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सजा के 2 साल बाद भी फरार है अशोक अरोरा, कर रहा अवैध धंधा: नीमच का बहुचर्चित शराब माफिया

खुलासा फर्स्ट, नीमच । यहां का बहुचर्चित शराब माफिया अशोक काश्मीरीलाल अरोरा को दो साल पूर्व कोर्ट ने विभिन्न मामलों में सजा दी, लेकिन वो आज तक पुलिस रिकॉर्ड में फरार है, जबकि वो खुलेआम बेखौफ होकर नीमच...

Khulasa First

संवाददाता

23 दिसंबर 2025, 11:35 पूर्वाह्न
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सजा के 2 साल बाद भी फरार है अशोक अरोरा, कर रहा अवैध धंधा

खुलासा फर्स्ट, नीमच
यहां का बहुचर्चित शराब माफिया अशोक काश्मीरीलाल अरोरा को दो साल पूर्व कोर्ट ने विभिन्न मामलों में सजा दी, लेकिन वो आज तक पुलिस रिकॉर्ड में फरार है, जबकि वो खुलेआम बेखौफ होकर नीमच में अपना अवैध शराब कारोबार चला रहा है। न केवल शराब, बल्कि पोस्तदाना, डोडाचूरा समेत अन्य अवैध कामों में लगा है और खुलेआम शहर में घूम रहा है।

पुलिस उस पर हाथ डालने से घबरा रही है। अरोरा ने पूरे नीमच को शराब और ड्रग्स के नशे में डुबो दिया है, लेकिन आश्चर्य की बात ये है कि न तो प्रशासन और न नेता उस पर हाथ डाल पा रहे हैं। वो बेधड़क जिसके प्लॉट पर चाहे उस पर कब्जा कर लेता है और अपनी अवैध शराब की गुमटी रख देता है।

ये मामला जुलाई 2017 में दर्ज हुआ था। जिले में अवैध शराब की तस्करी और बिक्री मामले में तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संध्या मरावी ने अशोक अरोरा समेत पांच आरोपियों को धारा 34(2) मप्र आबकारी अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास और 25,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में 27 जुलाई 2023 को दिए गए फैसले में रमेशचंद्र जोशी, बाबूलाल भील, अशोक धानुक, मुकेश खटीक और दुलीचंद्र जाट को सजा दी गई।

जबकि जुर्माना न चुकाने की स्थिति में नौ माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई गई। बाद में इन सभी आरोपियों को जमानत मिल गई, लेकिन इनके साथ ही आरोपी रहा अशोक अरोरा कोर्ट में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसे फरार घोषित कर दिया गया।

वो आज तक कोर्ट नहीं पहुंचा है और फरार ही माना जाता है। मानों पूरा प्रशासन धृतराष्ट्र बना हुआ है। उस पर कार्रवाई की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा।

तब से लेकर अब तक अशोक अरोरा पूरे नीमच में बेखौफ होकर शराब का अपना अवैध साम्राज्य चला रहा है और दिनदहाड़े वो लोगों के प्लॉट, मकान, दुकान पर कब्जा कर रहा है और उसके गुर्गे विरोध करने वाले लोगों को डराते-धमकाते हैं। उनकी शिकायत न पुलिस सुन रही है और प्रशासन का अधिकारी।

ये था मामला: 9 जुलाई 2017 को जीरन थाने में आधी रात 2.45 बजे दबिश के दौरान तत्कालीन जिला आबकारी अधिकारी बीआर वैद्य ने देशी शराब दुकान पर छापा मारा, जहां लाइसेंसी भेरूलाल के इशारे पर अवैध शराब का कारोबार चल रहा था।

बड़ी मात्रा में शराब जब्त की गई थी। मामले में भेरूलाल, अशोक कश्मीरीलाल अरोरा, राकेश कश्मीरीलाल और अंकुश अविनाश अरोरा पर धारा 173(8) के तहत केस दर्ज किया गया।

बाद में कोर्ट ने सभी को सजा दी, जबकि अशोक अरोरा फरार रहा, जो आज भी फरार ही है। बाद में इनमें से अंकुश अविनाश अरोरा की लीवर डैमेज होने के बाद मौत हो गई। बताया जाता है कि अशोक अरोरा ने उसे स्लो पायजन (जहरीली शराब) दिया था, जिससे उसका लीवर खराब हो गया था।

उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उसके रसूख के आगे पुलिस और प्रशासन पंगु ही बना रहा। जब्त शराब और नकदी का मामले से पता चलता है कि नीमच में किस तरह अशोक अरोरा और अधिकारी वर्ग के बीच साठगांठ है।

अरोरा स्कूल के नीचे, मंदिर के पास बिकवा रहा शराब: नीमच में अवैध शराब के साम्राज्य का खलनायक अशोक कश्मीरीलाल अरोरा ने अपनी पैसों की हवस में किसी को नहीं छोड़ा।

उसने जावद रोड स्थित सीएम राइज स्कूल के ठीक नीचे शराब दुकान खोल रखी है, जबकि नियम ये है कि स्कूल, मंदिर आदि के पास शराब दुकान नहीं खोली जा स्कती।

स्थिति ये है कि स्कूल में आते-जाते बच्चों का शराबियों से सामना होता है। उसके गुर्गे स्कूल में पढ़ाई को भी बाधित करते हैं। अरोरा जो कि अमोली ग्रुप के नाम से अपना अवैध शराब साम्राज्य चलाता है, ने मंदिरों के आसपास भी शराब के अवैध अड्‌डे खोल रखे हैं।

इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन न तो पुलिस और न प्रशासन का कोई अधिकारी इस स्थिति को रोकने में समर्थ हैं।

पूरे नीमच में अशोक अरोरा अपनी दादागीरी और रसूख के बल पर पूरी व्यवस्था पर कब्जा करके बैठा है और उस पर कार्रवाई करने की हिम्मत किसी की नहीं है।

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