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करोड़ों के घोटाले का खुलासा, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस

खुलासा फर्स्ट…इंदौर । रियल एस्टेट के नाम पर 3 करोड़ 12 लाख रुपए की सुनियोजित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बिल्डर भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और विश्वासघात की...

Khulasa First

संवाददाता

23 दिसंबर 2025, 9:37 पूर्वाह्न
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करोड़ों के घोटाले का खुलासा, ईओडब्ल्यू ने दर्ज किया केस

खुलासा फर्स्ट…इंदौर
रियल एस्टेट के नाम पर 3 करोड़ 12 लाख रुपए की सुनियोजित धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बिल्डर भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन और विश्वासघात की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक मामला ग्राम धन्नड़ स्थित उत्कर्ष पैराडाइज कॉलोनी से जुड़ा है, जहां एएम बिल्डर एंड डेवलपर्स ने 17,151 वर्गफीट भूमि पर बहुमंजिला इमारत खड़ी कर दी, लेकिन जिस जमीन पर निर्माण हुआ, उसके असली मालिक को एक रुपया तक नहीं दिया।

तीन बार जमीन ट्रांसफर- जांच में खुलासा हुआ कि यह भूमि गौतम जैन ने सिराज सिद्दीकी से वर्ष 2012 में खरीदी थी। बाद में गौतम जैन ने निर्माण के लिए एएम बिल्डर को पॉवर ऑफ अटॉर्नी दे दी। कंपनी का संचालन साजिद शेख कर रहा था। साजिद ने भुगतान के नाम पर 1.50 करोड़ रुपए के छह चेक दिए, लेकिन एक भी चेक का भुगतान नहीं हुआ। इसके बावजूद 2013 में डेवलपमेंट एग्रीमेंट कर लिया गया।

जमीन की बंदरबांट- साजिद शेख ने जमीन अपने भाई राशिद शेख को ट्रांसफर कर दी, जिसकी कंपनी बलमोईन डेवलकॉन प्राइवेट लिमिटेड है। कुछ समय बाद यही भूखंड तीसरे भाई जावेद शेख की कंपनी जेएसआर रियलिटी के नाम कर दिया गया। जावेद ने बदले में महू में 32 हजार वर्गफीट का प्लॉट देने का एग्रीमेंट किया, लेकिन रजिस्ट्री जानबूझकर नहीं की।

52 फ्लैट बनाकर बेच दिए, फिर भी कब्जा नहीं- जांच में खुलासा हुआ कि इसी विवादित भूमि पर 52 फ्लैट खड़े कर दिए गए। इनमें से कई बेच भी दिए, लेकिन खरीदारों को अब तक न कब्जा मिला और न ही कानूनी दस्तावेज। इस पूरे खेल में भूमि स्वामी और फ्लैट खरीदारों को चूना लगाया गया। 3.12 करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी आंकी गई है।

जब्ती-कुर्की की कार्रवाई भी संभावित- पीड़ित गौतम जैन (पिता गजेंद्र जैन), निवासी स्कीम-54, विजय नगर की शिकायत पर ईओडब्ल्यू ने साजिद शेख, राशिद शेख और जावेद शेख के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसी को शक है कि यह सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि बिल्डर भाइयों का संगठित रियल एस्टेट फ्रॉड नेटवर्क हो सकता है।

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