3.37 करोड़ की जमीन कौड़ियों में निपटाई: फिर रकम घुमा दी; करण गृह निर्माण सहकारी संस्था में बड़े खेल का खुलासा
KHULASA FIRST
संवाददाता

जमीन बेचकर पैसा पत्नी और साथियों की कंपनियों में डाला
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
सहकारी संस्था की आड़ में करोड़ों की हेराफेरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें सदस्यों के भरोसे को खुलकर बेचा गया। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच में खुलासा हुआ कि करण गृह निर्माण सहकारी संस्था की करोड़ों की जमीन को बेहद कम कीमत में बेचकर रकम सुनियोजित तरीके से ठिकाने लगा दी गई।
ईओडब्ल्यू के अनुसार संस्था अध्यक्ष विजय राठी ने साजिश के तहत करीब 3 करोड़ 37 लाख रुपए की जमीन मात्र 50 लाख रुपए में बेच दिया। यह फैसला आमसभा की आड़ में लिया गया, जबकि अनुमति भी कलेक्टर गाइड लाइन के अनुसार दी गई थी।
बाद में ऑडिट में खुलासा हुआ कि जमीन का सौदा संस्था के हित में नहीं, बल्कि निजी फायदे के लिए किया गया। सदस्यों ने आपत्ति दर्ज कराई तो एंट्री को संतुलित दिखाने के लिए आरोपी ने पूरी रकम संस्था के खाते में जमा करवाई, लेकिन तुरंत ही उसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया।
जांच में सामने आया कि यह पैसा पत्नी और करीबी सहयोगियों की कंपनियों में डाला गया, जहां से बाद में नकदी निकाल ली गई। पुलिस जांच में तेजकरण इन्फ्रास्ट्रक्चर और रामकुंवर बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के खातों का उपयोग सामने आया है।
इन कंपनियों में खुद विजय राठी, उसकी पत्नी नम्रता राठी और सहयोगी जुड़े हुए थे। बैंक ट्रांजेक्शन की परतें खुलने के साथ ही पूरा घोटाला साफ होता जा रहा है, जिसमें संस्था के पैसे को सुनियोजित तरीके से निजी नेटवर्क में घुमाया गया।
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