महिलाओं के हक में स्टाम्प ड्यूटी छूट बढ़ाने की मांग: सह-स्वामित्व, पारिवारिक भागीदारी और व्यावसायिक महिलाओं को भी मिले लाभ; महिला अभिभाषकों ने सौंपा ज्ञापन
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और संपत्ति में उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में अब स्टाम्प ड्यूटी में दी जा रही छूट के दायरे को बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। शहर की महिला अभिभाषकों और आम महिलाओं ने एकजुट होकर सरकार से नियमों में व्यापक बदलाव की मांग उठाई है। इस मुद्दे को लेकर महिला अभिभाषकों सरोज अग्रवाल, रानी काले, रेणुका गोखरू, बीना जाट और जया द्विवेदी के नेतृत्व में वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजुलता पटेल को ज्ञापन सौंपा गया।
महिलाओं ने मांग रखी कि वर्तमान में अकेले महिला के नाम रजिस्ट्री कराने पर जो स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी जा रही है, उसका दायरा बढ़ाया जाए। यदि महिला सह-स्वामित्व (को-ऑनरशिप) में संपत्ति खरीदती है, तो भी उसके हिस्से पर समान रूप से छूट दी जानी चाहिए।
ज्ञापन में मांग की गई है कि सह-स्वामित्व के दायरे में अभी पति, पिता, माता और ससुर को शामिल किया गया है, लेकिन इसमें सास, भाई और बहन को भी जोड़ा जाना चाहिए, ताकि पारिवारिक स्तर पर महिलाओं की भागीदारी और अधिकार मजबूत हो सके।
यह भी कि यदि कोई महिला किसी कंपनी में डायरेक्टर, संचालक या भागीदार है और संपत्ति खरीदती है, तो उसे भी स्टाम्प ड्यूटी में छूट का लाभ मिलना चाहिए। इससे व्यापार और उद्योग क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
प्रतीकात्मक पहल: बेटी ने कराया सह-स्वामित्व रजिस्ट्रेशन
कार्यक्रम का खास पहलू यह रहा कि मध्य प्रदेश में 1100 रुपए की स्टाम्प ड्यूटी पर सह-स्वामित्व का दस्तावेज कराने वाली बेटी भार्गवी द्विवेदी अपने माता-पिता के साथ उपस्थित रही। यह पहल महिलाओं की बढ़ती जागरूकता और संपत्ति में उनकी हिस्सेदारी की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
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