बुजुर्ग की संपत्ति पर कब्जे का आरोप, न्याय के लिए दर-दर भटक रहा
चचेरे भाई पर मकान हड़पने और आत्महत्या की धमकी देने का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं खुलासा फर्स्ट, इंदौर । मोहनपुरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग द्वारा अपने चचेरे भाई पर मकान पर अवैध कब्जा करने और...
Khulasa First
संवाददाता

चचेरे भाई पर मकान हड़पने और आत्महत्या की धमकी देने का आरोप, शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
मोहनपुरा क्षेत्र में एक बुजुर्ग द्वारा अपने चचेरे भाई पर मकान पर अवैध कब्जा करने और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में प्रशासनिक स्तर पर शिकायत के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
पीड़ित मोहम्मद फारूक (66) निवासी बद्रीबाग कॉलोनी, इंदौर ने बताया उनका पुश्तैनी मकान मोहनपुरा, जवाहर मार्ग के पास है, जिसका नया नंबर 21/3, जबकि पुराना नंबर 18/3 है। फारूक के अनुसार चचेरे भाई मोहम्मद शाकिर उर्फ बबलू को उन्होंने केवल मानवीय आधार पर रहने के लिए मकान दिया था, लेकिन शाकिर ने उस पर कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं, बिना उनकी अनुमति के बिजली मीटर भी अपने नाम करवा लिया।
परिवारिक पृष्ठभूमि और विवाद की जड़
फारूक ने बताया शाकिर की माता का देहांत हो चुका था और पिता ने दूसरी शादी कर ली थी। इसके बाद शाकिर की परवरिश उनके माता-पिता ने की और उसकी शादी भी करवाई। उनकी माता के निधन के बाद मकान उनके नाम हो गया, लेकिन अब उसी मकान पर शाकिर कब्जा कर बैठ गया।
खुद किराए के मकान में रहने को मजबूर
पीड़ित ने बताया उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय पहले पुलिस कमिश्नर की जनसुनवाई में शिकायत की थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते वे अपने बेटे के साथ बद्रीबाग में किराए के मकान में रहने को मजबूर हैं।
धमकी और मानसिक प्रताड़ना का आरोप
9 जुलाई 2024 को कलेक्टर जनसुनवाई में भी शिकायत की थी, जहां मामला मध्यस्थता शाखा को सौंपा गया। उस दौरान 5 से 7 लाख रुपए के लेनदेन के बाद मकान खाली करने पर शाकिर सहमत हुआ था, लेकिन बाद में वह अपनी बात से मुकर गया और गालीगलौज कर हाथ-पैर तोड़ने तथा अपने परिवार सहित आत्महत्या करने की बात कहकर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देता है। लंबे समय से मानसिक प्रताड़ना के चलते वह हाई ब्लड प्रेशर और शुगर से पीड़ित हो चुके हैं।
समाज और जनप्रतिनिधियों सेभी नहीं मिली राहत
फारूक के मुताबिक मुस्लिम कारीगर समाज के पदाधिकारियों ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इसके अलावा क्षेत्रीय विधायक मालिनी गौड़ से इस मामले में मदद लेने का प्रयास किया, लेकिन मिलने का अवसर नहीं मिला। फारूक का आरोप है कि मुस्लिम होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल रहा।
अब सीएम हेल्पलाइन से उम्मीद
न्याय की आखिरी उम्मीद के तौर पर 20 दिसंबर को पीड़ित फारूक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका पंजीयन क्रमांक 35955083 है। साथ ही प्रशासन से उनके जान-माल की सुरक्षा की मांग भी की है।
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