दूषित गजक मिलने पर दो दुकानें सील
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Khulasa First
संवाददाता
खुलासा फर्स्ट, इंदौर।
ठंड के मौसम में सबसे ज्यादा खाई जाने वाली गजक भी शहर में दूषित मिल रही है। कल खाद्य विभाग ने दो स्थानों पर गजक निर्माण दुकानों पर छापा मारा, जहां बहुत गड़बड़ियां मिलीं। दोनों दुकानों को सील कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि तलावली चांदा में लैब का उद्घाटन करते वक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने खाद्य विभाग को निर्देश दिए हैं। कल विभाग की टीम ने दूषित गजक बनाकर बेच रही दुकानों पर कार्रवाई की।
नेताजी सुभाष मार्ग स्थित मां दुर्गा गजक भंडार पर न केवल गंदगी मिली, बल्कि गजक में प्रयुक्त होने वाली सामग्री भी अस्वच्छ थी।
संचालक मुकेश राठौर ने बताया कि गजक, दानापट्टी आदि का निर्माण कर छोटे गजक विक्रेताओं को सप्लाई करता है। यहां न केवल परिसर में गंदगी मिली, बल्कि सामग्री भी दूषित थी। यहां से नमूने लेकर दुकान को सील कर दिया गया।
जांच के लिए नमूनों को भोपाल भेजा
ऐसी ही कार्रवाई 56/12 पाटनीपुरा स्थित जय मां दुर्गा गजक भंडार पर की गई। यहां गंदगी के बीच गजक का निर्माण बिना वैध खाद्य लाइसेंस के किया जा रहा था।
यहां भी गंदगी थी और प्रयुक्त होने वाली सामग्री भी अस्वच्छ थी। नमूने लेकर दुकान को सील कर दिया गया। मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
सभी लिए गए नमूनों को विस्तृत जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा गया है।
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