कांग्रेस ढूंढ़ रही वे 6 विधायक: जिनसे पार्टी को है खतरा; राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की आशंका के चलते पार्टी में हलचल तेज
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के पास एकमात्र सीट ही रहेगी, लेकिन पार्टी के अपने तंत्र से मिली सूचना कि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, से पार्टी में हड़कंप की स्थिति है और ऐसे विधायकों की खोज शुरू हो गई है।
सबसे ज्यादा परेशान प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी हैं, जो खुद राज्यसभा जाने की जुगाड़ में हैं। क्रॉस वोटिंग हो गई तो न केवल वे सांसद बनने से वंचित रह जाएंगे, बल्कि उनकी कुर्सी को भी खतरा उत्पन्न हो जाएगा।
राष्ट्रपति के चुनाव में कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग हुई थी। तब भी कांग्रेस इन धोखेबाज विधायकों को नहीं ढूंढ़ पाई थी। अब जून में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए पार्टी को मिली अंदरूनी जानकारी में क्रॉस वोटिंग की शंका जताई गई है।
ये भी कहा गया है कि 6 विधायक इधर से उधर हो सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो कांग्रेस के हाथ से राज्यसभा की एकमात्र सीट भी जा सकती है।
अभी मप्र में राज्यसभा की तीन सीटें हैं, जिनमें से दो पर भाजपा के डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी और जॉर्ज कूरियन सांसद हैं, जबकि कांग्रेस से दिग्विजय सिंह हैं।
सिंह अब राज्यसभा जाने से इनकार कर चुके हैं। उनकी जगह कांग्रेस में नए प्रत्याशी के नाम पर मंथन चल रहा है, लेकिन इस बीच क्रॉस वोटिंग की खबर ने पार्टी में हलचल मचा दी है।
जो रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व के पास आई है इसमें क्रॉस वोटिंग के पीछे भाजपा द्वारा चुनाव का टिकट या निगम-मंडल में पद का लालच दिया जाना है।
कांग्रेस के भीतर मचे हड़कंप का पता इस बात से भी चलता है कि नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बकायदा बयान जारी किया कि भाजपा की आदत तोड़फोड़ करने की है, लेकिन हम मजबूत हैं और सीट जीतकर रहेंगे।
हालांकि भाजपा ने भी जवाब दिया है कि हमारे पास पर्याप्त विधायक हैं, तो फिर क्यों हम तोड़फोड़ करेंगे। कांग्रेस अपनी चिंता करे।
58 विधायकों की जरूरत
इस बार राज्यसभा की तीन सीटों का चुनाव 230 विधायकों के गणित पर होगा। हर प्रत्याशी को 58 विधायकों के वोट चाहिए। कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं। बीना की निर्मला सप्रे भाजपा के साथ जा चुकी हैं और अब 64 बचे हैं। हाल ही में विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाई कोर्ट द्वारा शून्य करने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है।
कोई राहत नहीं मिली तो संख्या 63 ही रह जाएगी। यानी आवश्यक 58 से 6 ज्यादा, क्योंकि मल्होत्रा का फैसला नहीं हुआ है। वहीं भाजपा के पास 164 विधायक हैं और सप्रे के साथ संख्या 165 है। बीएपी के एकमात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार पर भी भाजपा की नजरें हैं।
राष्ट्रपति चुनाव में हुआ था खेला
2022 में राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी द्रोपदी मुर्मू के पक्ष में कांग्रेस के 20 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी। तब सिंधिया के साथ भाजपा में गए 22 विधायकों और दो विधायकों के निधन के कारण कुल 24 सीटें खाली थीं। 206 सीटों के गणित पर हुए राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 52 वोटों की जरूरत थी। दिग्विजय सिंह 57 वोट पा गए थे।
सिर पर टंकी रख महिलाओं का प्रदर्शन
गैस सिलैंडरों की मूल्यवृद्धि व अनुपलब्धता के विरोध में कल शहर कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदर्शन में महिलाएं सिर पर टंकी र्रखकर शामिल हुइ। कार्यवाहक अध्यक्ष देवेंद्रसिंह यादव एवं पूर्व पार्षद रायमुनी भगत के नेतृत्व में महिलाओं ने सिर पर टंकी रखकर कीमतें कम करने और सहज उपलब्धता की मांग की।
उन्होंने पोस्टर लेकर प्रधानमंत्री व भाजपा सरकार हाय हाय के नारे भी लगाए। उनका कहना था कि सिलैंडरों के दामों में वृद्धि से घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। यदि सरकार ने जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस बड़े स्तर पर आंदोलन करेगी।
प्रदर्शन में संगीता पाल, अमृता अरोड़ा, प्राची भगत, अजय कजले, कमलेश पाठक, निहार यादव, पीयूष भिटे, राजदत्त शर्मा, दिव्यांश कजले प्रमुख रूप से मौजूद थे।
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