जरा सी लापरवाही बन सकती है हादसा: EV चार्जिंग में रखें इन बातों का ध्यान; इस शहर में त्रासदी में चली गई 8 लोगों की जान
KHULASA FIRST
संवाददाता

खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
बुधवार को शहर में हुए दर्दनाक हादसे ने घर पर EV (इलेक्ट्रिक वाहन) चार्जिंग की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ती EV संख्या के बीच लोग तेजी से घरों में चार्जिंग पॉइंट लगवा रहे हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही बड़ा खतरा बन सकती है। ऐसे ही हादसे में शहर में आठ लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए।
कैसे हुआ हादसा?
बंगाली चौराहे के पास एक कॉलोनी में बुधवार सुबह एक इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट का शिकार हो गई। देखते ही देखते आग भड़क उठी और आसपास फैल गई। आग की चपेट में आने से घर में रखा गैस सिलेंडर भी फट गया, जिससे पूरा मकान जलकर खाक हो गया। हादसे में आठ लोगों की जान चली गई, जबकि चार गंभीर रूप से घायल हुए।
EV चार्जिंग क्यों बन सकती है खतरनाक?
इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग में लगातार हाई वोल्टेज करंट का इस्तेमाल होता है। अगर वायरिंग, कनेक्शन या उपकरणों में जरा सी भी कमी हो, तो शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग और आग लगने का खतरा बढ़ जाता है। इंदौर की घटना इस खतरे का बड़ा उदाहरण है।
चार्जिंग पॉइंट लगवाते समय रखें ये ध्यान
सर्टिफाइड इलेक्ट्रिशियन से ही इंस्टॉलेशन कराएं
गलत वायरिंग या ढीले कनेक्शन गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।
ओरिजिनल चार्जर और केबल का इस्तेमाल करें
सस्ते या लोकल उपकरण जल्दी गर्म होते हैं और आग का खतरा बढ़ाते हैं।
अलग (डेडिकेटेड) बिजली लाइन लगवाएं
इससे ओवरलोडिंग नहीं होती और सिस्टम सुरक्षित रहता है।
सुरक्षित लोकेशन चुनें
चार्जिंग पॉइंट ऐसी जगह लगाएं जहां हवा का प्रवाह अच्छा हो और आसपास ज्वलनशील सामान न हो।
सेफ्टी डिवाइस जरूर लगवाएं
MCB और RCCB जैसे उपकरण खराबी होने पर तुरंत बिजली काट देते हैं।
अर्थिंग मजबूत रखें
सही अर्थिंग किसी भी इलेक्ट्रिकल फॉल्ट से बचाव में अहम भूमिका निभाती है।
चार्जिंग के दौरान बरतें ये सावधानियां
गाड़ी को चार्जिंग पर लगाकर लंबे समय तक बिना निगरानी के न छोड़ें।
चार्जर या केबल ज्यादा गर्म लगे तो तुरंत चार्जिंग बंद करें।
चार्जिंग के दौरान आसपास ज्वलनशील चीजें न रखें।
नमी और पानी से चार्जिंग सिस्टम को दूर रखें।
छोटी लापरवाही, बड़ा नुकसान
इंदौर की घटना एक चेतावनी है कि EV चार्जिंग को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। सही इंस्टॉलेशन और थोड़ी सावधानी अपनाकर बड़े हादसों से बचा जा सकता है।
संबंधित समाचार

कार्यकर्ताओं ने किया ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष

दो क्विंटल झालमुड़ी और 100 किलो रसगुल्ले बांटकर मनाया जीत का जश्न:विधायक गोलू शुक्ला ने रामबाग चौराहा पर किया वितरण

बिगड़ैल ट्रैफिक पर ड्रोन की नजर:अब बचना मुश्किल; पीक आवर्स में चौराहों पर सख्ती, नियम तोड़ते ही तुरंत एक्शन

विस्मृति के भंवर में व्यासचट्टी:जहां कभी ऋषियों ने रचे थे शास्त्र; आज वहां पसरा है सन्नाटा
टिप्पणियाँ
अभी कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!