19 करोड़ रुपए के वसूली आदेश के खिलाफ अपील: हुकुमचंद मिल स्टांप ड्यूटी मामला कमिश्नर कोर्ट में
KHULASA FIRST
संवाददाता

कांग्रेस की मांग- 60 करोड़ से अधिक ड्यूटी वसूली जाए
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
हुकुमचंद मिल जमीन की रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी चोरी का मामला कमिश्नर एवं महानिरीक्षक पंजीयक कार्यालय तक पहुंच गया है। नगर निगम द्वारा 23 मार्च 2025 को गृह निर्माण मंडल के पक्ष में की गई रजिस्ट्री पर उठे सवालों ने प्रशासनिक और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस ने 19 करोड़ रुपए की मांग को कम बताया है।
नगर निगम द्वारा हुकुमचंद मिल की संपत्ति की रजिस्ट्री 23/03/2025 को गृह निर्माण मंडल के पक्ष में की गई थी। इसमें करोड़ों की स्टापं ड्यूटी कम लगाने की शिकायत एडवोकेट एवं कांग्रेस नेता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने की थी। शिकायत की जांच के बाद वरिष्ठ जिला पंजीयक समरथमल राठौड़ ने गृह निर्माण मंडल को 28 फरवरी तक 19 करोड़ रुपए से अधिक ड्यूटी जमा करने का आदेश जारी किया है।
महानिरीक्षक पंजीयक करेंगे जांच
शिकायत महानिरीक्षक पंजीयक कार्यालय को भी भेजी गई है, जहां से स्वतंत्र जांच की संभावना है। हुकुमचंद मिल का जमीन विवाद कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर नई जंग में बदलता दिख रहा है। कमिश्नर की सुनवाई और पंजीयक विभाग की जांच इस बहुचर्चित प्रकरण की दिशा तय करेगी।
कानून सबके लिए समान
द्विवेदी ने सवाल उठाया मुद्दा यह नहीं है कि गृह निर्माण मंडल एक सरकारी उपक्रम है या पैसा सरकार के पास ही जाएगा। असली सवाल यह है कि क्या कानून सबके लिए समान है? उन्होंने आरोप लगाया सुनवाई के दौरान उनके तथ्य और प्रमाणों पर विचार नहीं किया गया।
बहस का पर्याप्त अवसर नहीं देकर प्राकृतिक न्याय की अनदेखी की गई। नियमों से परे जाकर आदेश पारित किया गया। उन्होंने पूछा 17 करोड़ 32 लाख रुपए से अधिक की स्टाम्प ड्यूटी कम क्यों लगाई गई और इसके पीछे क्या कारण हैं।
अपील से पहले 25% जमा करना अनिवार्य
वरिष्ठ जिला पंजीयक के आदेश के खिलाफ अपील करने पर गृह निर्माण मंडल को निर्धारित ड्यूटी की राशि का 25% पहले जमा करना अनिवार्य होगा। यानी 19 करोड़ से अधिक की राशि पर 25% जमा करने के बाद ही कमिश्नर स्तर पर अपील की सुनवाई संभव होगी। हालांकि, इससे पहले ही द्विवेदी कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज करा चुके हैं। ऐसे में अब कमिश्नर को दोनों पक्षों की सुनवाई करनी होगी।
60 करोड़ से अधिक स्टांप ड्यूटी की मांग
प्रमोदकुमार द्विवेदी ने राठौड़ के आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील की है। उन्होंने नियमों, वित्त सचिव के आदेशों तथा गृह निर्माण मंडल के जवाब के आधार पर दावा किया संपत्ति की कीमत 485.85 करोड़ है, जिस पर 60 करोड़ 73 लाख रुपए से अधिक स्टांप ड्यूटी बनती है।
वरिष्ठ जिला पंजीयक ने गलत और अपूर्ण आदेश दिया है, जिससे सरकार को लगभग 17 करोड़ 35 लाख रुपए का नुकसान होगा। उन्होंने अपील स्वीकार कर पूर्ण स्टाम्प ड्यूटी वसूलने की मांग की है।
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