शराब ठेकेदार अशोक अरोरा का सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण: मुख्यमंत्री से शिकायत; कानून को ठेंगा दिखाकर जनता को दी जा रही धमकियां
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, नीमच।
शहर में अपनी दबंगई और विवादित कार्यशैली के लिए कुख्यात शराब ठेकेदार अशोक अरोरा ने अब सार्वजनिक संपत्तियों को अपनी जागीर समझना शुरू कर दिया है। रसूख के नशे में चूर अरोरा पर आम जनता के इस्तेमाल वाले सरकारी रास्तों को बलपूर्वक बंद करने का गंभीर आरोप लगा है। इस तानाशाही के खिलाफ शहर के एक जागरूक नागरिक ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की है।
शिकायत में यह खुलासा किया गया है कि कैसे अशोक अरोरा ने नियमों को ताक पर रखकर सार्वजनिक मार्गों को बंधक बना लिया है, जिससे इलाके के निवासियों में भारी डर और गहरा आक्रोश व्याप्त है। शिकायत के मुताबिक, बंगला नंबर 48 स्थित हनुमान चाट भंडार से जैन भवन मार्ग की ओर जाने वाली दो मुख्य सड़कों पर अशोक अरोरा ने अवैध कब्जा कर लिया है।
इन रास्तों को लोहे के तारों और अवैध बैरिकेडिंग से इस कदर सील किया गया है। यह मार्ग छात्रों और व्यापारियों के लिए जीवन रेखा है, लेकिन इस अवैध घेराबंदी ने एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं का रास्ता भी रोक दिया है। सार्वजनिक संपत्ति को निजी फायदे के लिए इस्तेमाल करने का यह दुस्साहस स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
आरोप है कि इन सड़कों से गुजरने की कोशिश करने वाले निवासियों को डराया-धमकाया जा रहा है और उनके साथ अभद्रता की जा रही है। सीआरपीएफ रोड और बागेश्वर मंदिर के पास भी इसी तरह की अवैध हरकतों से जनता के मौलिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
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