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आवारा श्वानों के लिए शहर में बनाया जाएगा आश्रय स्थल: निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने अधिकारियों को दिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश

खुलासा फर्स्ट, इंदौर । शहर में आवारा श्वानों के लिए आश्रय स्थल बनाया जाए। इसके साथ ही आवारा श्वानों के लिए भोजन स्थलों को चिन्हित कर वहां सूचना बोर्ड लगाए जाएं। इससे नागरिक आवारा श्वानों को भोजन...

Khulasa First

संवाददाता

28 दिसंबर 2025, 8:20 पूर्वाह्न
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आवारा श्वानों के लिए शहर में बनाया जाएगा आश्रय स्थल

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
शहर में आवारा श्वानों के लिए आश्रय स्थल बनाया जाए। इसके साथ ही आवारा श्वानों के लिए भोजन स्थलों को चिन्हित कर वहां सूचना बोर्ड लगाए जाएं। इससे नागरिक आवारा श्वानों को भोजन कराने के लिए कहीं भी भोजन नहीं कराएं। ऐसा पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएं। इस तरह के कई प्रस्तावों पर निगमायुक्त सहमति जताई। जिससे शहर में आवारा श्वानो की डाग बाइट की घटनाओं को रोका जा सके।

उच्च न्यायालय द्वारा आवारा श्वानों के व्यवस्थापन एवं आवारा पशुओं के संबंध में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव के निर्देशन में स्मार्ट सिटी नेहरू पार्क में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में आवारा श्वानों एवं पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान हेतु कई निर्णय लिए गए।

निगमायुक्त दिलीप कुमार यादव ने बताया कि बैठक में आवारा श्वानों के ए.बी.सी. प्रोग्राम एवं पशुओं के प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाने, शहर में श्वान आश्रय स्थल का निर्माण किया जाए, आवारा श्वानों एवं पशुओं की निगरानी एवं त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाए, सार्वजनिक क्षेत्रों से आवारा श्वानों को सुरक्षित ढंग से पकड़ने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए, स्कूलों, कॉलेजों एवं प्रमुख चौराहों पर जन जागरण अभियान चलाया जाए, प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे छप्पन दुकान, राजबाड़ा, सराफा, रणजीत हनुमान मंदिर, खजराना गणेश मंदिर आदि से आवारा श्वानों को हटाने की कार्रवाई की जाएं, शहर के बाहर से आने वाले पशुओं (ऊंट, भेड़ आदि) के मालिकों पर कार्रवाई की जाए, जो शहर में हरियाली एवं सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं। शहर के जिन क्षेत्रों में डॉग बाइट के मामले अधिक होते है उन क्षेत्रों में सतत एवं प्रभावी ए.बी.सी. प्रोग्राम चलाया जाएं, बैनर एवं होर्डिंग के माध्यम से नागरिकों में जन जागरुकता लाई जाए, पालतू श्वान मालिकों द्वारा सार्वजनिक स्थानों अथवा सड़कों पर श्वानों से शौच कराए जाने पर चालानी कार्रवाई की जाएं। इस तरह बैठक में आवारा श्वानो पर नियंत्रण के लिए कई निर्णय लिए गए। इनसे शहर में डाग बाइट की घटनाओं में कमी आएगी।

यह हुए शामिल... बैठक में नगर निगम अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, स्वास्थ्य अधिकारी संदीप पाटोदी, ए.बी.सी. (एनिमल बर्थ कंट्रोल) प्रोग्राम प्रभारी डॉ. उत्तम यादव, कोंदवाडा विभाग, रिमूवल अधिकारी, अभिभाषक भुवन गौतम, मधुसूदन द्विवेदी, मनीष यादव, महेश गर्ग (पूर्व पार्षद), नगर निगम द्वारा ए.बी.सी. प्रोग्राम के लिए अनुबंधित संस्था वेट्स सोसायटी फॉर एनिमल वेलफेयर एण्ड रूरल डेवलपमेंट, सिकंदराबाद (हैदराबाद) से डॉ. हेमंत, संस्था रेडिक्स इन्फोरमेशन सोशल एजुकेशन सोसायटी, देवास से वरुण अग्रवाल तथा एन.जी.ओ. पीपुल्स फॉर एनिमल, इंदौर से प्रियांशु जैन शामिल हुए।

आश्रय स्थल के लिए जमीन चिन्हित...बैठक में स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. उत्तम यादव ने जानकारी दी कि नगर निगम द्वारा आवारा श्वानों के लिए शहर के कुछ क्षेत्रों में भोजन स्थल पहले ही चिन्हित कर वहां बोर्ड लगाए जा चुके हैं। श्वान आश्रय स्थल के लिए भूमि चिन्हित कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।

आवारा श्वानों के नियंत्रण एवं प्रबंधन हेतु विस्तृत कार्य योजना तैयार की गई है तथा सार्वजनिक स्थलों से आवारा श्वानों को हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके साथ ही नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने हेतु आवारा श्वानों से संबंधित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण भी किया जा रहा है।

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