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साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा: अकाउंट खोलने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार; बैंक से थी सांठगांठ

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर। साइबर अपराध के खिलाफ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने डिजिटल ठगी में इस्तेमाल हो रहे “म्यूल बैंक अकाउंट” रैकेट का खुलासा करते हुए MP Online शॉप के संचालक...

Khulasa First

संवाददाता

24 दिसंबर 2025, 9:32 पूर्वाह्न
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साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा

खुलासा फर्स्ट, ग्वालियर।
साइबर अपराध के खिलाफ क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। पुलिस ने डिजिटल ठगी में इस्तेमाल हो रहे “म्यूल बैंक अकाउंट” रैकेट का खुलासा करते हुए MP Online शॉप के संचालक समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

यह रैकेट देशभर में होने वाले साइबर फ्रॉड की रकम को अलग-अलग खातों में घुमाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।

नरेन्द्र था पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार
जांच में सामने आया कि नया बाजार स्थित महाकाल MP Online शॉप का संचालक नरेन्द्र सिंह सिकरवार इस पूरे रैकेट का मुख्य सूत्रधार था। वह बैंक कर्मियों से कथित सांठगांठ कर जरूरतमंद और गरीब लोगों के दस्तावेजों पर म्यूल अकाउंट खुलवाता था। हर एक खाते के बदले उसे 1,000 रुपये कमीशन मिलता था।

मिलता था मासिक किराया
क्राइम ब्रांच की पूछताछ में यह भी सामने आया कि जिन लोगों के नाम पर ये बैंक खाते खोले जाते थे, उन्हें 5,000 रुपये प्रति माह दिए जाते थे। हालांकि खातों पर पूरा नियंत्रण रैकेट चलाने वालों का होता था। एटीएम कार्ड, चेकबुक और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी उन्हीं के पास रहते थे।

SSP को मिली थी अहम इनपुट
ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह को सूचना मिली थी कि देश में हो रहे कई बड़े डिजिटल फ्रॉड में जिन खातों का उपयोग किया जा रहा है, उनमें से अधिकांश ग्वालियर-चंबल अंचल से जुड़े हैं। इसके बाद क्राइम ब्रांच निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह कुशवाह को जांच सौंपी गई।

6 आरोपियों की गिरफ्तारी
जांच के बाद पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान इस प्रकार है। नरेन्द्र सिंह सिकरवार – संचालक, महाकाल MP Online (कंपू), अजय परिहार – नाका चन्द्रवदनी, बृजेश रजक – नाका चन्द्रवदनी, नकुल परिहार – झांसी रोड, नीकेश साहू – आमखो, कंपू, परमाल सिंह पाल – दर्पण कॉलोनी, थाटीपुर।

80 ATM कार्ड बरामद
महाकाल MP Online शॉप की तलाशी के दौरान पुलिस ने 80 अलग-अलग बैंक खातों के ATM कार्ड बरामद किए। इनमें 74 फिनो बैंक, 1-1 SBI, Union Bank, Kotak Bank, NSDL, Punjab & Sind Bank के कार्ड शामिल हैं।

इन खातों की जांच साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल के माध्यम से की गई, जिसमें अधिकांश खाते साइबर फ्रॉड से जुड़े पाए गए।

तीन महीने से सक्रिय था रैकेट
पुलिस जांच में पता चला है कि यह म्यूल अकाउंट रैकेट पिछले तीन महीनों से सक्रिय था। क्राइम ब्रांच ने शॉप से जुड़े कंप्यूटर, लैपटॉप, रजिस्टर और डाटा एंट्री रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं।

म्यूल बैंक अकाउंट क्या होते हैं?
म्यूल बैंक अकाउंट वे खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर ठग ठगी की रकम को ट्रांसफर और निकालने के लिए करते हैं। ये खाते आमतौर पर गरीब या जरूरतमंद लोगों के नाम पर खोले जाते हैं, लेकिन उनका संचालन अपराधी करते हैं।

जांच जारी
SSP धर्मवीर सिंह के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

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