कुख्यात भूमाफिया रहीम खान ने धोखे से हड़पी जमीन बिल्डरों को बेची
मामला सिंहासा की 72 बीघा भूमि का दुबई भागने की फिराक में जमीन खाऊ खुलासा फर्स्ट, इंदौर । धार रोड के ग्राम सिंहासा की 72 बीघा जमीन को धोखे से हड़पने का मामला सामने आया है। ये बरकतुल्ला पिता कुदरतुल्ला...
Khulasa First
संवाददाता

मामला सिंहासा की 72 बीघा भूमि का
दुबई भागने की फिराक में जमीन खाऊ
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
धार रोड के ग्राम सिंहासा की 72 बीघा जमीन को धोखे से हड़पने का मामला सामने आया है। ये बरकतुल्ला पिता कुदरतुल्ला की थी, जिनकी जिम्मेदारी एक भाई अमानुल्ला के पास थी। खजराना के प्रॉपर्टी ब्रोकर रहीम खान की नजर पड़ी तो उसने सभी को धोखे में रखकर न केवल जमीन हड़प ली बल्कि डोमिनिका रीयल एस्टेट के बिल्डरों विवेक चुघ, सत्यम खंडेलवाल को बेच दिया। अब पता चला है कि रहीम खान अपना सारा कामकाज समेटकर दुबई भागने की फिराक में है।
बरकतुल्ला का निधन 7 अक्टूबर 2010 को हो गया था, लेकिन इसके अगले साल छोटे भाई अजमतुल्ला की पत्नी रूबीना परवीन ने उन्हें जीवित बताकर शपथ-पत्र कोर्ट में पेश किया और इस 72 बीघा जमीन में से 49 बीघा अपने नाम करवा ली।
फर्जी पॉवर ऑफ अटार्नी का उपयोग किया। इस पर बरकतुल्ला के बेटे जफरउल्ला और बेटियों फरजाना बी, मलका बी, शहाना बी ने रूबीना के खिलाफ कोर्ट में केस लगाया।
इसके बाद खजराना के प्रॉपर्टी ब्रोकर रहीम खान ने एंट्री ली और जफरउल्ला व उनकी बहनों को भरोसा दिया न केवल जमीन वापस दिला देगा, बल्कि कोर्ट केस का निपटारा भी करवा देगा। वे जफरउल्ला को पॉवर दे दें ताकि सारे काम वो अपने स्तर पर निपटा सकें।
इसके बाद उसने झांसेबाजी शुरू की और जफरउल्ला व बहनों को धोखे में रख अपने एक व्यक्ति निजामुद्दीन बेग निवासी 241, जूना रिसाला गली नंबर 3 के पक्ष में पॉवर ऑफ अटार्नी करवा दी।
इसके बाद फिर गंदी चाल चली और जमीन की रजिस्ट्री डोमिनिका रीयल एस्टेट के कर्ताधर्ता विवेक चुघ, सत्यम खंडेलवाल के पक्ष में करवा दी। बरकतुल्ला के परिजनों ने कई बार इन बिल्डरों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन रहीम खान ने मिलने नहीं दिया।
बेग की रहस्यमय मौत
जमीन बिल्डरों के हाथ बेचने की कारगुजारी का खुलासा न हो सका, क्योंकि पॉवर ऑफ अटार्नी करवाने वाले निजामुद्दीन बेग की रहस्यमय मौत हो गई। आशंका है कि उसकी मौत के पीछ कहीं न कहीं रहीम खान का हाथ हो सकता है, क्योंकि वो अब जमीन के लिए पैसे में से एक रुपया भी निजामुद्दीन को नहीं देना चाहता था।
खातों से पैसा दिलवाया और फिर ले लिया
रहीम खान ने जमीन बिल्डरों को बिकवाने के 6 महीने बाद बरकतुल्ला के बेटे जफरउल्ला व सिर्फ दो बहनों के खातों में 2023 मे पैसा डलवाया। दूसरे ही दिन रहीम ने ये पैसा निजामुद्दीन बेग के खाते में डलवाया और तुरंत निकाल भी लिया। ये काम बेहद शातिराना तरीके से किया जिसे रहीम के साले जावेद ने अंजाम दिया।
शेष में से 14.5 बीघा पर अमानुल्ला का नाम
शेष 23 बीघा जमीन में से 14.5 बीघा जमीन बरकतुल्ला के भाई अमानुल्ला के नाम है जो उसने धोखाधड़ी कर हड़पी थी। उसका इंतकाल हो चुका है लेकिन जीते-जी भरोसा दिया था जमीन बरकतुल्ला के बेटे-बेटियों को लौटा देगा लेकिन उसके इंतकाल के बाद बेटे शराफतुल्ला, किफायतुल्ला और फतहउल्ला ने जमीन लौटाने के बजाय अपने नाम करवा ली।
शेष जमीन में से 3.5 बीघा अजमतुल्ला की है और इतनी ही जफरउल्ला के पास है। जो जमीन जफरउल्ला के पास है, उसमें भी रहीम खान ने दांव कर दिया। जफरउल्ला ने किसी पार्टी से सौदा किया था लेकिन रहीम ने ये जमीन डोमिनिका को रजिस्ट्री करवा दी और सारा पैसा खुद हजम कर गया। रहीम ने अपनी घटिया हरकतें यहीं नहीं रोकी, उसने जमीन का सौदा करने वाली पार्टी से सेटिंग की और जफरउल्ला पर धोखाधड़ी का झूठा आरोप लगाकर जेल भिजवा दिया।
रहीम से जमीन मांगी...उसने धोखा दिया
जफरउल्ला और उनकी बहनों ने रहीम खान से अपनी जमीन वापस मांगी थी और कहा था हमें अपनी जमीन वापस दे दो। उसका क्या करना है, ये हम तय करेंगे, लेकिन रहीम ने बदले में धोखा दिया। उसने न जमीन वापस की न पैसा दिया।
एक बार जब दबाव बनाया तो उसने पूरे परिवार को जेल भिजवाने की धमकी दी और गालियां देकर कहा अधिकारी मेरी जेब में है। मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आपको जहां जाना हो, चले जाओ। रहीम दावा करता है कागजों पर कहीं भी मेरा नाम नहीं है।
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