विस्फोटक अधिनियम की कार्रवाई पर उठे सवाल दीपावली के बाद सामने आई प्रशासनिक कार्रवाई की खामियां
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Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
जिले में विस्फोटक अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई को लेकर कई गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। दीपावली पर्व बीतने के कुछ समय बाद अब प्रशासन द्वारा वैध-अवैध पटाखा फैक्ट्रियों, व्यापारियों और गोदामों पर की गई कार्रवाई की वास्तविक स्थिति का खुलासा होने लगा है। खजराना जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखा मार्केट में हुए अग्निकांड से सुरक्षा व्यवस्थाओं का खुलासा भी हुआ है।
छह स्थानों पर एक साथ छापामार कार्रवाई
आग की घटना के बाद एसडीएम द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति सामने लाई गई। सार्वजनिक सुरक्षा के तहत इंदौर जिले के हातोद, सांवेर, बिचौली हप्सी, राऊ और देपालपुर सहित कुल छह स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई। इस दौरान बड़ी मात्रा में बारूद और अवैध पटाखे जब्त किए गए। कई फैक्ट्रियों, गोदामों और दुकानों को सील कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। साथ ही अवैध निर्माण ध्वस्त किए।
अधिकारी-जमीन मालिक के बीच सौदेबाजी की चर्चा
सूत्रों के अनुसार कार्रवाई के दौरान जमीन मालिक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। बताया जाता है पूर्व में भी इसी जमीन पर अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित होने पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन तब भी संचालक को बचा लिया गया था। इस बार भी अधिकारियों और जमीन मालिक के बीच कथित सौदेबाजी की चर्चा है। एक विभाग द्वारा धनराशि लिए जाने की जानकारी भी सामने आ रही है।
गृह विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन
दीपावली के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लगाए गए अस्थायी पटाखा बाजारों में राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन किया गया था। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था।
टेंडरधारी की लापरवाही
अस्थायी पटाखा व्यापारियों के लिए टीन शेड मार्केट निर्माण में टेंडरधारी द्वारा गंभीर अनियमितताएं की गईं। दुकानों के बीच निर्धारित 3 मीटर की दूरी नहीं रखते हुए शेड आमने-सामने बनाए गए। इसके अलावा पानी की टंकी और रेत जैसी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी नहीं थीं। इन अव्यवस्थाओं को लेकर पुलिस ने सुरक्षा कारणों से पटाखा बाजार बंद करवा दिया, जिससे प्रशासन और टेंडरधारी की कथित साठगांठ का खुलासा हुआ।
गंधवानी अग्निकांड के बाद सख्ती के निर्देश
धार जिले के गंधवानी में पटाखा बाजार में लगी भीषण आग के बाद इंदौर कलेक्टर ने विस्फोटक नियम 2008 के तहत सभी सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश एसडीएम को दिए थे। इसके बावजूद दीपावली के दौरान पटाखा बाजारों एवं गोदामों में विस्फोटक अधिनियम के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने में संबंधित अधिकारी पूरी तरह विफल रहे। निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ, लेकिन कलेक्टर एवं एडीएम स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
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