एयरपोर्ट के पास फ्यूल टैंक पर हमला: कई उड़ानों का रास्ता बदला; अमेरिकी राष्ट्रपति ने किसकी सुरक्षा में मदद मांगी
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, तेल अवीव/तेहरान।
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच सोमवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक फ्यूल टैंक को निशाना बनाकर हमला किया गया। हमले के बाद इलाके में आग लग गई, जिसके कारण सुरक्षा कारणों से कई उड़ानों को अन्य हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी संघर्ष के दौरान इस क्षेत्र को निशाना बनाया जा चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने में सहयोग देने की अपील
इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को नाटो देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सहयोगी देश इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में मदद नहीं करते हैं तो नाटो के भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
अमेरिका ने कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने सहयोगियों का साथ दिया
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ने कई अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने सहयोगियों का साथ दिया है, इसलिए अब यह देखने का समय है कि क्या वे भी इस मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन करते हैं। दरअसल, उन्होंने उन देशों से युद्धपोत और अन्य सैन्य सहयोग भेजने की मांग की है जो होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल परिवहन पर निर्भर हैं। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है।
ईरान ने दागी ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल
तनाव के बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उसने इजराइल के सैन्य और रक्षा ठिकानों को निशाना बनाते हुए ‘सेजिल’ बैलिस्टिक मिसाइल दागी।
ठोस ईंधन से चलने वाली रणनीतिक मिसाइल
यह ठोस ईंधन से चलने वाली रणनीतिक मिसाइल है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 2000 से 2500 किलोमीटर तक बताई जाती है।विश्लेषकों के अनुसार इस मिसाइल की रेंज मध्य-पूर्व के कई देशों के साथ-साथ दक्षिणी रूस, पश्चिमी चीन, भारत और हिंद महासागर तथा भूमध्य सागर के बड़े हिस्सों तक पहुंच सकती है।
यूएई में 19 भारतीयों की गिरफ्तारी
संघर्ष के बीच संयुक्त अरब अमीरात में फेक न्यूज फैलाने के आरोप में 35 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनमें 19 भारतीय भी शामिल हैं। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इन लोगों पर सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और गलत जानकारी प्रसारित करने का आरोप है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी
यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्स ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के बाद यह कदम उठाया गया है, ताकि अफवाहों और झूठी सूचनाओं के कारण किसी तरह की अशांति या भय का माहौल न बने।
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