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फर्जी नाम से आदिवासी युवती को मुंबई ले जा रहा था जिहादी: हिंदू जागरण मंच ने पकड़ा; आधार कार्ड में बदल रखा था नाम

मुस्लिम ने क्यों बनाया हिंदू नाम से आधार खुलासा फर्स्ट, इंदौर । आजाद नगर क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुंबई जा रही एक बस से हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध युवक को युवती के साथ...

Khulasa First

संवाददाता

24 दिसंबर 2025, 10:06 पूर्वाह्न
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फर्जी नाम से आदिवासी युवती को मुंबई ले जा रहा था जिहादी

मुस्लिम ने क्यों बनाया हिंदू नाम से आधार

खुलासा फर्स्ट, इंदौर
आजाद नगर क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मुंबई जा रही एक बस से हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने एक संदिग्ध युवक को युवती के साथ पकड़ा। युवक ने दीपक नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवा रखा था।

सख्त पूछताछ में उसकी पहचान सहीम के रूप में सामने आई। कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक युवक कथित रूप से पहचान छिपाकर एक युवती को मुंबई ले जा रहा है। इस पर हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता ट्रेवल्स ऑफिस पहुंचे और युवती से बातचीत की।शुरुआती पूछताछ में युवती ने अपना नाम बताने से इनकार किया और घबराई हुई नजर आई।

पुलिस जांच में मामला
पूरे घटनाक्रम के बाद हिंदू जागरण मंच ने दोनों को आजाद नगर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब युवती की सहमति, फर्जी दस्तावेज, पहचान छिपाने और मानव तस्करी या अन्य एंगल से जांच कर रही है।

दोनों ने की पहचान छिपाने की कोशिश
जब युवक से दस्तावेज मांगे गए तो उसने दीपक नाम का आधार कार्ड दिखाया, लेकिन शक गहराने पर सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम सहीम निवासी उत्तर प्रदेश बताया, जबकि युवती झारखंड की निकली। दूर-दराज़ के राज्यों से होने के बावजूद शुरुआती पूछताछ में युवक-युवती दोनों ही अपनी पहचान छिपाने का प्रयास करते हुए गोलमोल जवाब देते रहे। इससे कार्यकर्ताओं का शक और गहरा गया और दोनों को पुलिस के हवाले करनी की बात कही तो युवती ने खुद को पहले क्रिश्चियन बताया।

आदिवासी होने का दावा
हिंदू जागरण मंच के सह-संयोजक प्रशांत वर्मा ने बताया युवक ने दो से तीन बार अपना नाम बदला, जिससे लोगों को संदेह हुआ और संगठन को सूचना दी। कार्यकर्ताओं के अनुसार युवती ने किरण टोप्पो नाम का आधार कार्ड दिखाया, जिसमें पता ग्राम सिधौर, बाराबंकी (यूपी) दर्ज था। हालांकि पहले वह खुद को क्रिश्चियन बता रही थी। जब कोई प्रार्थना सुनाने या क्रिसमस ईव के फोटो दिखाने को कहा तो असहज होकर अपने साथी सहीम की ओर देखने लगी। बाद में उसने खुद को आदिवासी बताया।

मोबाइल में मिले बुर्के के फोटो
कार्यकर्ताओं का दावा है कि युवक के मोबाइल में बुर्के पहनी महिलाओं के फोटो भी मिले, जिससे संदेह और गहरा गया।

मुंबई क्यों जा रहे थे? जवाब नहीं
पूछताछ में युवती यह स्पष्ट नहीं कर सकी कि वह सहीम के साथ मुंबई क्यों जा रही थी। वहीं सहीम भी यह नहीं बता पाया कि उसने दीपक नाम से फर्जी आधार कार्ड क्यों बनवाया।

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