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प्रॉपर्टी के लालच में मां को कर दिया गायब: कोर्ट की शरण ले चुके किसान ने की कलेक्टर; विधायक और देहात पुलिस को शिकायत

भाइयों और भाभियों पर हत्या कर जमीन में दफनाने का आरोप शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं होने की कही जा रही बात खुलासा फर्स्ट…इंदौर । मेरे भाई और भाभियां मां से संपत्ति को लेकर विवाद करते थे। करीब सालभर पहले...

Khulasa First

संवाददाता

25 दिसंबर 2025, 10:28 पूर्वाह्न
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प्रॉपर्टी के लालच में मां को कर दिया गायब

भाइयों और भाभियों पर हत्या कर जमीन में दफनाने का आरोप

शिकायत पर भी कार्रवाई नहीं होने की कही जा रही बात

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
मेरे भाई और भाभियां मां से संपत्ति को लेकर विवाद करते थे। करीब सालभर पहले मां अचानक लापता हो गई, जो आज तक नहीं मिली। भाइयों ने भी मुझे घटना के दो दिन बाद बताया, जबकि मैं उनके घर के पिछले हिस्से में ही रहता हूं।

शंका है कि उन्होंने संपत्ति के लिए मां की हत्या का उन्हें कहीं दफना दिया है। कोर्ट की शरण ली। कलेक्टर, पुलिस से लेकर विधायक तक को शिकायत की, लेकिन अब तक मां को तलाशने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

ग्राम काजी पलासिया (खुड़ैल) निवासी अब्दुल रऊफ ने बताया कि मेरे दादा वजीर खान ने मेरे माता-पिता को उनके विवाह के समय ग्राम सिंधी बरीया (खुड़ैल) में कृषि भूमि सर्वे नं. 282 रकबा 0.7450 एवं सर्वे नं. 283/1 रकबा 0.9020 कुल रकबा 1.6470 हेक्टेयर जमीन (वर्तमान मूल्य करीब 15 से 18 करोड़ रुपए) दी थी। हम नौ भाई-बहन हैं। बहनों की शादी हो चुकी है।

14 जून 2017 को पिता अब्दुल रहिम की मौत के बाद जमीन मां नजमा बी के नाम हो गई। मां मुझसे बड़े दो भाइयों रईस कुरैशी और रमजान कुरैशी के साथ गांव में ही रहने लगी। मैं इसी मकान में पिछले हिस्से में रहता हूं।

पिता की मां के बाद मेरी मां उक्त संपत्ति को बहनों और हम सभी भाईयों में बांटना चाहती थी, लेकिन मेरे भाई और भाभी हमेशा संपत्ति उनके नाम करने के लिए मां से झगड़ते रहते थे।

इस बीच 12 सितंबर 2024 की दोपहर से मां नजमा बी अचानक गायब हो गई, जो कि आखिरी बार भाई रमजान और रईस के घर पर थी। किसी ने उन्हें घर से निकलते नहीं देखा। मां के लापता होने के बारे में भाइयों ने मुझे 14 सितंबर को बताया। इसी दिन उन्होंने खुड़ैल थाने में मां की गुमशुदगी भी दर्ज कराई।

साथ ही मुझे पता चला कि इसी दिन रफीक, उसकी पत्नी रुबीना व परिवार के अन्य सदस्य शाम को बिना किसी कारण, बिना किसी को बताए दिल्ली चले गए, जबकि उन्हें मां नजमा बी के गुम होने कि खबर थी।

मुझे शंका है कि रफीक, रूबीना बी, रईस और रमजान ने साजिश के तहत संपत्ति के लिए मां नजमा बी पति अब्दुल रहिम का अपहरण कर उनकी हत्या कर मृत शरीर को नष्ट कर दिया या कहीं दफना दिया है। मामले में शिकायत पर भी पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

मैंने मोर्चा खोला तो मुझ पर ही लगा रहे इल्जाम
खुड़ैल पुलिस ने भी 15 जनवरी 2025 को दिए हाईकोर्ट के आदेश (रीट याचिका नंबर 33075/2024) पर परिवार के कुछ लोगों ने बयान दिए और संपत्ति विवाद में रफीक कुरैशी, उसकी पत्नी रुबीना, रईस व और रमजान पर हत्या कर मृत शरीर को ठिकाने लगाने के आरोप लगाए।

बावजूद इसके पुलिस ने उक्त आरोपियों के कथन इस दिशा में नहीं लिए। मैंने 22 फरवरी 2025 को लिखित शिकायत करने खुडै़ल थाने गया तो मुझसे आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया। इसके चलते मैंने 26 मई 2025 को कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में शिकायत की।

कलेक्टर ने देहात एसपी को जांच के लिए निर्देशित किया। हाल ही में मैंने 25 नवंबर को भी आला पुलिस अफसरों से शिकायत की है। इसके चलते आरोपी रफीक, उसकी पत्नी रूबीना बी, रईस और रमजान हम पर ही मां को गायब करने और ग्राम सिंधी बरौदा की जमीन अपने नाम करवाने के आरोप लगा रहे हैं। ये तक कह रहे हैं कि हमने उच्च अधिकारियों से सारा मामला तय कर लिया है। तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।

अखबारों में इनाम देने का विज्ञापन तक दिया
मैंने भी मां नजमा बी को आस-पास गांव, रिश्तेदारी में व अजमेर में, यहां तक कि कब्रिस्तानों में भी ढूंढा। अखबारों में मय फोटो इश्तेहार देकर ढूंढ कर लाने वालों को इनाम तक देने कि घोषणा कि लेकिन मां का आज तक कोई पता नहीं चला।

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