आईएएस फार्महाउस जुआ कांड: राजनीतिक संरक्षण में फलती-फूलती रही गैंग; ये संभालते हैं सट्टे की लाइन, मास्टरमाइंड फरार
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महिला आईएएस वंदना वैद्य के फार्महाउस पर पकड़े गए जुआ कांड का मुख्य आरोपी जगदीश हड्डा राठौड़ उर्फ कूबड़ा अभी भी फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह अकेला नहीं बल्कि एक संगठित गैंग का हिस्सा है, जो कई जिलों में जुआ और सट्टे का नेटवर्क संचालित करती है।
कई वर्षों से सक्रिय है गैंग
जांच में पता चला है कि यह गैंग मूल रूप से धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र की है और कई वर्षों से सक्रिय है। धार में पुलिस की सख्ती बढ़ने के बाद गैंग ने आसपास के जिलों में ठिकाने बदलकर जुआ खिलाने और सट्टा चलाने का काम शुरू कर दिया।
ये संभालते हैं सट्टे की लाइन
जानकारी के अनुसार, इस गैंग का संचालन मनीष चाइस और भूपेंद्र जैन कांकरिया करते हैं। दोनों राजगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। कांकरिया के चंद्रशेखर आजाद नगर मार्ग स्थित मकान में ही जगदीश हड्डा किराए पर रहता था।
लगातार बदली जा रही थी जगह
गैंग में मनीष चाइस और कांकरिया सट्टे की मुख्य लाइन संभालते हैं, जबकि जगदीश हड्डा जुआ टेबल संचालित करने का काम करता है। पुलिस दबाव बढ़ने के बाद हड्डा लगातार जगह बदलता रहता है और जहां सेटिंग बनती है वहां जुआरियों को बुलाकर जुआ खिलवाया जाता है।
एक महीने से हड्डा मानपुर क्षेत्र में सक्रिय था
बताया जा रहा है कि करीब एक महीने से हड्डा मानपुर क्षेत्र में सक्रिय था और वहीं जुआ संचालित कर रहा था। गैंग के कई सदस्यों पर धार जिले के विभिन्न थानों और क्राइम ब्रांच में पहले से भी केस दर्ज हैं।
ऐसे सफेद किया जाता था पैसा
सूत्रों के मुताबिक, गैंग के एक रिश्तेदार को मंडी में अनाज व्यापारी का लाइसेंस भी दिलाया गया है। इसके जरिए जुआ और सट्टे से होने वाली कमाई को अनाज खरीदी के कारोबार के माध्यम से ब्लैक से व्हाइट में बदला जाता था।
इन पर गिरी गाज
इस मामले में लापरवाही सामने आने पर मानपुर थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह हिरवे, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को निलंबित कर दिया गया है।
आरोपी कूबड़ा फरार हो गया
पुलिस की दबिश के बावजूद मुख्य आरोपी कूबड़ा फरार हो गया। इस बीच चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि उसके करीबी साथी दिनेश राजपूत का नाम पुलिस अभी तक सामने नहीं ला रही है।
राजपूत है गैंग का सक्रिय सदस्य
सूत्रों के अनुसार, राजपूत और सागर सेन नाम का व्यक्ति उसी रात कार से फार्महाउस पहुंचे थे और वारदात के समय वहां मौजूद थे। बताया जा रहा है कि दिनेश राजपूत कूबड़ा का बेहद करीबी और गैंग का सक्रिय सदस्य है।
राजनीतिक संरक्षण में फलती-फूलती रही गैंग
सूत्रों के अनुसार वर्ष 2018 से 2023 के बीच यह गैंग सबसे ज्यादा सक्रिय रही। उस दौरान जिले के एक मंत्री का संरक्षण मिलने के कारण पूरे इलाके में जुआ टेबल, सट्टा लाइन और बुकी नेटवर्क तेजी से फैल गया था।
साल 2023 के बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलने पर धार जिले में गैंग को कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके बाद गैंग के कुछ सदस्यों ने जिले के ही एक कांग्रेसी विधायक से नजदीकियां बढ़ा लीं। बताया जा रहा है कि इसी राजनीतिक संरक्षण के कारण गैंग अब भी गुपचुप तरीके से सक्रिय है।
कई जिलों में फैला नेटवर्क
गैंग का नेटवर्क इंदौर के अलावा धार, देवास, उज्जैन, खरगोन और रतलाम जैसे जिलों तक फैला हुआ बताया जा रहा है। इस नेटवर्क में कई जुआरी, सटोरिये और कुछ हाईप्रोफाइल लोगों के जुड़े होने की भी चर्चा है।
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