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बीपीएल कार्ड बन रहा शादी में रोड़ा: ढूंढे नहीं मिल रहे जोड़े

खुलासा फर्स्ट, मंदसौर । बीपीएल कार्ड राशन और अन्य योजनाओं में तो लाभ पहुंचाता ही है, अब सात फेरे में भी काम आ रहा है। हालांकि कई के मांडे में दिक्कत आ रही है। मामला है मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का।...

Khulasa First

संवाददाता

24 दिसंबर 2025, 11:03 पूर्वाह्न
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बीपीएल कार्ड बन रहा शादी में रोड़ा

खुलासा फर्स्ट, मंदसौर
बीपीएल कार्ड राशन और अन्य योजनाओं में तो लाभ पहुंचाता ही है, अब सात फेरे में भी काम आ रहा है। हालांकि कई के मांडे में दिक्कत आ रही है। मामला है मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का। मुख्यमंत्री विवाह/कन्यादान योजना में अब सात फेरे लेने के नियमों में शासन ने बड़ा बदलाव किया है।

नई गाइड लाइन के मुताबिक इस योजना में सिर्फ बीपीएल परिवार ही भाग ले पाएंगे। जबकि अब तक किसी भी श्रेणी का परिवार योजना में शामिल होकर लडक़े-लडक़ी का विवाह करा सकता था। स्थिति है कम से कम दस जोड़ो की जरुरत इस योजना में होती है, लेकिन दस भी नहीं हो पा रहे।

नहीं बजी देवउठनी ग्यारस पर शहनाई
योजना के तहत सामाजिक संस्थाएं सामूहिक विवाह/निकाह का आयोजन कराती थी। पिछले साल से सामाजिक न्याय विभाग ने सिर्फ शासकीय एजेंसियों को ही अधिकृत किया है। नगरीय निकाय में नगर निगम, नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत के तहत ही आयोजन हो रहे हैं। तिथि देवउठनी ग्यारस, वसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और एक जिला प्रशासन स्तर पर तय की जाती है।

दस जोड़े भी नहीं मिल पाए
कम बजट में भी शादी की जाए तो खर्च लाखों तक पहुंचता है। कई मध्यमवर्गीय के साथ गरीब परिवार भी है, जिनके पास बीपीएल कार्ड नहीं है। इस कारण वह योजना का लाभ नहीं ले पा रहे। मिली जानकारी के अनुसार संबंधित एजेंसी को यह विवाह के लिए कम से कम दस जोड़े की जरुरत होती है, जो नहीं मिल पाए।

वर-वधू का हो बीपीएल कार्ड
मुयमंत्री कन्यादान योजना में सरकार द्वारा 55 हजार रुपए दिए जाते है। कन्या के खाते में 49 हजार रुपए जाते हैं वहीं, 6 हजार रआयोजनकर्ता के खाते में। सामाजिक न्याय विभाग ने 2025-26 के लिए योजना की गाइड लाइन बदली है। वर-वधू के बीपीएल कार्ड अनिवार्य किए हैं। इसके चलते सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे वाले परिवार ही लाभ ले पाएंगे। वधू का मप्र की मूल निवासी होना जरूरी है।

योजना के लिए अन्य पात्रता
वर के घर में उपयोगी शौचालय। नहीं है तो विवाह तीन माह में बनवाना अनिवार्य
बीपीएल कार्ड धारी सामान्य, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के परिवार

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