लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: रिश्वत लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार; इस एवज में मांगी घूस
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, जबलपुर।
जिला पंचायत में रिश्वतखोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। दो साल पहले खुद रिश्वत लेते पकड़े गए एक सचिव से, हाईकोर्ट के आदेश पर बहाली के बावजूद फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर बाबू ने घूस मांग ली।
लोकायुक्त से की शिकायत
सचिव ने इस बार सीधे लोकायुक्त पुलिस का सहारा लिया और बाबू को ही ट्रैप करवा दिया। लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने जिला पंचायत के लिपिक सत्येंद्र सिंह सोलंकी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद जिला पंचायत कार्यालय में हड़कंप मच गया।
हाईकोर्ट से बहाली, फिर भी मांगी रिश्वत
सह-फरियादी सचिव आशीष दुबे वर्ष 2024 में रिश्वत के एक मामले में ट्रैप हुए थे, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। उन्होंने इस निलंबन को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। करीब आठ माह पहले न्यायालय ने बहाली के आदेश दिए थे।
बहाली की फाइल आगे बढ़ाने के लिए आशीष दुबे जिला पंचायत की स्थापना शाखा में पदस्थ लिपिक सत्येंद्र सिंह सोलंकी के पास पहुंचे, जहां उनसे 55 हजार रुपए कीमत का मोबाइल मांगा गया।
किस्तों में तय हुई रिश्वत
सचिव के एकमुश्त रकम देने में असमर्थता जताने पर लिपिक ने किस्तों में रिश्वत लेने की बात कही पहली किस्त: 5,000 रुपए, दूसरी किस्त: 10,000 रुपए (अगले माह), शेष राशि: बहाली के बाद तय हुई थी। इसकी शिकायत आशीष दुबे ने लोकायुक्त एसपी से की।
रुपए लेते ही दबोचा
शिकायत की जांच सही पाए जाने पर गुरुवार को लोकायुक्त टीम ने जिला पंचायत कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही आशीष दुबे ने पहली किस्त के 5 हजार रुपए दिए, लिपिक को मौके पर रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
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