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ससुराल में 12 वर्षीय बेटी के हक के लिए जूझ रही मां: मायके से खाना बुलाकर पेट भरने को मजबूर

KHULASA FIRST

संवाददाता

12 मार्च 2026, 2:55 pm
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ससुराल में 12 वर्षीय बेटी के हक के लिए जूझ रही मां

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
एक तरफ देशभर में महिला सशक्तिकरण और महिला दिवस की बातें होती हैं, वहीं शहर में एक मां अपनी 12 साल की बेटी के भविष्य और हक के लिए 40 दिन से उसके ससुराल में संघर्ष कर रही है। आरोप है कि पति, ससुर और ननद ने उसे घर में रहने तो दिया, लेकिन खाना बनाने तक की अनुमति नहीं है। उसे किचन में जाने से रोक दिया गया और गैस चूल्हा जलाने की इजाजत नहीं है। मजबूरी में मां-बेटी मायके से चोरी-छिपे मंगाए खाने के सहारे किसी तरह गुजारा कर रही हैं।

जूनी इंदौर थाना क्षेत्र स्थित 70, लाड़काना नगर निवासी पीड़िता छाया मंगलानी का आरोप है कि पति मनीष मंगलानी, ससुर मनोहरलाल मंगलानी और ननद रेखा मंगलानी उसे लगातार मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वह अपनी बेटी के भविष्य और अधिकार के लिए तमाम प्रताड़नाएं सहते हुए ससुराल में डटी है, लेकिन हालात ऐसे हो गए हैं कि उसे प्रशासन से मदद की गुहार लगाना पड़ी।

प्रेम विवाह के बाद बदल गया माहौल
महिला के मुताबिक वर्ष 2013 में मनीष मंगलानी से उसका प्रेम विवाह हुआ था। शुरुआत में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन सास के निधन के बाद घर का माहौल बदल गया। महिला का आरोप है कि ससुर और ननद को यह डर सताने लगा कि वह पैतृक मकान पर कब्जा कर लेगी।

इसके चलते पति ने उसे पैतृक घर से अलग कर किराए के मकान में यह कहकर रहने भेज दिया कि वह भी उसके साथ रहेगा, लेकिन किराए के मकान में जाने के कुछ समय बाद ही माता-पिता के पास रहने चला गया और केवल मकान का किराया देना जारी रखा, जबकि बाकी सारी जिम्मेदारी पूरी तरह उसी पर छोड़ दी।

सिलाई-कढ़ाई कर बेटी की परवरिश
पति के अलग रहने के बाद महिला ने सिलाई-कढ़ाई का काम कर अपनी बेटी की परवरिश की। उस समय बच्ची काफी छोटी थी। घर चलाने और बच्ची को संभालने की जिम्मेदारी पूरी तरह महिला पर आ गई। बच्ची बड़ी होने के साथ-साथ महिला के सामने नई समस्याएं खड़ी होने लगीं।

बदनाम करने की साजिश
महिला का आरोप है कि उसे बदनाम करने के लिए ससुराल वालों ने पुलिस और कलेक्टर कार्यालय में शिकायतें भी दी हैं। उसमें कहा गया है कि वह ससुर को खाना नहीं देती, जबकि महिला का कहना है कि उसे खुद ही खाना नहीं बनाने दिया जा रहा।

सीसीटीवी से निगरानी का आरोप
महिला का कहना है कि घर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाकर उसकी और बेटी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। इन परिस्थितियों का असर उसकी 12 साल की बेटी की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।

बस, बेटी को उसका हक मिल जाए
पीड़िता का कहना है कि वह खुद कहीं भी रह सकती है, लेकिन अपनी बेटी के भविष्य के लिए यह संघर्ष कर रही है। मेरी बेटी का भी इस घर पर हक है। जब तक उसे उसका अधिकार नहीं मिल जाता, मैं यहां से नहीं जाऊंगी। अगर मुझे जबरदस्ती निकाला गया तो इसी घर के सामने धरना देकर बैठ जाऊंगी।

महिला ने प्रशासन और पुलिस से अपील की है कि उसकी व बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित कर मामले में उचित कार्रवाई की जाए, ताकि उसकी बच्ची का भविष्य सुरक्षित हो सके।

नौ महीने अंधेरे में गुजारे
पीड़िता ने बताया करीब नौ महीने पहले मकान मालिक ने बिजली कनेक्शन काट दिया। इसके चलते वह बेटी के साथ अंधेरे में रहने को मजबूर हो गई। इतने लंबे समय तक बिना बिजली के रहने के बावजूद पति ने कोई ठोस मदद नहीं की।

समझौते की कोशिशें भी नाकाम
इन वर्षों में महिला ने कई बार ससुराल वालों से समझौते की कोशिश की। वह अपनी मां को लेकर भी ससुराल पहुंची, ताकि बच्ची के भविष्य को देखते हुए उसे अपने घर में रहने दें, लेकिन इन कोशिशों का भी कोई असर नहीं हुआ। पीड़िता का कहना है कि उसने सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और वन स्टॉप सेंटर में भी शिकायत की। हर जगह से यही जवाब मिला कि ससुराल जाने से उसे कोई नहीं रोक सकता, लेकिन प्रशासन किसी को जबरदस्ती घर में भी नहीं भेज सकता।

40 दिन पहले ससुराल पहुंची
लगातार संघर्ष और अनिश्चितता के बीच करीब 40 दिन पहले महिला अपनी बेटी को लेकर ससुराल पहुंच गई। उसे उम्मीद थी कि पिता के घर में बच्ची को सुरक्षित माहौल मिलेगा, लेकिन उसका आरोप है कि ससुराल पहुंचने के बाद उसका संघर्ष और बढ़ गया। पहले पति ने धमकाकर और मारपीट कर उसे बाहर निकालने की कोशिश की, फिर उसके व बच्ची के खाने-पीने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

किचन में जाने की मनाही
महिला के अनुसार उसे किचन में जाने नहीं दिया जा रहा और अपना गैस चूल्हा तक लाने की अनुमति नहीं है। पिछले 40 दिन से वह और बेटी मायके से मंगाए खाने के सहारे गुजारा कर रही हैं। कई बार पति गुस्से में वह सामान भी छीन लेता है, जिससे मां-बेटी को भूखे रहना पड़ता है।

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