चुके, लेकिन हालात जस के तस हैं।
भागीरथपुरा में जहरीले पानी से बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने व कई मौतों के बाद मचे हड़कंप को देख उम्मीद जागी थी कि अब शहर में जल व्यवस्था पर सख्त निगरानी होगी, लेकिन शहर के हालात बताते हैं कि निगम ने उक्त समस्या से निपटने के लिए कोई ठोस प्रयास शुरू नहीं किए।
नलों से आने वाला पानी इतना गंदा है कि पीना तो दूर, दैनिक उपयोग में लेना भी खतरे से खाली नहीं है। तुलसी नगर क्षेत्र में हाईराइज इमारतें खड़ी हो चुकी हैं, कई मॉल भी निर्माणाधीन हैं।
पासपोर्ट ऑफिस खुलने के बाद क्षेत्र में लगातार आवाजाही बढ़ गई है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के लिए रहवासी परेशान हैं। नगर निगम को मानों केवल राजस्व वसूली से मतलब है। पानी या प्रॉपर्टी टैक्स का बकाया होने पर निगम की पीली गैंग तुरंत घरों के सामने पहुंच जाती है, लेकिन जब नागरिक टैक्स के बदले साफ पानी और बुनियादी सुविधा मांगते हैं तो उनकी आवाज निगम के बहरे तंत्र तक नहीं पहुंचती।
रहवासी बाजार से पानी खरीदकर बुझा रहे प्यास
रहवासियों का आरोप है कि तुलसी नगर में नलों से रोजाना नालों जैसा बदबूदार और काला पानी आ रहा है। हालत यह है कि इस गंदे पानी से कपड़े धोना और नहाना जोखिम भरा हो गया है। इसके चलते ज्यादातर परिवार मजबूरी में बाजार से पानी खरीदने को मजबूर हैं।
शिकायत करने पर निगम अफसर केवल आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कुछ अफसर बेशर्मीभरा जवाब देते हुए कहते हैं कि नर्मदा कनेक्शन कटवा लो। इससे नागरिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
शहर में शुद्ध पेयजल आपूर्ति व्यवस्था ध्वस्त... एक समय देशभर में सफाई में नंबर वन का तमगा हासिल करने वाला शहर अब मूलभूत सुविधाओं के संकट से जूझता दिखाई दे रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर शहर को किसकी नजर लग गई या फिर वे कमियां, जिन्हें वर्षों तक दबाया गया, अब एक-एक कर सामने आ रही हैं। भागीरथपुरा में जहरीले पानी से हुई मौतों के बाद जहां निगम को और अधिक सतर्क होकर जल आपूर्ति व्यवस्था सुधारना चाहिए थी, वहीं हकीकत इसके उलट है।
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