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फार्म हाउस जुआ कांड बना खाकी कांड: दबिश के नाम पर सौदा; रकम लेकर फरार हुए पुलिसकर्मी

KHULASA FIRST

संवाददाता

18 मार्च 2026, 3:24 pm
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फार्म हाउस जुआ कांड बना खाकी कांड

आईजी ऑफिस के नाम पर ‘खेल’, अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्रवाई

डीवीआर गायब, सबूत मिटाने की खौफनाक साजिश?

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
आरोप है कि अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर की गई इस दबिश के दौरान ‘सेटिंग’ का खेल चला और बड़े खिलाड़ियों को रकम लेकर सुरक्षित निकाल दिया। पकडाए कुछ जुआरियों ने ग्रामीण पुलिस को बताया कि फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर भी आईजी ऑफिस के कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर एसआई और एएसआई ने गायब कर दिया, ताकि कार्रवाई का असली वीडियो सामने न आ सके। इस खुलासे के बाद पूरे मामले में पुलिस महकमे के भीतर ही हलचल मच गई है।

जानकारी के मुताबिक आईएएस वंदना वैद्य के फार्म हाउस पर 10 मार्च को हुई जुआ पार्टी पर इंदौर देहात आईजी ऑफिस के टेक्निकल सेल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने रात करीब 9:40 बजे दबिश दी थी। टीम में इंदौर कमिश्नरेट में विकास (रक्षित केंद्र) और यतेंद्र भी शामिल थे।

हैरानी है कि इनका अधिकार क्षेत्र मानपुर थाना नहीं है। न इन्हें किसी अफसर ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे, इसके बावजूद वे आईजी ऑफिस के स्कॉट के साथ पहुंच गए। दबिश रात करीब 9:40 बजे दी गई, जबकि मानपुर पुलिस को इसकी सूचना करीब दो घंटे बाद रात 11:45 बजे दी गई। हालांकि, घटनास्थल से मानपुर थाना महज 20 से 30 मिनट की दूर है।

सूत्रों का कहना है इसी दो घंटे में जुआरियों से मोटी रकम की सेटिंग हुई। जिन जुआरियों के पास ज्यादा रकम थी उन्हें मौके से भगा दिया गया। दो घंटे तक बड़े जुआरियों को बार बार अलग ले जाकर सेटिंग की गई। फार्म हाउस से मिले जुए के लाखों रुपए बैग में भरकर ले गए। पकड़े गए आरोपियों ने आरोप लगाए हैं पुलिसकर्मी विकास, यतेंद्र और साथियों ने प्लानिंग के तहत जुए की फड़ पर मौजूद बड़े खिलाड़ियों से मोटी रकम लेकर निकाल दिया।

जुए के फड़ पर करीब 40 लाख रुपए से अधिक की रकम थी, क्योंकि वहां दूसरे जिलों से आए कई बड़े व्यापारी भी जुआ खेल रहे थे। मानपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने खुलासा फर्स्ट को बताया पुलिस पहुंची तो आईजी ऑफिस के कुछ कर्मचारी मिले, लेकिन इंदौर से आए साथी पुलिसकर्मी विकास और यतेंद्र तीन साथियों के साथ रुपए से भरा बैग और फार्म हाउस का डीवीआर लेकर कार से निकल गए।

मानपुर टीआई लोकेश हीहोर मौके पर जा रहे थे तभी विकास और यतींद्र उन्हें सफेद रंग की बिना नंबर क्रेटा कार से निकलते दिखाई दिए, टीआई ने रोककर आने का कारण पूछा तो मुंह छुपाकर निकल गए।

आरोप है जुआ खिलवाने वाले मुख्य आरोपी जगदीश राठौर उर्फ कुबड़ा को आरोपी पुलिस वालों ने पैसा लेकर भगा दिया। बंद कमरे में चल रहे जुए से इतने लोगों का भाग जाना कई संदेह पैदा कर रहा है। फिलहाल जुआ खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है लेकिन कार्रवाई से पहले लाखों की बंदरबांट और मौके से रकम लेकर निकल जाने के आरोपों ने पुलिस की साख पर दाग लगा दिया।

देखना होगा वरिष्ठ अधिकारी निष्पक्ष जांच कराते हैं या नहीं। मानपुर टीआई महेंद्र मकास्रे ने बताया फरार आरोपियों की तलाश जारी है, खासकर जगदीश कुबड़ा रडार पर है। वहीं, फार्म हाउस से डीवीआर गायब कर दिया गया है। वरिष्ठ अधिकारी जांच करवा रहे है।

शिकायत लेकर आईजी ऑफिस पहुंचे जुआरी
खुलासा फर्स्ट की पड़ताल में खुलासा हुआ है पकड़ाए जुआरियों में से कुछ परसों दोपहर लूटपाट करने वाले पुलिसकर्मियों और सिविलियनों की शिकायत लेकर आईजी ऑफिस पहुंचे थे, हालांकि उन्हें डराया-धमकाया गया, जिससे वह उल्टे पैर लौट आए। हालांकि, जुआरियों ने शिकायत करने की बात कही है। उधर मानपुर टीआई और एसआई भी विवादित पुलिसवालों के खिलाफ मुखर हो गए हैं। अफसरों को पूरी जानकारी पहुंचाने में जुटे हैं।

इन पु़लिसकर्मियों को हटाया
आईएएस अधिकारी वंदना वैद्य और उनके पति अंबरीश वैद्य के आवलीपुरा स्थित फार्म हाउस पर हाईप्रोफाइल जुआ अड्डा चल रहा था। मंगलवार देर रात पुलिस ने दबिश देकर 18 जुआरियों को पकड़ा था, जिन्होंने बताया था मास्टरमाइंड जगदीश राठौर उर्फ ‘जगदीश अंकल’ कुबड़ा के बुलावे पर आए थे।

पुलिस ने 13 लाख 67 हजार 971 रुपये नकद, 30 मोबाइल और दो कारें भी जब्त बताई थी। ग्रामीण एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने मानपुर थाना प्रभारी निरीक्षक लोकेंद्रसिंह हिहोर, एसआई मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को लापरवाही के आरोप में निलंबित किया है लेकिन जुआ लूटकांड की जांच नहीं करवाई गई। सरगना जगदीश राठौर सहित करीब पांच फरार हैं।

मानपुर थाना क्षेत्र के आवलीपुरा में आईएएस वंदना वैद्य के फार्म हाउस के बहुचर्चित जुआकांड ने विस्फोटक मोड़ ले लिया है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। जिस कार्रवाई को पुलिस बड़ी सफलता बताकर प्रचारित कर रही थी, उसमें पुलिसकर्मियों पर ही ‘सेटिंग’ कर मोटी रकम की बंदरबांट और मुख्य आरोपियों को फरार कराने जैसे गंभीर आरोप लग रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि दबिश से पहले ही कुछ जुआरियों को मोटी रकम लेकर बाहर निकाल दिया गया, जबकि लाखों रुपए से भरा बैग लेकर एसआई, एएसआई सहित तीन सिविलियन मौके से निकल गए।

इस कार्रवाई में इंदौर कमिश्नरेट में पदस्थ लाइनअटैच पुलिसकर्मी विकास और यतेंद्र की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। मानपुर टीआई लोकेश हीहोर ने पुलिसकर्मियों को मौके से जाते समय रोककर आने का कारण पूछा तो वे मुंह छिपाकर भाग गए।

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