हाईवे पर ‘प्लास्टिक सरिया’ के दावे से हड़कंप: विकास या तकनीकी प्रयोग; काम पर उठे सवाल
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर/उज्जैन।
मध्यप्रदेश में विकास कार्यों को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। इंदौर और उज्जैन के बीच बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा एक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में चर्चा तेज हो गई है। दावा किया जा रहा है कि सड़क निर्माण में पारंपरिक स्टील सरिए की जगह प्लास्टिक या फाइबर आधारित सरिया इस्तेमाल किया जा रहा है।
कई सवाल खड़े हो गए
इस दावे के सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं-क्या सड़क निर्माण में वास्तव में प्लास्टिक आधारित सरिये का उपयोग संभव है? यदि हां, तो क्या यह स्टील जितना मजबूत और टिकाऊ है? या फिर यह कोई नया तकनीकी प्रयोग है?
विशेषज्ञों की राय
तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार दुनिया के कुछ देशों में फाइबर या प्लास्टिक आधारित रॉड का उपयोग अनुसंधान और सीमित परियोजनाओं में किया गया है। हालांकि बड़े पैमाने पर सड़क निर्माण में इसका उपयोग बेहद सीमित है और इसके लिए कड़े मानक, परीक्षण और गुणवत्ता प्रमाणन आवश्यक होते हैं।
भ्रष्टाचार की आशंका भी
इसी बीच स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने सवाल उठाए हैं कि कहीं लागत कम करने या घटिया सामग्री के इस्तेमाल की आशंका तो नहीं है। उनका कहना है कि यदि यह नई तकनीक है, तो संबंधित विभाग को इसकी पूरी जानकारी और वैज्ञानिक परीक्षण रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए।
पारदर्शिता की मांग
लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण केवल ढांचे का काम नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मानकों को लेकर पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए।
अब सभी की नजरें सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं। क्या यह आधुनिक तकनीक का प्रयोग है या फिर केवल सोशल मीडिया पर उठी एक चर्चा? क्योंकि सवाल सिर्फ एक सड़क का नहीं, बल्कि जनता के भरोसे और विकास कार्यों की गुणवत्ता का भी है।
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